सूबे के सभी लोगों को सुरक्षा देना मेरा लक्ष्य: ओपी सिंह

23 दिन बाद मिला सूबे को तेजतर्रार डीजीपी
ज्वाइनिंग के बाद बोले हमारी कोशिश रहेगी जनता पुलिस के कामों से हो खुश, यूपी का
डीजीपी बनना मेरे लिए गर्व की बात

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डीजीपी पद पर तैनाती को लेकर पिछले कई दिनों से जारी कशमकश समाप्त हो गई। यूपी पुलिस के नए महानिदेशक ओपी सिंह ने आज अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। पुलिस मुख्यालय में सलामी लेने के बाद श्री सिंह ने एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार से चार्ज लिया। चार्ज ग्रहण करने से पहले डीजीपी हनुमान मंदिर पहुंचे और दर्शन-पूजन किया।
डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि यूपी की कानून व्यवस्था अच्छी है। इसे और बेहतर करेंगे। कई चुनौतियां हैं, जिनसे निपटना होगा। उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा राज्य है। यहां का पुलिस बल बहुत बेहतर है। सूबे की जनता को सुरक्षित महसूस करना हमारी प्राथमिकता है। कोई समय सीमा तय नहीं है मगर हमारी टीम का यही प्रयास होगा कि राज्य की जनता सुरक्षित महसूस करे। सरकार की मदद से हम पुलिस को और भी प्रोफेशनल बनाएंगे। जहां-जहां जरूरत होगी वहां वरीयता से काम किया जाएगा।
गौरतलब है कि ओपी सिंह डीजी सीआईएसएफ का पद छोडक़र यूपी वापस आ गए हैं। नए डीजीपी ओपी सिंह को रविवार को केंद्र से रिलीव कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें डीजीपी पद सौंपे जाने का औपचारिक आदेश जारी किया गया। नए डीजीपी के राजधानी पहुंचने के बाद पुलिस के आलाधिकारी उन्हें सुबह से ही पुष्पगुच्छ देकर बधाई देते नजर आये। यूपी डीजीपी की रेस में बड़ा फेरबदल करते हुए आईपीएस ओपी सिंह को डीजीपी बनाया गया है।

डीजीपी ओपी सिंह के पास है काफी अनुभव

लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क)। डीजीपी ओपी सिंह के पास काफी लंबा अनुभव है। वे पिछले साल सितंबर से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के प्रमुख की भूमिका निभा रहे थे। उनको सीआईएसएफ के कामकाज की व्यवस्था में बड़े बदलावों का श्रेय दिया जाता है। सीआईएसएफ का प्रमुख बनने से पहले वे राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे। एनडीआरएफ में उन्होंने कई बार अपने लोगों का नेतृत्व किया। श्री सिंह अल्मोड़ा (उत्तराखंड), खीरी, बुलंदशहर, लखनऊ, इलाहाबाद और मुरादाबाद के एसएसपी रह चुके हैं। खीरी में उनका सबसे लंबा कार्यकाल डेढ़ वर्ष रहा। सबसे पहले बतौर ट्रेनी एएसपी वाराणसी में उनकी पहली नियुक्ति हुई थी। वीरता के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक से नवाजे जाने वाले वर्तमान में वे एकमात्र डीजी रैंक के अधिकारी है। एनडीआरएफ में कुछ बेहतरीन मानक संचालन प्रक्रियाओं की शुरुआत करने का श्रेय भी ओपी सिंह को दिया गया है।

क्रांतिकारियों के शौर्य और बलिदान से मिली देश को आजादी: सीएम योगी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 122वीं जयंती पर राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवर्तन चौक स्थित सुभाष चौराहे पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। सीएम योगी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में याद किये जाते रहेंगे। बोस ने कहा था कि देश की स्वाधीनता भीख मांगने से नहीं मिल जाती। भारत जमीन का केवल टुकड़ा नहीं है, ये जीवंतता व क्रांति की
प्रतिमूर्ति है। क्रांतिकारियों के शौर्य व बलिदान से हमें आजादी मिली है।
सीएम ने कहा कि भारत की स्वाधीनता सुभाष चंद्र बोस का लक्ष्य था। उन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन किया। उन्होंने भारत की आजादी के लिए विश्व की बड़ी ताकतों को साथ लिया। आजाद हिंद फौज से ब्रिटिश हुकूमत कांप गई थी। उनका नारा उस समय के नौजवानों के लिए मंत्र बन गया था। उन्होंने नारा दिया था, तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा। सुभाष चंद्र बोस भारतीयता की पहचान हैं। आज भी युवा उनसे प्रेरणा ग्रहण करते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस को यूपी की 22 करोड़ जनता की तरफ से नमन। कहा जाता था कि अंग्रेजों के राज्य में सूर्य हमेशा कहीं न कहीं दिखता रहता है ऐसे सूर्य को सुभाष चंद्र बोस ने चुनौती दी थी। उनके पास अद्भुत संगठन शक्ति थी। श्री नाईक ने कहा कि सुभाष चंद्र ने देश के बाहर भी लोगों को संगठित किया। सुभाष चंद्र बोस ने उस वक्त नारा दिया दिल्ली चलो। इन नारों से देश को नई ऊर्जा देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीयता की पहचान हैं। आज भी युवा उनसे प्रेरणा ग्रहण करते हैं। वह ऐसे वीर सैनिक थे, जिनकी गाथा इतिहास सदैव गाता रहेगा। ‘इस मौके पर कई मंत्री और विधायक भी मौजूद रहे।

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