जापानी इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण के लिए ऐक्शन प्लान तैयार

पूर्वांचल के तीन दर्जन से अधिक जिलों पर रहेगी खास नजर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पूर्वांचल के तीन दर्जन से अधिक जिलों में दिमागी बुखार के नाम से पहचानी जाने वाली जानलेवा बीमारी जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) व एक्यूट इंसेफेलाइटिस (एईएस) से बच्चों को बचाने के लिए पहली बार योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू हुआ है। तीन दशकों से नवजातों को मौत के मुंह में धकेल रही इस बीमारी से निपटने के लिए अब तक आकस्मिक और अनियोजित उपाय ही अधिक होते थे लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने इन बीमारियों पर नियंत्रण के लिए समग्र कार्य बनाई है और विस्तृत दिशा-निर्देश भी तैयार किए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशानुसार अगले महीने जनवरी से योजना को लागू कर दिया जायेगा। कैलेंडर के अनुसार हर महीने निर्धारित लक्ष्य हासिल किया जाना है। दिमागी बुखार की चपेट में आए बच्चों के त्वरित व प्रभावी उपचार के लिए 100 बेड बढ़ाए जा रहे हैं। साथ ही पूर्वांचल के नौ जिलों में पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट में पांच-पांच बेड बढ़ाए जा रहे हैं।

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