…तो नगर निगम ऐसे पूरा करेगा लखनऊ को स्वच्छ बनाने का संकल्प ड्ढ

शहर की सडक़ों पर जगह-जगह बिखरे पड़े हैं कूड़े के ढेर, कड़े निर्देशों के बावजूद नहीं हो रहा उठान
म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट की भी उड़ाई जा रही धज्जियां, खुलेआम जलाया जा रहा कूड़ा, हवा में बढ़ रहा प्रदूषण
कर्मचारियों की जारी है लापरवाही, बिना तिरपाल ढकी गाडिय़ों से डंपिंग स्टेशन भेजा जा रहा कूड़ा, राहगीरों को हो रही परेशानी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। शासन के सख्त निर्देशों और नगर निगम अफसरों के तमाम प्रयासों के बावजूद शहरवासियों के लिए कूड़ा बड़ी समस्या बना हुआ है। सडक़ों पर जगह-जगह कूड़ा बिखरा पड़ा है। यही नहीं नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा सडक़ से कूड़ा उठान में भी घोर लापरवाही बरती जा रही है। जगह-जगह कूड़े में आग लगा कर म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही है। कूड़ा जलाने से शहर की हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। नतीजतन सडक़ पर पानी छिडक़ाव का कोई खास फायदा नहीं हो रहा है।
आचार्य नरेन्द्र देव मार्ग स्थित आईटी कॉलेज के गेट नंबर सात पर लम्बे समय से कूड़े का ढेर लगा हुआ है। इस सडक़ से रोजाना हजारों की संख्या में राहगीर और लड़कियां आवागमन करती हैं। वहीं कूड़े से उठती दुर्गंध के कारण लोगों को नाक पर रूमाल रख कर निकलना पड़ता है। यहां नगर निगम की ओर से रोजाना कूड़ा उठान नहीं होता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां 8-10 दिन में एक बार कूड़ा उठता है, जिसके कारण हमेशा कूड़े का ढेर लगा रहता है। वहीं गोमती नगर स्थित विकास खंड पांच में नगर निगम की ओर से डस्टबिन रखा गया है। कूड़े से भरे डस्टबिन को नगर निगम की ओर से उठाया नहीं जा रहा है जिसके चलते लोगों ने सडक़ पर कूड़ा फेंकना शुरू कर दिया है। इसके कारण आधी से ज्यादा सडक़ पर कूड़ा बिखरा पड़ा है। इस कूड़े को सडक़ से नहीं हटाया जा रहा है जबकि नगर निगम की फाइलों के अनुसार इस क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में सफाई कर्मचारी तैनात हैं।
दूसरी ओर निशातगंज के ठीक पीछे भीखमपुरा सडक़ पर कई अस्थायी पड़ाव स्थल हैं। यहां कूड़ा उठान में अक्सर हीलाहवाली की जाती है। यही नहीं यहां पड़े कूड़े को आग के हवाले कर दिया जाता है, जिसके चलते यहां के लोगों को काफी परेशानी होती है। नगर निगम के आरआर विभाग से रोजाना सैकड़ों गाडिय़ां इसी सडक़ से होकर निकलती है। बावजूद इसके न तो इस सडक़ से कूड़ा उठता है न ही कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होती है।

ठेंगे पर कोर्ट के आदेश
शहर में गंदगी का आलम यह है कि पड़ावघरों से कूड़ा उठान के नियमों को ताक पर रख कर काम किया जा रहा है। गाडिय़ों को बिना तिरपाल से ढके कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट तक ले जाया जा रहा है। इसके कारण राहगीरों का सडक़ पर चलना मुश्किल हो गया है। उच्च न्यायालय ने शहर से निकलने वाले कूड़े को डंपिंग स्टेशन तक ले जाने के लिए तिरपाल से ढक कर भेजने का आदेश दे रखा है। यही नहीं बिना तिरपाल से ढके कूड़ा ले जाना निगम के एक्ट के भी खिलाफ है। बावजूद इसके नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा गाडिय़ों में तिरपाल नहीं लगाया जा रहा है, जबकि नगर निगम में गाडिय़ों में तिरपाल लगाने के लिए अलग से कर्मचारी रखने के नियम है। बता दें कि तिरपाल लगाने वाले कर्मचारियों के नाम पर हर माह नगर निगम की ओर कार्यदायी संस्थाओं को भुगतान किया जा रहा है।

कूड़ा उठान समय पर और नियमों को ध्यान में रख कर किए जाने के सख्त निर्देश संबंधित अफसरों को दिए गए हैं। अगर गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-उदयराज सिंह, नगर आयुक्त

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