अगर पत्रकार हंगामा न करते तो गिरफ्तार न होते पत्रकार नवलकांत के हमलावर

एडीजी कानपुर अविनाश के रिश्तेदार बताये जा रहे थे हमलावर
बड़े अफसर के एक फोन पर शांत हो गई थी पुलिस
18 घंटे बाद सूबे के जानेमाने पत्रकारों ने नवल के समर्थन में जमकर किया हंगामा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। गोमतीनगर में गाड़ी में मामूली टक्कर लगने को लेकर हुई कहासुनी के बाद शुक्रवार की रात एक टेलिकॉम कंपनी के मैनेजर व एडीजी कानपुर अविनाश के रिश्तेदार ने वरिष्ठ पत्रकार नवलकांत पर जानलेवा हमला किया। बेखौफ बदमाशों ने उनकी गाड़ी का इंदिरानगर तक पीछा किया और सिर पर तमंचे की बट मारकर घायल कर दिया। बदमाशों ने उनके पास जो भी कैश था उसे लूट लिया। हमलावर खुद को एडीजी का रिश्तेदार बताकर भाग निकला। इस घटना के आंदोलित राजधानी के पत्रकारों ने पुलिस और प्रशासन पर लगातार दबाव बनाया। मामले को प्रमुख सचिव गृह से लेकर सीएम योगी तक पहुंचाया। वहीं सीएम और शासन स्तर के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला आने पर दबाव में आई पुलिस ने दो घंटे के अंदर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। 
इंदिरानगर निवासी वरिष्ठ पत्रकार नवलकांत सिन्हा शुक्रवार की रात गोमतीनगर स्थित अपने दफ्तर से घर लौट रहे थे। उनका कहना है कि हुसडिय़ा चौराहे के पास टाटा सफारी सवार युवकों ने उनकी कार में पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगने पर उन्होंने विरोध किया तो टाटा सफारी में सवार गुडम्बा के कल्याणपुर निवासी वैभव सिंह व उनके ड्राइवर नीरज ने अभद्रता शुरू कर दी। नवल किसी तरह गाड़ी लेकर शहीद पथ होते हुए भूतनाथ मार्केट के पास पहुंचे, लेकिन आरोपित उनका पीछा करते हुए वहां तक आ गए। 
कार को ओवरटेक कर उन्हें भूतनाथ के पास रोक लिया। इसके बाद आरोपितों ने नवलकांत पर तमंचे की बट से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। आरोपितों ने उनका पर्स भी छीन लिया और 20 हजार रुपये की मांग करने लगे। इस घटना के बाद नवलकांत ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गाड़ी के नंबर के आधार पर आरोपितों को तलाशा और शनिवार को वैभव व नीरज को गिरफ्तार कर लिया। 
गौरतलब है कि वैभव एक टेलिकॉम कंपनी में मैनेजर और नीरज उसका ड्राइवर है। पकड़े जाने पर वैभव ने खुद को एडीजी कानपुर अविनाश का रिश्तेदार बताकर पुलिस पर रौब गांठने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस को पत्रकारों के दबाव के आगे झुकना पड़ा। पुलिस ने वैभव को उसके हमलावर साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है कि नवलकांत पर हमले की घटना से पूर्व भी प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश के अन्य कई हिस्सों पर पत्रकारों पर हमला करने और उनकी हत्याकी वारदातें सामने आती रही हैं। इन घटनाओं को सीधे तौर पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के हमले के रूप में देखा जा रहा है। इसलिए पत्रकार एकजुट हो रहे हैं। वह अपनी सुरक्षा की लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं।

लोकप्रिय पत्रकार हैं नवल

नवलकांत सिन्हा काफी लोकप्रिय पत्रकार हैं। वह बेहद सरल स्वभाव के हैं। इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट दोनों विधाओं में समय-समय पर उनके विचार प्रसारित और प्रकाशित होते रहते हैं। नवल ने अपने चुटीले व्यंग्य लेखन से लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। इसी वजह से उन पर हमले की खबर आने के बाद आक्रोशित पत्रकारों का समूह थाने पहुंच गया। पत्रकारों ने तत्काल पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों के बात कर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी। तब जाकर हमलावर गिरफ्तार किया गया।

पत्रकारों को मिले सुरक्षा: संजय शर्मा

उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के उपाध्यक्ष संजय शर्मा ने पत्रकारों पर हो रहे हमले की घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। संजय शर्मा ने पत्रकारों पर हो रहे हमले की घटनाओं की निन्दा करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब पत्रकार ही डरे रहेंगे तो वह समाज और जनता की बातों को आम जन तक निष्पक्षता से कैसे पहुंचा सकें।

 
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