लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर हो कड़ी कार्रवाई: कठेरिया

अनुसूचित जाति के लोगों के खिलाफ हो रही घटनाओं पर नजर रख रहा आयोग
पीडि़तों को क्षतिपूर्ति देने की है व्यवस्था, थाने में एफआईआर दर्ज करने में हो रही कोताही
राष्टï्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दिए कई सुझाव

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राष्टï्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर राम शंकर कठेरिया ने कहा कि अनुसचित जाति के लोगों के खिलाफ घट रही घटनाओं के खिलाफ जो अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसे मामलों में जल्द से जल्द चार्टशीट लगाई जानी चाहिए। इससे अनुसूचित जाति के लोगों के खिलाफ हो रही घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा।
राम शंकर कठेरिया ने लखनऊ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों के खिलाफ हो रही घटनाओं पर आयोग नजर रखता है। पीडि़तों को अधिनियम के मुताबिक मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था की गई है। यही नहीं सभी राज्यों को इसका अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश मामलों में एफआईआर दर्ज करने में हीलाहवाली की जाती है। लिहाजा पीडि़त न्याय पाने के लिए कोर्ट की शरण में पहुंचते हैं। लेकिन इसका परिणाम भी समय पर नहीं मिल पाता है। वहीं ऐसी घटनाओं पर क्रास एफआईआर भी दर्ज कराई जाती है। इस पर जांच-पड़ताल के बाद रोक लगाने की जरूरत है। अनुसूचित जातियों के खिलाफ देश भर में हो रही घटनाओं के आंकड़ें सरकार को उपलब्ध कराए जाते हैं। सरकार ने क्षतिपूर्ति की व्यवस्था फिर से शुरू की है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिलेगा। केंद्र ने इसके लिए 4732 करोड़ का बजट यूपी को जारी किया है। लेकिन यह बजट खर्च नहीं किया गया है। इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार के साथ चर्चा की गई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा गया है। उम्मीद है परिणाम बेहतर होंगे।

सरकार ने क्षतिपूर्ति की व्यवस्था फिर से शुरू की है। केंद्र ने इसके लिए 4732 करोड़ का बजट यूपी को जारी किया है। प्रोफेसर राम शंकर कठेरिया, राष्टï्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष

 

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