राजधानी में चरम पर वायु प्रदूषण, लापरवाही बरती तो सेहत पर भारी पड़ेगी जहरीली हवा

जहरीली हवा से बचने के लिए मास्क लगाने पर मजबूर लोग
आम लोगों की राय, बंद हो धुंआ देने वाले टैंपो और पुराने वाहन
कुछ चुनिंदा जगहों पर हो रहा पानी का छिडक़ाव, धड़ल्ले से जलाया जा रहा कूड़ा

बलभद्र लाल
लखनऊ। नगर निगम की तमाम कवायदे राजधानी की जहरीली हवा पर बेअसर दिख रही है। बढ़ते प्रदूषण से बचने के लिए बच्चे और बूढ़े सभी मास्क लगाने पर मजबूर हो रहे हैंं। यही नहीं नगर निगम भी प्रदूषण से बचाव के लिए सडक़ों पर शुरू किए गए पानी छिडक़ाव में हीलाहवाली कर रहा है। कुछ चुनिंदा जगहों पर ही पानी का छिडक़ाव हो रहा है। इसके अलावा सीएम के सख्त आदेश के बावजूद राजधानी में कूड़ा जलाया जा रहा है। इससे प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदूषण से परेशान राजधानीवासियों का कहना है कि धुआं फेंकने वाले ऑटो और पुराने वाहन प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं। सरकार को इन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
वायु प्रदूषण के मामले में लखनऊ देश में चौथे स्थान पर है। पहले स्थान पर बनारस व दूसरे पर मुरादाबाद है। यह स्थिति राजधानीवासियों के लिए सबसे खतरनाक और चिंता का विषय है। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की ओर जारी ताजा स्थिति के अनुसार लखनऊ की हवा की गुणवत्ता 385 माइक्रोग्राम है यानी प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के लिए सरकार के आदेश के बाद नगर निगम ने सडक़ों और पेड़ों पर पानी का छिडक़ाव शुरू किया था। इसका कुछ असर भी पड़ा था। लेकिन मामले के ठंडा पड़ते ही नगर निगम ने हीलाहवाली शुरू कर दी है। यही नहीं सरकार के कड़े आदेश के बावजूद शहर में जगह-जगह धड़ल्ले से कूड़ा जलाया जा रहा है। इसके अलावा पुराने वाहन से निकलने वाला धुआं भी प्रदूषण को बढ़ा रहा है। इसके कारण राजधानीवासियों की हालत खराब हो रही है। वे प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क लगाने को मजबूर हो रहे हैं।

क्या कहना है लखनवाइट्स का
आशियाना निवासी सुधा वर्मा का कहना है कि गाडिय़ों की खरीद-फरोख्त ज्यादा होने लगी है। वाहनों की अधिक संख्या ने प्रदूषण को बढ़ा दिया। यह सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है। इस पर अभी रोक नहीं लगी तो आने वाली पीढिय़ों को भुगतना पड़ेगा।

गोमती नगर निवासी संतोष त्रिपाठी का कहना है कि डीजल चालित पुरानी टैंपो को तत्काल बंद कर देना चाहिए। इसके स्थान पर सीएनजी व बैटरी चालित वाहनों को प्राथमिकता देनी चाहिए तभी प्रदूषण पर कुछ लगाम लग सकती है वरना दिल्ली की तरह लखनऊ भी प्रदूषण की गिरफ्त में आकर हमें बीमार बना देगा।

विभूति खंड निवासी पंकज जायसवाल का कहना है कि मैं तो अभी जल्द ही दिल्ली से लखनऊ शिफ्ट हुआ हूं लेकिन अब तो लखनऊ भी प्रदूषण से सुरक्षित नहीं है। हम अगर अलर्ट नहीं रहे तो आने वाला भविष्य काफी भयावह होगा।

वीआईपी एरिया हजरतगंज निवासी अमित का कहना है कि मैं रोज सुबह मार्निंग वॉक पर जाता था लेकिन जब से पार्क में भी लोग मास्क पहन कर टहलने लगे है मैंने छत पर ही वॉक करना शुरू कर दिया है। वायु प्रदूषण हमारे और बच्चों की सेहत के लिए काफी खतरनाक है।

बटलर पैलस निवासी गीता का कहना है कि जब हम लोग मार्निंग वॉक पर निकलते हैं तो रास्तें में जो झाड़ू लगाई जाती है उससे धूल उड़ती है वह हमारे सेहत के लिए काफी नुकसानदायक होती है। नगर निगम को सफाई का काम सुबह 4 बजे करवाना चाहिए या फिर वैक्यूम क्लीनर जैसी तकनीक का प्रयोग करना चाहिए ताकि लोगों को दिक्कत न हो।

आलमबाग निवासी रवि चौधरी का कहना है लखनऊ को जैसे किसी की नजर लग गई। पहले सुबह उठने से ताजी हवा मिलती थी लेकिन प्रदूषण ने इसे अब दूषित कर दिया है। प्रदूषण को रोकने के लिए नगर निगम रोड पर पानी का छिडक़ाव करे ताकि प्रदूषण पर कंट्रोल किया जा सके।

वायु प्रदूषण से लोगों को काफी दिक्कत हो सकती है। इससे चेहरे पर चकते उभर सकते हैं और आखें लाल हो सकती है। गर्भवती को चेस्ट में भी दिक्कत हो सकती हैं। हार्ट पेशेंट को काफी सावधान रहने की जरूरत है।
-डॉ. आशुतोष दुबे, सिविल अस्पताल

शहर में किसी भी क्षेत्र में कूड़ा न जलाया जाए इसके लिए सफाई निरीक्षकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इसके अलवा शहर में जहां-जहां निर्माण कार्य हो रहे हैं। उन पर तिरपाल लगाने के लिए निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को वायु प्रदूषण से बचाया जा सके।
-पीके सिंह,
नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम

शहरों में वायु प्रदूषण की ताजा स्थिति
लखनऊ – 385 माइक्रोग्राम
वाराणसी – 435 माइक्रोग्राम
मुरादाबाद – 402 माइक्रोग्राम
कानपुर – 389 माइक्रोग्राम
नोएडा – 381 माइक्रोग्राम
आगरा – 377 माइक्रोग्राम
बाजार में बढ़ रही
मास्क की डिमांड
राजधानी में जब से प्रदूषण बढ़ा है तब से मास्क की डिमांड काफी बढ़ गई है जो मास्क 50 रुपए का मिल जाता था वहीं अब डिमांड बढऩे से 100 और 150 रुपए में मिल रहे हैं।

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