इंवेस्टर्स समिट को यादगार बनाने के लिए अफसरों ने संभाला राजधानी में मोर्चा

तैयारियों व सुविधाओं के लिए बनाया गया वार रूम
मुख्यमंत्री की टाइमलाइन पर काम पूरा करने में जुटे अधिकारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। एनेक्सी का भूतल स्थित आईआईडीसी का सभाकक्ष वार-रूम में तब्दील हो गया है। यहां करीब दो दर्जन एक्सपट्र्स व अफसरों की टीम इन्वेस्टर्स समिट-2018 की अलग-अलग जिम्मेदारियों से जुड़े काम कर रही है। समिट तैयारियां समय से पूरी हों और इस दौरान किसी प्रकार की कमी न हो इसके लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) के निर्देशन में वार-रूम ने मोर्चा संभाल लिया है। यहां हर काम के लिए अलग-अलग एक्सपट्र्स को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें अर्नेस्ट एंड यंग, उद्योग बंधु, एनआईसी व शासन के अधिकारी शामिल हैं। सरकार ने इन्वेस्टर समिट के 11 फोकस सेक्टर तय किए हैं। इसमें सिविल एविएशन, आईटीज, डेयरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, टूरिज्म, एमएसएमई, इन्फ्रास्ट्रक्चर, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, फिल्म, हैंडलूम टैक्सटाइल्स व एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों से जुड़े अलग-अलग काम की डेडलाइन दी है। हर टीम अपने काम टाइमलाइन से पहले पूरा कर आगे बढ़ रही है। यह काम अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय की मार्निंग मीटिंग के साथ वार-रूम की गतिविधियां शुरू होती हैं। प्रस्तावित कार्यों का फॉलोअप, दिन के काम का एजेंडा तय करने के साथ ही हर टीम की जिम्मेदारी तय कर दी जाती है। टीम लीडर की जिम्मेदारी शाम तक एजेंडे का काम पूरा कर रिपोर्ट देने के साथ पूरी होती है। शाम की मीटिंग में टास्क की समीक्षा के साथ टाइमलाइन से जुड़े कार्यों का फॉलोअप होता है। 21-22 फरवरी को होने वाली समिट में देश-दुनिया के नामी उद्योगपतियों, निवेशकों और राजदूतों के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेपाल व मॉरिशस के प्रधानमंत्री शामिल हो सकते हैं। योगी सरकार बनने के बाद यूपी में यह पहला आयोजन हो रहा है। मुख्यमंत्री खुद इसकी तैयारियों पर नजर रख रहे हैं। इसीलिए वार-रूम की टीम प्रतिदिन 13 से 14 घंटे काम कर रही है।
वार रूम में फैसेलिटेशन डेस्क बनाया गया है। इसमें उद्योग बंधु के रामेंद्र कुशवाहा, विवेकानंद व अर्नेस्ट व यंग की ओर से चंदन शर्मा व गौरव पांडेय को जिम्मेदारी दी गई है। यह टीम किसी इन्वेस्टर के आते ही पता करेगी कि वह किस सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं। इसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारी, जिले के कलेक्टर व जरूरत हो तो आईआईडीसी व मुख्य सचिव से भी समय लेकर मुलाकात कराने का काम करेगी। एक टीम यह पता लगा रही है कि कौन सा जिला किन-किन सेक्टर के लिए उपयुक्त है। टीम जिलेवार प्रोजेक्ट प्रोफाइल तैयार करेगी। इसमें संबंधित प्रोजेक्ट पर नई निवेश नीति के तहत किस-किस तरह की सहूलियतें मिल सकती हैं, इसकी भी जानकारी होगी। निवेशकों को ये प्रोजेक्ट प्रोफाइल उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं अर्नेस्ट एंड यंग के एक-एक कंसल्टेंट एक-एक सेक्टर लेकर उनसे जुड़े विभागों से समन्वय कर रहे हैं। ये संबंधित सेक्टर का प्रोजेक्ट प्रोफाइल बनाने से लेकर समिट के मद्देनजर विभाग की तैयारियों में वार रूम से ही सहयोग कर रहे हैं।

लैंडबैंक जुटाने की अलग टीम
मुख्यमंत्री ने हर जिले में उद्योगों की स्थापना को ध्यान में रखकर तैयारी का निर्देश दिया है। इसके लिए लैंडबैंक की जरूरत होगी। सभी कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं। वार रूम की एक टीम कलेक्टरों से समन्वय कर लैंडबैंक की जानकारी अपडेट कर रही है। यही टीम औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लैंडबैंक की सूचना जुटाने के साथ उनके द्वारा इसे बढ़ाने के काम की भी मॉॅनीटरिंग करेगी। मुख्यमंत्री ने सभी समितियों से उनको सौंपे गए कार्य को सफलता पूर्वक संपन्न कराने की कार्ययोजना टाइमलाइन के साथ मांगी है। यह समिति संबंधित समितियों से समन्वय कर रही है और उनकी प्रगति पर नजर रखेगी।

वेबसाइट में नई सुविधाओं पर एनआईसी कर रहा काम

एनआईसी के एक्सपट्र्स समिट के लिए तैयार वेबसाइट में नई-नई सुविधाएं जोडऩे में जुटे हैं। इस वेबसाइट पर समिट के बारे में पूरी जानकारी होगी। इन्वेस्टर अपना प्रोजेक्ट भी रजिस्टर कर सकेंगे। प्रोजेक्ट रजिस्टर होते ही वह संबंधित विभाग तक पहुंच जाएंगी और उसे किस प्रमुख सचिव या सचिव के पास भेजा गया है, इसकी जानकारी तत्काल निवेशक को मिलेगी। इससे अधिकारी व निवेशक एक दूसरे से संवाद स्थापित कर सकेंगे। निवेशक ने यदि निवेश के लिए किसी जिले विशेष का उल्लेख किया है तो वहां के डीएम को इसकी जानकारी पहुंच जाएगी। इसके अलावा और भी सुविधाएं वेबसाइट पर रहेंगी।

मेहमानों को न्यौता

समिट में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के अलावा नेपाल व मॉरिशस के प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार के 14 मंत्री और दर्जनों देशों के राजदूत व इन्वेस्टर्स आमंत्रित किए जा रहे हैं। उद्योग बंधु के अधिकारी वली अब्बास व ईएंडवाई के डीपी दास की टीम मुख्यमंत्री, औद्योगिक विकास मंत्री, मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की ओर से जिन मेहमानों को आमंत्रण भेजे गए हैं, उनके कार्यालय से संपर्क कर रही है।

सीसीटीवी कैमरे रखेंगे गतिविधियों पर नजर
समिट के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाएंगे। पूरे शहर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा। प्रशासन ने शहर में 70 ऐसी जगहों को चिन्हित किया है, जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए पूरे शहर से होर्डिंग्स हटाने का काम शुरू हो गया है।

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