केजीएमयू में अब नयी विधि से होगा किडनी के मरीजों का इलाज

लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के यूरोलॉजी विभाग में अब किडनी के मरीजों को आधुनिक विधि से इलाज मिल सकेगा। इसके लिए परसुटोनियस नेफ्रोलिट्रॉमी में दिल्ली से आए विशेषज्ञ यहां के चिकित्सकों को इस विधि से सर्जरी सीखा रहे हैं। केजीएमयू में तीन मरीजों की पीसीएनएल विधि द्वारा सर्जरी कर स्टोन निकाले गए। यूरोलॉजी विभाग के प्रो. विश्वजीत सिंह ने बताया कि दिल्ली के लॉइन्स किडनी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. एसके पॉल जाने-माने परसुटोनियस नेफ्रोलिट्रॉमी सर्जन हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. पॉल ने मिनी-पीसीएनएल तकनीक की बारीकियां डॉक्टरों को सीखा रहे हैं, जिसमें तीन मरीजों के किडनी से इस विधि द्वारा स्टोन निकाले गए। इस नयी तकनीक से किडनी से स्टोन आसानी से निकल जाता है और मरीज को कोई खास परेशानी नही होती है।

नवजातों की छिपी बीमारियों का पता लगा लेगी जीसीएसएस मशीन

लखनऊ। केजीएमयू के चिकित्सक जल्द ही नवजात के शरीर में छुपी चालीस दुर्लभ बीमारियों की पहचान तत्काल कर सकेंगे। इससे उन बीमारियों की रोक-थाम के लिए तुरंत इलाज किया जा सकेगा। अस्पताल प्रशासन बायोकेमेस्ट्री विभाग में जीसीएमएस मशीन लगाने जा रहा है। यह मशीन नवजात की एड़ी से निकाले गए खून की जांच कर बच्चों की बीमारियों का पता लगा लेगी। केजीएमयू बायोकेमेस्ट्री विभाग के प्रो. मेंहदी ने बताया कि बायोकेमेस्ट्री विभाग में जीसीएमएस मशीन आ रही है। इसके जरिये नवजातों की कई जन्मजात बीमारियों का पता चल सकेगा। इससे एल्केनेटोरिया, जिसमें एक खास प्रकार के प्रोटीन का मेटाबॉलिज्म नहीं बन पाता है, होमोसिस्टी न्यूरिया, सिकिल सेल एनिमिया जैसी दुर्लभ बीमारियों की जांच आसानी से हो जाएगी। इसके साथ ही अगर सरकार की ओर से फंड मिल जाता है तो यह जांच निशुल्क भी की जा सकती है। गौरतलब है कि अभी तक पीजीआई में यह मशीन है लेकिन वहां नवजातों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है क्योकि वहां महिला अस्पताल नहीं है। वहीं केजीएमयू में क्वीनमेरी महिला अस्पताल है जहां दर्जनों बच्चों का एक दिन में जन्म होता है। इस लिहाज से आने वाली मशीन केजीएमयू में ज्यादा सुविधाजनक साबित होगी।

नालों से हटेंगे अतिक्रमण

लखनऊ। आचार संहिता खत्म होने के बाद अब नगर निगम नालों पर बने अतिक्रमण हटाने की तैयारी कर रहा है। नालों से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम जल्द ही कार्य योजना बनाएगा। नालों से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी संबंधित जोन के जोनल अफसरों की होगी। अपर नगर आयुक्त ने बीते दिनों सभी जोनल अफसरों को नालों से अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए थे। इसी क्रम में आगे की कार्रवाई की तैयारी है। अफसरों ने बताया की कुछ नालों पर बने अवैध निर्माण का चिन्हिकरण हो चुका है, जो बाकी हैं उनका सर्वे करा लिया जाएगा। उसके बाद अभियान चलेगा।

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