जेनरिक दवा स्टोर बने शो पीस महंगी दवाएं खरीद रहे मरीज

अमृत फार्मेसी के स्टोर में दवाओं की किल्लत
जेनरिक दवाएं लिखने से कतरा रहे केजीएमयू के डॉक्टर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। केजीएमयू में मरीजों को जेनरिक दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही है। यहां के अमृत फार्मेसी के स्टोर में दवाओं का टोटा पड़ा है। यहां करीब 70 फीसदी तक दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके कारण मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर केजीएमयू के चिकित्सक मरीजों को जेनरिक दवाएं लिखने से कतरा रहे हैं।
अमृत फार्मेसी के स्टोर शो पीस बनते जा रहे हैं। डॉक्टर फार्मेसी में मिलने वाली दवाएं लिख नहीं रहे हैं। वहीं दूसरी ओर वेलफेयर सोसायटी के स्टोर पर लंबे समय से जेनरिक दवाओं की किल्लत है। ऐसे में मरीजों को मजबूरी में निजी मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं, जबकि अमृत फार्मेसी में 50 से 90 प्रतिशत तक की छूट पर दवाएं मिलती है। केजीएमयू में वेलफेयर सोसायटी के कुल 18 स्टोर हैं, लेकिन बकाया भुगतान न होने के कारण ज्यादातर कंपनियों ने यहां दवाओं की सप्लाई रोक रखी है। इस कारण इन स्टोर पर लंबे समय से दवाओं की किल्लत है। इस बीच शताब्दी अस्पताल और पुरानी ओपीडी में अमृत फार्मेसी के भी दो स्टोर खोले गए हैं। दोनों स्टोर खुलने के बाद यहां उपलब्ध दवाओं की सूची हर विभाग में भेजी गई और डॉक्टरों को जेनरिक दवाएं लिखने के निर्देश दिए गए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। केजीएमयू के अमृत फार्मेसी के प्रभारी डॉ. अजय कुमार का कहना है कि डॉक्टर अमृत फार्मेसी की दवाओं की बजाय उनका विकल्प लिख रहे हैं। इस मामले में कुलपति को अवगत कराया गया है। जल्द ही सभी विभाग के अध्यक्षों के साथ बैठक की जाएगी और फार्मेसी का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। दूसरी ओर केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार का कहना है कि संस्थान से दवाओं का ऑर्डर भेजा जा चुका है। जल्द ही दवाओं की कमी दूर हो जाएगी।

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