मेरठ में नगर निगम की बोर्ड बैठक में वंदे मातरम को लेकर हंगामा

पहले भी नगर निगम की बोर्ड बैठक में वंदे मातरम को लेकर हो चुका है विवाद
बोर्ड की बैठक में आपस में भिड़े पार्षद, हाथापाई तक पहुंची बात
मुस्लिम पार्षदों ने लगाए धार्मिक नारे
भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंच कर संभाली स्थिति

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मेरठ । मेरठ में एक बार फिर नगर निगम की बोर्ड बैठक में वंदे मातरम पर विवाद हो गया। आज नगर निगम बोर्ड की पहली परिचय बैठक में वंदेमातरम गायन को लेकर हंगामा हो गया। यहां पर पार्षद आपस में भिड़ गए। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई।
महापौर सुनीता वर्मा ने आज नगर निगम बोर्ड की पहली परिचय बैठक बुलायी थी। करीब 11: 30 बजे टाउन हाल में बैठक शुरू होते ही वंदे मातरम को लेकर हंगामा शुरू हो गया। आज वंदे मातरम गायन के नाम पर फिल्मी गाना बजा दिया गया। इस पर भाजपा पार्षदों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद बसपा और मुस्लिम पार्षद भी भाजपा पार्षदों के विरोध में हंगामा करने लगे। मुस्लिम पार्षदों ने सांसद और विधायक तथा पुलिस के सामने ही धार्मिक नारे लगाए। कई बार हाथापाई तक की नौबत आई। माहौल खराब होने पर कुछ देर के लिए महापौर सीट से उठकर चली गईं। हंगामा बढ़ते देख सीओ के नेतृत्व में भारी पुलिस बल पहुंचा और स्थिति संभाली। बाहरी लोगों को बैठक से बाहर निकाल दिया। महापौर के लौटने के बाद बैठक फिर शुरू हुई।
मालूम हो कि 28 मार्च 2017 में भी नगर निगम की बोर्ड मीटिंग के दौरान वंदे मातरम को लेकर हुए बवाल की पूरे देश में चर्चा हुई थी। दरअसल नगर निगम की बोर्ड मीटिंग के दौरान वंदे मातरम गाने के दौरान मुस्लिम पार्षद सदन से बाहर चले गए थे। उस वक्त मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने बयान दिया था कि इस बात से नाराज सदन में मौजूद बाकी पार्षदों ने यह प्रस्ताव पास किया था कि जो राष्ट्रगीत का अपमान करेगा, उसे सदन से बाहर किया जाएगा। मेयर ने यह भी कहा था कि यह राष्ट्र के स्वाभिमान से जुड़ा मामला है, इसलिए अब इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटा जाएगा। जबकि बाद में पूर्व मेयर अपने बयान से पलट गए थे। उन्होंने कहा कि नाराज पार्षदों ने मेरे सामने सदन व राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों को सदन में न घुसने देने का प्रस्ताव रखा था। सदन का अध्यक्ष होने के नाते मैंने उनके प्रस्ताव पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इस पर पार्षदों ने निर्णय मेरे पर छोड़ दिया था।

कोई विवाद नहीं है। वंदे मातरम किसी फिल्मी धुन पर नहीं बजाया गया। भाजपा के लोगों ने वंदे मातरम गाया।
सुनीता वर्मा, महापौर, मेरठ

स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा का मामला बेहद गंभीर: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से मांगा जवाब, सिर्फ हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जवाब

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा ये बेहद गंभीर मामला है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेशों से कहा कि 19 जनवरी तक बच्चों की सुरक्षा को लेकर अपना जवाब दाखिल करें। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक सरकार ने जवाब दाखिल किया है। कोर्ट ने 23 जनवरी को मामले की अगली सुनवाई करेगा।
दरअसल सुप्रीम कोर्ट रेयान इंटरनेशनल स्कूल में छात्र प्रद्युम्र की हत्या के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन बनाने के मामले की सुनवाई के दौरान यह बातें कही। कोर्ट में छात्र के पिता, वकील आभा शर्मा व अन्य वकीलों की तरफ से याचिका दाखिल की गई थी। इस याचिका में कहा गया है कि रेयॉन की घटना के बाद से देश भर के अभिभावकों में डर का माहौल है। बच्चों की सुरक्षा के लिए जो पॉलिसी तैयार की गई है ज्यादातर स्कूल उसका पालन नहीं करते। सुप्रीम कोर्ट आदेश जारी करे कि इनका सही तरह से पालन हो। इसके अलावा देश भर में बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त गाइडलाइन बनाई जाए। याचिका में ये भी कहा गया है कि पहले से जो दिशा निर्देश बनाए गए है अगर कोई स्कूल उनका पालन नहीं करता तो उन स्कूलों का लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए। वहीं आज निजी स्कूलों कि तरफ से कोर्ट में कहा गया कि निजी स्कूलों के लिए तो गाइड लाइन है, लेकिन सरकारी स्कूलों के लिए नहीं। ऐसे में हमारा हित प्रभावित होगा। कोर्ट ने कहा कि आपको जो कहना है 23 जनवरी को मामले की सुनवाई के दौरान कहें।

अखिलेश ने बुलाई सपा की अहम बैठक कांग्रेस के साथ संबंधों पर मंथन

गोरखपुर और फूलपुर में होने वाले लोकसभा उपचुनाव पर भी हुई चर्चा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज सपा कार्यालय पर एक अहम बैठक बुलाई है। बैठक में विधायकों सहित सभी पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कांग्रेस के साथ गठबंधन पर विचार-विमर्श के साथ-साथ 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी मंथन हुआ।
बैठक की अध्यक्षता सपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किया। बैठक में पूर्व विधायक, सांसद और 2017 के हारे हुए विधायक भी शामिल हुए। इस दौरान सगंठन को आगे बढ़ाने और 2019 के लोकसभा चुनावों की तैयारी पर चर्चा हुई। इसके आलावा फूलपुर और गोरखपुर में होने वाले लोकसभा के उपचुनाव पर भी बात हुई। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, अहमद हसन, इंद्रजीत सरोज , अनुराग यादव मौजूद रहे।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले अखिलेश यादव ने लखनऊ में ईवीएम की जगह बैलेट वोटिंग की मांग को लेकर जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट में बैठक बुलाई थी। अखिलेश के बुलावे पर बीजेपी विरोधी कई दलों ने बैठक में हिस्सा लिया था लेकिन कांग्रेस और बीएसपी का कोई प्रतिनिधि इस बैठक में नहीं आया , मगर उन्होंने चि_ी भेजकर बैठक के निर्णय पर सहमति पर भरोसा दिया था।

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