आर्थिक स्थिति ठीक करने में जुटा नगर निगम शराब की दुकानों से वसूलेगा लाइसेंस शुल्क

शहर भर में संचालित अंग्रेजी व देशी शराब के साथ बियर की दुकान और मॉडल शॉप से होगी वसूली

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम शहर भर में संचालित अंग्रेजी शराब, देशी शराब, बियर की दुकान व मॉडल शॉप से लाइसेंस शुल्क वसूलने की तैयारी कर रहा है। लाइसेंस शुल्क वसूली से नगर निगम ने सालाना 50 लाख से अधिक राजस्व वसूलने का लक्ष्य तय किया है। इसके अलावा पिछला बकाया वसूलने की तैयारी है। नगर निगम अपने सभी जोनों में संचालित उन शराब की दुकानों से भी वसूली करेगा जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2017-18 में लाइसेंस शुल्क जमा नहीं किया। इसके लिए नगर निगम की ओर से आबकारी विभाग से सूची मांगी गई है। हालांकि अभी तक आबकारी विभाग की ओर से सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है, लिहाजा मामला लटक रहा है।
नगर निगम क्षेत्र में अंग्रेजी शराब, देशी शराब, बियर की दुकान समेत मॉडल शॉप की काफी दुकानें संचालित हैं। शहर में 491 शराब की दुकानें हैं।सभी दुकानों से लाइसेंस शुल्क वसूलने की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन अभी तक निगम लाइसेंस शुल्क वसूली पर ध्यान नहीं दे रहा था। लेकिन नगर निगम की आर्थिक स्थिति खराब होती देख अफसरों ने शराब की दुकानों से भी वसूली करने का फैसला लिया है। बता दें कि नगर निगम के पास शहर भर में 39 प्रकार के लाइसेंस वसूली के माध्यम थे। जिसमें से 13 तरह की वसूली पूरी तरह से खत्म हो गई हैं। इसके अलावा 26 तरह की वसूली आज भी नगर निगम के नियमों में हैं, जिसमें शराब की दुकानों से लाइसेंस वसूली, खाद्य सामग्री की दुकानों से लाइसेंस वसूली और चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों से लाइसेंस वसूली किए जाने का नियम है। लेकिन अभी तक ऐसी सभी तरह की वसूली ठप पड़ी थी। शराब की दुकानों से लाइसेंस शुल्क वसूली की बात करें तो इसकी जिम्मेदारी सभी जोन के जोनल अफसरों की होगी। लाइसेंस शुल्क हाउस टैक्स के अतिरिक्त देना होगा। इसके लिए नगर निगम के अफसरों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अभी नगर आयुक्त की ओर से सभी जोनल अफसरों को लिखित निर्देश दिया जाना बाकी है लेकिन नगर निगम के अफसरों का कहना है कि आगामी एक माह के भीतर शहर भर में विभिन्न तरह की शराब की दुकानों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए जोन स्तर पर टीम गठित की जाएगी। फिलहाल नगर निगम के अफसरों ने आबकारी विभाग से शहर भर में संचालित अंग्रेजी शराब, देशी शराब, बियर की दुकान व मॉडल शॉप की सूची मांगी है। पिछली बार नगर निगम में शहर में संचालित दुकानों से मात्र 10 प्रतिशत दुकानदारों ने लाइसेंस शुल्क जमा किया था। आबकारी विभाग से सूची मिलने के बाद नगर निगम उन दुकानों को चिन्हित करेगा जिन्होंने पिछले दो साल से लाइसेंस शुल्क जाम नहीं किया है। यही नहीं आगामी वित्तीय वर्ष के लिए भी वसूली की जाएगी। नगर निगम के अफसरों का कहना है कि वित्तीय वर्ष चालू होने के दो माह तक लाइसेंस शुल्क न जमा करने की दशा में सभी प्रतिष्ठानों पर विलंब शुल्क लगाया जाएगा।

नगर आयुक्त ने सौंपी जिम्मेदारी

नगर निगम क्षेत्र में सभी प्रकार के लाइसेंस शुल्क वूसली की जिम्मेदारी मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह को सौंपी गई है। आबकारी विभाग से शराब कारोबारियों की सूची उपलब्ध कराना, लाइसेंस शुल्क वसूली के निर्देश व वसूली की समीक्षा अशोक सिंह को करनी होगी। सभी जोन अफसर अपने क्षेत्र से लाइसेंस शुल्क वूसली की रिपोर्ट इन्हीं को सौंपेंगे।

दुकानों का लेखा-जोखा

दुकानें लाइसेंस शुल्क बिलंब शुल्क
बियर 6000 प्रति वर्ष 1000
देशी शराब 6000 प्रति वर्ष 1000
अंग्रेजी शराब 12000 प्रतिवर्ष 2000
मॉडल शॉप 12000-6000 प्रतिवर्ष 3000

शहर में संचालित विभिन्न प्रकार की शराब की दुकानों से लाइसेंस शुल्क वसूलने की तैयारी है। जल्द ही सभी जोनल अफसरों को निर्देश जारी किया जाएगा। इस वसूली से नगर निगम को एक करोड़ का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
-उदयराज सिंह, नगर आयुक्त

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