गुजरात में अच्छे दिन आने की संभावना ने राहुल गांधी की कराई ताजपोशी

कांग्रेस नेताओं को भरोसा कि गुजरात से आ रहे हैं पार्टी के लिए शुभ संकेत
कांग्रेस चाहती है देश भर में जाए संदेश कि राहुल के अध्यक्ष बनते ही गुजरात में आया बदलाव

संजय शर्मा
लखनऊ। पिछले कई सालों से एक के बाद एक चुनाव हारती जा रही कांग्रेस की उम्मीदें गुजरात से आ रहे संदेशों से बढ़ गई हैं। कांग्रेस ने अपने स्तर से जो सर्वे कराया है उसके मुताबिक गुजरात में सत्ता परिवर्तन हो रहा है। पिछले कई सालों से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अपने पुत्र राहुल की ताजपोशी के लिए ऐसे ही समय का इंतजार कर रही थीं, लिहाजा आज राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। उनके ऐलान की सिर्फ औपचारिकता शेष है। कांग्रेस के इतिहास में 19 साल के बाद एक बड़ा बदलाव हो रहा है, जिसके बाद राहुल गांधी कांग्रेस के नए अध्यक्ष होंगे।
दरअसल कुछ महीने पहले तक कोई इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकता था कि गुजरात में कांग्रेस भाजपा को चुनौती भी दे सकती है। मगर हार्दिक पटेल और जिगनेश मवानी जैसे नेताओं ने कांग्रेस के साथ आकर गुजरात में बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। गुजरात में इन दोनों नौजवान नेताओं की अपनी जाति में अच्छी पकड़ है और ये जातियां गुजरात के चुनाव को खासा प्रभावित करती हैं।
गुजरात के इन हालातों को देखते हुए गुजरात चुनाव की कमान भाजपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने संभाली है और ताबड़तोड़ रैलियां करके पीएम मोदी भी गुजरात में भाजपा का माहौल बनाने में जुटे हैं। भाजपा के पक्ष में दर्जनों केन्द्रीय मंत्री, दर्जनों सांसद और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी लगातार प्रचार कर रहे हैं।

भाजपा जानती है कि गुजरात में अगर वह हार गई तो 2019 का चुनाव उसके लिए बहुत परेशानियां पैदा कर देगा। उधर राहुल गांधी भी जानते हैं कि अगर गुजरात में कांग्रेस ने अपनी सरकार बना ली तो देश भर में छाया पीएम का जादू बिखर जायेगा। इससे साबित होता है कि गुजरात का चुनाव पीएम मोदी और राहुल दोनों के लिए अग्नि परीक्षा है। चुनाव से ठीक पहले राहुल की ताजपोशी गुजरात चुनाव में कार्यकर्ताओं को और जोश भरने के लिए की गई है।

19 साल पहले सोनिया बनी थीं अध्यक्ष
राहुल नेहरू-गांधी परिवार के छठे शख्स हैं, जो कांग्रेस के अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। राहुल गांधी से पहले मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरु, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी के हाथों में पार्टी की कमान रही है। राहुल की ताजपोशी के साथ ही 19 साल से इस पद पर मौजूद सोनिया गांधी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाएंगी। सोनिया गांधी ने 19 साल पहले अप्रैल 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष की कमान संभाली थी।

राहुल गांधी ने नॉमिनेशन फाइल कर दिया है। लोगों की सेवा करने की ओर एक और कदम है। सोनिया गांधी ने अध्यक्ष पद की भूमिका शानदार तरीके से निभाई है, अब राहुल भी उसी को आगे बढ़ाएंगे। राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस आगे बढ़ेगी।
-मनमोहन सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री

राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने से देश भर के युवाओं में जोश का नया संचार हो गया है। अब हमें सोनिया गांधी जी का आशीर्वाद और राहुल गांधी का नेतृत्व मिलेगा, जिससे कांग्रेस यूपी में भी पूरी तस्वीर बदलने में सक्षम होगी।
-आदित सिंह, विधायक

किसी अन्य ने नहीं दाखिल किया पर्चा
कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकार अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन के अनुसार किसी अन्य ने अभी तक पर्चा दाखिल नहीं किया है। चुनाव मैदान में राहुल गांधी के एकमात्र उम्मीदवार रहने की संभावना है और कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनके चुनाव के लिए सभी रास्ते खुल गए हैं।

अब भाजपा विधायक की दो भैंसें चोरी, बरामद करने में जुटी पुलिस

विधायक के पिता पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रामलाल राही ने दर्ज कराई रिपोर्ट
भैंसों को तलाशने में पुलिस के छूटे पसीने, बनाई गई टीम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। कुछ साल पहले रामपुर से भी भैंस चोरी हुई थी। ये भैंस सपा सरकार के तत्कालीन मंत्री आजम खां की थी। भैंसों की तलाश में रामपुर के एसपी से लेकर प्रदेश के डीजीपी तक जुट गए थे। आखिर में पुलिस के आला अफसरों की मेहनत रंग लाई और भैंस बरामद हो गई। वहीं एक बार फिर भैंसों ने पुलिस के पसीने छुड़ा दिए हैं, सीतापुर के विधायक सुरेश राही की दो भैंसें चोरी हो गईं हैं। भैंसों की तलाश में  सीतापुर से लेकर लखनऊ तक पुलिस परेशान है, मगर भैंस नहीं मिल पा रही है। अब इन भैंसों की  तलाश में पुलिस के काबिल अफसरों की टीम लगा दी गई है। भैंसों की तलाश जारी है।
दरअसल विधायक जी का फार्म हाऊस कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचम पुरवा में है। उनके फार्म हाऊस से शनिवार की रात को चोर दो भैंसें चोरी करके ले उड़ा। चौकीदार ने इसकी सूचना विधायक के पिता एवं पूर्व केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री रामलाल राही को दी। उन्होंने थाने में भैंस चोरी होने की एफआईआर दर्ज करा दी।
सीतापुर पुलिस के लिए भैंसों की बरामदगी उनकी नौकरी का सवाल बन गई है। कोतवाल साहब जानते हैं कि अगर ये भैंसें नहीं मिलीं तो उनकी कोतवाली सुरक्षित नहीं रहेगी, लिहाजा पूरा अमला भैंस खोजने में जुट गया है।

भैस चोरी होने की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एसपी को तत्काल भैसों की बरामदगी कराने के निर्देश दिए गए हैं। भैसों की तलाश में टीम बना दी गई है। जल्द ही भंैसें बरामद हो जायेंगी।
जय नारायण सिंह, आईजी, लखनऊ

मेरे फार्म हाऊस से दो भैंसें चोरी हो गईं। इस घटना की सूचना मैंने पुलिस को दे दी थी। पुलिस इस मामले में छानबीन कर रही है।
सुरेश राही, विधायक

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