प्रदेश में कई और जिलों के डीएम का हटना तय

गोरखपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सुलतानपुर समेत कई जिले सूची में शामिल
अधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायतों को लेकर गंभीरता से हो रही कार्रवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश सरकार सूबे में प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने में कोताही बिल्कुल भी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। इसलिए सरकार अपनी मंशा के अनुरूप काम नहीं करने वाले अधिकारियों और जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर चाबुक चलाने लगी है। प्रदेश सरकार ने झांसी और चित्रकूट के मंडलायुक्तों को हटाने के साथ ही आठ जिलों के डीएम और तीन एडीएम को बदल दिया लेकिन अभी कई और जिलों के डीएम को हटाने की तैयारी है। बहुत जल्द आईएएस अधिकारियों के तबादले की अगली सूची जारी हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक 2002 बैच के सात आईएएस अधिकारियों को नई तैनाती दी जा सकती है। इसमें मेरठ के डीएम समीर वर्मा, मुजफ्फरनगर के गौरी शंकर प्रियदर्शी, गोरखपुर के राजीव रौतेला, महोबा के राम विशाल मिश्रा, सुलतानपुर के हरेंद्रवीर सिंह, झांसी के कर्णसिंह चौहान और बिजनौर के जगतराज सुपरटाइम वेतनमान (आयुक्त एवं सचिव) स्तर पर पदोन्नत हो गए हैं। इसलिए बताया जा रहा है कि शासन ने गोरखपुर महोत्सव व गोरखनाथ मंदिर के प्रसिद्ध खिचड़ी मेले के आयोजन के मद्देनजर गोरखपुर के डीएम राजीव रौतेला को छोडक़र बाकी छह को वर्तमान पदों से हटाकर पदोन्नति वाले अन्य पदों पर भेजने और इनके स्थान पर नए अधिकारियों की तैनाती का फैसला कर लिया है। इसके अलावा विभिन्न स्तर से कई जिलों के डीएम की शिकायत शासन तक पहुंचती रही है। ऐसे डीएम भी जल्द ही हटाए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश में 28 आईएएस और आठ पीसीएस अधिकारियों का तबादला गुरुवार को किया गया। जिसमें विशेष सचिव वित्त कुमुदलता श्रीवास्तव को झांसी का मंडलायुक्त बनाया गया है। इसके अलावा आठ जिलों के डीएम और दो से तीन एडीएम भी बदले जा रहे हैं। इस फेरबदल के लिए सरकार ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग को करीब 24-25 अधिकारियों की लिस्ट भेजकर तैनाती की अनुमति मांगी है। सरकार ने एक जनवरी को 100 से ज्यादा आईएएस अधिकारियों को पदोन्नति दी थी। इनमें से 26 सेलेक्शन ग्रेड से सुपरटाइम वेतनमान (आयुक्त एवं सचिव) स्तर पर पदोन्नत हुए थे। इन अधिकारियों में सात जिलाधिकारी के पद पर तो कई शासन में सेलेक्शन ग्रेड वेतनमान में तैनात थे। ताजा फेरबदल में इन पदोन्नत अधिकारियों को नए पदनाम पर तैनाती देने की मशक्कत नजर आई है। शासन में तैनात कई अधिकारियों को मौजूदा विभागों में ही पदोन्नति के पदों पर तैनाती दे दी गई है।

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