कर्मियों के नाम पर फर्जी वेतन लेने वाली संस्थाओं पर कसेगा शिकंजा

सफाई कर्मियों और मालियों को बायोमैट्रिक मशीन में दर्ज करानी होगी उपस्थिति

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम ने कर्मियों के नाम पर फर्जी वेतन लेने वाली कार्यदायी संस्थाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। नगर निगम सफाई कर्मियों के साथ-साथ पार्कों में काम करने वाले स्टाफ की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बायोमैट्रिक सिस्टम का सहारा लेगा। सफाई कर्मियों और मालियों के लिए जल्द ही ड्रेस कोड भी तय किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम अफसरों ने तैयारियां शुरू कर दी है। सफाई कर्मियों का ड्रेस कोड तो पहले से ही तय है लेकिन अब मालियों के ड्रेस कोड के बारे में विचार किया जा रहा है। इस व्यवस्था से ईमानदारी से काम करने वाले कर्मियों को लाभ मिलना तय है।
बायोमैट्रिक सिस्टम से पार्कों व फील्ड के कर्मचारियों को नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं ड्रेस कोड तय होने से अफसरों को औचक निरीक्षण के समय कामचोर कर्मियों को चिन्हित भी किया जाएगा। यही नहीं ड्रेस कोड होने से कर्मचारियों की संख्या और उनकी पहचान करने में आसानी होगी। नगर निगम के अफसरों का कहना है कि जिस तरह नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सफाई कर्मियों की उपस्थिति बायोमैट्रिक सिस्टम में दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। उसी तरह उद्यान विभाग में तैनात मालियों की भी उपस्थिति बायोमैट्रिक सिस्टम से होगी।
अफसरों का मानना है कि व्यवस्था से 10 प्रतिशत कर्मियों की संख्या घट सकती है। इस मामले में तमाम बार शिकायत मिली हैं कि विभाग में कार्यदायी संस्था में कर्मियों के नाम पर वेतन भेजा जाता है लेकिन मौके पर ऐसा कोई भी कर्मचारी काम नहीं कर रहा होता है। जिससे विभाग को आर्थिक चपत लगती है और सफाई और पार्कों के रखरखाव की व्यवस्था भी चौपट हो रही है।

जोन-चार में बायोमैट्रिक मशीन से सफाई कर्मियों की उपस्थिति दर्ज होने लगी है। धीरे-धीरे यह व्यवस्था सभी जोन में लागू होगी। इसके अलावा उद्यान विभाग के स्टाफ को बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी। उपस्थिति के आधार पर वेतन का भुगतान होगा। समय-समय पर औचक निरीक्षण भी होगा।
-उदयराज सिंह, नगर आयुक्त

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