एंटीबायोटिक दवाओं की ऑडिट कराएगा केजीएमयू

योजना के शुरू होने पर मरीजों को गैरजरूरी दवाएं नहीं दे सकेंगे डॉक्टर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में जल्द ही एंटीबायोटिक दवाओं का ऑडिट किया जाएगा ताकि कौन डॉक्टर ज्यादा से ज्यादा एंटीबायोटिक दवा का प्रयोग कर रहा है और कौन सी एंटीबायोटिक मरीजों को दी जा रही है इसका पता लगाया जा सके।
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में एंटीबायोटिक नीति को लागू होने का दावा बहुत समय पहले भी किया गया था। केजीएमयू में इसके लिए विजिलेंस का गठन तो हुआ लेकिन उस पर कोई काम नहीं हो पाया है। लिहाजा एक आर फिर से केजीएमयू में एंटीबायोटिक दवाओं की आडिट करने की बात चल रही है। इसके लागू होने पर कोई भी डॉक्टर मरीजों को अनावश्यक एंटीबायोटिक नहीं दे सकेगा। किस एंटीबायोटिक का प्रयोग किया जा रहा है और क्यों, इसकी जानकारी डॉक्टर को देनी होगी। एंटीबायोटिक्स दवाओं से होने वाले साइड इफेक्ट पर भी जानकारी एकत्र की जाएगी। फिलहाल केजीएमयू में ज्यादातर एंटीबायोटिक दवाएं बाहर से ही मंगाई जाती हैं और प्रत्येक डॉक्टर की मनपसंद दवा कंपनी की एंटीबायोटिक होती है। मरीजों पर एंटीबायोटिक दवा का असर कितना हो रहा है और कौनसी दवा बेअसर हो रही है इसकी जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके मद्देनजर केजीएमयू प्रशासन एक बार फिर नए सिरे से एंटीबायोटिक दवाओं का ऑडिट कराने की तैयारी कर रहा है।

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