अब संगठित अपराधियों से सख्ती से निपटेगी यूपी सरकार, कैबिनेट ने दी यूपीकोका को मंजूरी

महाराष्ट्र के मकोका के अलावा कर्नाटक, गुजरात में लागू कानूनों का अध्ययन करके तैयार किया गया है यूपीकोका
कमिश्नर और आईजी के अनुमति से ही लगाया जायेगा यूपीकोका

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। योगी सरकार ने प्रदेश में अपराधों पर रोक लगाने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। संगठित अपराधों की रोकथाम के लिए महाराष्ट्र के मकोका कानून की तर्ज पर यूपीकोका लागू करने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई । यह प्रस्ताव इसी सत्र में विधानमंडल की मंजूरी के लिए आ सकता है। फिलहाल बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर कैबिनेट की मुहर लगी।
लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों में सबसे महत्वपूर्ण रही यूपीकोका। गृह विभाग के इस मसौदे को योगी सरकार की कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी। यूपीकोका विधेयक महाराष्ट्र के मकोका के अलावा कर्नाटक, गुजरात में लागू ऐसे कानूनों का अध्ययन करके तैयार किया गया है। दरअसल कड़े कानून के अभाव में अपराधियों को जल्दी जमानत मिल जाती है और छूटने के बाद वे फिर उसी तरह के अपराध में लिप्त हो जाते थे। यूपीकोका आने के बाद ऐसा नहीं होगा। अपराधियों को जल्द जमानत नहीं मिलेगी। यूपीकोका कमिश्नर और आईजी के अनुमति से ही लगाया जायेगा। इसके लिए विशेष अदालत भी बनायी जायेगी। यूपीकोका से प्रदेश में अपराधों की संख्या में गिरावट आना तय माना जा रहा है।

कैबिनेट मीटिंग में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी

  • वक्फ अधिकरण रामपुर समाप्त किया गया
  • वक्फ अधिकरण लखनऊ का गठन किया जाएगा
  • पेराई सत्र 2012-13 में चीनी मिलों को गन्ना
  • क्रयकर में एक वर्ष की दी गयी छूट के संबंध में आ रही विसंगतियों के निराकरण संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी
  • यूपी खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव पर मुहर
  • यूपी सूचना प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप नीति के अंतर्गत सब्सिडी देने संबंधी प्रस्ताव पर मुहर
  • यूपी सचिवालय में बायोमेट्रिक से हाजिरी लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी
  • केजीएमयू के शताब्दी फेज 1 के थर्ड फ्लोर पर आर्गन ट्रांसप्लांट यूनिट आईसीयू के प्राइवेट वार्ड को अपग्रेड करने का प्रस्ताव पास
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायधीशों और रजिस्ट्रार के कर्मचारियों के लिए आवास योजना को मंजूरी
  • राष्टï्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत वर्मी कंपोस्ट यूनिट के लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी
  • यूपी औद्योगिक निवेश और प्रोत्साहन नीति को मंजूरी मिली
  • स्टाम्प विभाग में स्टाम्प नियोजन के प्रस्ताव को मंजूरी
  • बेसिक शिक्षा विभाग के एक्ट में संसोधन प्रस्ताव को मंजूरी
  • जूनियर हाईस्कूल को परिभाषित करने संबंधी प्रस्ताव पास
  • किसानों को मिलेगा 75 फीसदी अनुदान

आज आईपीएस एसोसिएशन की बैठक, पुलिस कमिश्नरी पर होगी चर्चा, अफसर आर-पार के मूड में

डीएम करेंगे जिले की क्राइम मीटिंग के आदेश से खफा है आईपीएस अफसर

संजय शर्मा
लखनऊ। आईएएस और आईपीएस विवादों की चर्चा के बाद आज आईपीएस एसोसिएशन की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी है। चीफ सेके्रटरी के एक खत के बाद पूरे सूबे में इन दो शीर्ष पदों के अफसरों के बीच विवाद की खबरों ने पूरी सरकार में हडक़ंप मचा दिया था। सीएम योगी ने भी इस विवाद पर नाखुशी जतायी थी, जिसके बाद प्रमुख सचिव गृह ने इस मामले को खत्म करने की कोशिश की थी, मगर आईपीएस अफसर अब इस बार आर-पार की लड़ाई चाहते हैं। उनका मानना है कि यह सही मौका है जब सूबे के महानगरों में पुलिस कमिश्नरी की मांग को पूरा किया जाए। यह लोग सरकार को समझाना चाहते हैं कि यूपीकोका तभी प्रभावी हो पायेगा जब यूपी में पुलिस कमिश्नरी लागू होगी।
लखनऊ के शीर्ष पदों पर बैठे पुलिस अफसर भले ही मुखर न हो रहे हों, मगर नौजवान आईपीएस अफसर बहुत भडक़े हुए हैं। उनका मानना है कि अगर जिले की क्राइम मीटिंग डीएम लेने लगेंगे तो जिले में उनका इकबाल खत्म हो जायेगा। इन नौजवान अफसरों का कहना है कि वह भी उसी अखिल भारतीय सेवा से चयनित होकर आते हैं, जिससे आईएएस  आते हैं। जब विकास का जिमा आईएएस  संभालते हैं तो कानून व्यवस्था का काम आईपीएस का होना चाहिए। यह अफसर तो इतने जोश में हैं कि वह  आज की मीटिंग में यह बात उठाने वाले हैं कि प्रमुख सचिव गृह का पद भी आईपीएस को ही दिया जाना चाहिए। जैसे ही चीफ सेके्रटरी का खत सामने आया तभी पुलिस अफसरों के बगावती तेवर सामने आने लगे थे, हालांकि बाद में उन्हें यह कहकर शांत किया गया था कि अभी डीजीपी के सुझाव  का पत्र शासन में लंबित है और इस पर अभी कार्यवाही होनी है इसलिए कोई भी फैसला अंतिम नहीं है।

मगर सूत्रों का कहना है कि आज शाम आईपीएस एसोसिएशन की बैठक में पदाधिकारियों पर दबाव डाला जा सकता है  कि वह सरकार से दो टूक बात करें। पिछले दिनों यूपी में हुए ताबड़तोड़ एनकाउंटर की जिस तरह सीएम योगी ने सराहना की और कहा कि पुलिस का हौसला बढ़ा है इससे भी यह अफसर खुश हैं और उन्हें लगता है कि इस बार यूपी में उनकी सालों पुरानी मांग पूरी हो सकती है।

आईएएस और आईपीएस जैसा कोई विवाद नही है। दोनों सरकार के अंग है और मिलकर काम करते है। आज की बैठक इसलिए बुलायी गयी है क्योंकि कुछ जिले में अफसर बहुत अच्छा काम कर रहे है, तो उनके सुझाव को रिकार्ड के रूप में रखा जायेगा और पुलिसिंग कैसे बढिय़ा हो इस पर चर्चा होगी। हां, पुलिस कमिश्नरी भी इस चर्चा का एक बिंदु है।
-प्रवीन सिंह, अध्यक्ष आईपीएस एसोसिएशन

बाराबंकी सांसद प्रियंका सिंह ने ट्रेनी आईएएस को दी धमकी कहा जीना मुश्किल कर दूंगी

ट्रेनी आईएएस अजय अपनी टीम के साथ निकले थे अवैध कब्जा हटाने के अभियान पर, भाजपा सांसद ने रोका था अभियान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बाराबंकी। बाराबंकी सांसद प्रियंका सिंह रावत एक बार फिर चर्चा में है। इस बार भी चर्चा में आने का कारण उनके द्वारा अधिकारी को दी गई धमकी है। सांसद प्रियंका पर एक ट्रेनी आईएएस अधिकारी को धमकी देने का आरोप लगा है। दरअसल ट्रेनी आईएएस अजय द्विवेदी अपनी टीम के साथ अवैध कब्जा हटाने के अभियान पर निकले थे लेकिन सांसद प्रियंका सिंह रावत ने अभियान रोक दिया। ये पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है।
सांसद प्रियंका ने आईएएस अधिकारी अजय द्विवेदी से कहा कि उन्हें जनप्रतिनिधि से बात करते वक्त प्रोटोकॉल का ध्यान रखना चाहिए। यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो वो उनका जीना मुश्किल कर देंगी। अवैध कब्जे का आरोप भी एक स्थानीय बीजेपी नेता पर ही लगा है। मालूम हो कि सांसद एक बार पहले भी एक धमकी के चलते चर्चा में आ चुकी हैं। उन्होंने कैमरे पर पुलिस वाले की खाल खिंचवा लेने की धमकी दी थी, क्योंकि सांसद को पुलिस अधिकारी का व्यवहार पसंद नहीं आया था। इस पर स्पष्टीकरण मांगे जाने पर भी प्रियंका सिंह रावत ने कोई अफसोस जाहिर नहीं किया, और धमकी को दोहराया।

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