अपने ही बन रहे जान के दुश्मन, तार-तार हो रहे रिश्ते

प्रतिष्ठा के नाम पर पिता ही उतार रहा बेटी को मौत के घाट
जमीन के टुकड़े के लिए चाचा ने ले ली भतीजे की जान
चचेर भाई ने ही लूट ली बहन की अस्मत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र के साउथ सिटी में रहने वाले एक पिता और भाइयों ने अपनी बेटी और बहन मार्टिना को गोलियों से छलनी कर उसे मौत के नींद सुला दिया। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। आरोपियो ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। हालांकि उनके गुनाह का पर्दाफाश मां की ममता ने कर दिया। मार्टिना की मां ने पुलिस के सामने इनकी करतूत उजागर कर दी। फिलहाल आरोपी पिता पुत्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं महोबा जनपद के शहर कोतवाली के कल्याणनगर रहने वाले खेमराज ने अपने सगे भतीजे जीतू को थोड़ी सी जमीन के लालच मेें चाकू से गोद डाला। दूसरी ओर बलिया में चचेरे भाई ने अपनी उस बहन की अस्मत लूट ली जिससे कभी उसने राखी बंधवाई थी। ये कुछ बानगियां है, जो समाज में कलंकित हो रहे रिश्तों की पोल खोल रहे हैं।
लालच, हवस और नाक की प्रतिष्ठा। जी हां रिश्तों को कलंकित करने के लिये यहीं कहना सही होगा कि कैसे अपने ही लोग थोड़े से लालच और नाक को ऊंचा करने के लिये अपनों का खून बहाने में भी पीछे नहीं हट रहे है। आधुनिकता की अंधी दौड़ में लोग रिश्ते, सामाजिकता और मानवता को ताक पर रखकर बड़ी ही बेरहमी से अपनों को मौत की नींद सुला रहे हैं। रिश्तों को कलंकित करने वाली सबसे घृणित घटना राजधानी के पीजीआई थाना क्षेत्र में घटी जहां पर एक पिता और भाइयों ने मार्टिना को गोलियों से छलनी कर दिया। यहीं नहीं आरोपी पिता राकेश गुप्ता ने अपने बेटों के साथ मिलकर पूरी घटना को आत्महत्या का रूप देना शुरू कर दिया और किसी को भनक न लगे इसके लिये बाकायदा एसएसपी को फोन करके शव का पोस्टमार्टम न कराने का दबाव भी बनाना शुरू कर दिया था। अभी यह सब कहानी रची ही जा रही थी कि मृतका की मां ने पुलिस को पिता द्वारा बेटी की हत्या करने की बात बता दी। इस पर पुलिस ने आरोपी पिता को पकडक़र जब थोड़ा सख्त रवैया अख्तियार किया तब जाकर मार्टिना के पिता ने अपने बेटों के साथ मिलकर बेटी की हत्या करने की बात कबूल कर ली। आरोपी पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी का अपने ही रिश्तेदार से प्रेम प्रसंग था और जब भी वह बेटी को शादी करने की बात कहते तब उनकी बेटी घर में बवाल करना शुरू कर देती थी इससे तंग आकर उन्होने अपनी बेटी को लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया।
रिश्तों को कलंकित करने वाली एक घटना प्रदेश के महोबा जनपद में भी हुयी जहां लालची चाचा ने अपने सगे भतीजे को चाकुओं से गोद दिया था। बताया जाता है कि भतीजा अपनी दादी के साथ रहकर उनकी देखभाल करता था। आरोपी को यह भय था कि उसकी मां कहीं उसके भतीजे के ही नाम जमीन न कर दें। इसी बात से बौखलाकर आरोपी चाचा ने भतीजे को चाकुओं से गोद डाला। सूचना पर पुलिस ने आरोपी खेमराज को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, बलिया में एक चचेरे भाई ने सारी इन्सानियत को ताक पर रख कर अपनी उस बहिन की अस्मत लूट ली। गुमशुम बेटी से मामला सुनकर मां के पैरों तले से भी जमीन खिसक गयी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को धर दबोचा और जेल भेज दिया गया है।
बाजारवाद ने संस्कारों को किया कमजोर: डीआर साहू
लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डीआर साहू का कहना है कि वर्तमान में परिवार का मूल्य और संस्कार बाजारवाद से प्रभावित हो रहे हैं। परिवार के प्रति त्याग करने की भावना बिल्कुल समाप्त हो चुकी है। लोग परिवार के कथित मूल्यों को बरकरार रखने के लिए किसी भी हद से गुजर रहे हैं उसी का परिणाम है कि लोग अपनों की जान लेने में भी नहीं हिचक रहे हैं। अगर कोई परिवार का आदमी गलत कर रहा है तो उसे समझाने के बजाय उसे सीधे दंडित कर दे रहे हैं। यह बहुत ही गलत है। ताज्जुब तो इस बात पर है कि ऐसी घटनाओं में दिन प्रतिदिन बढ़ोत्तरी हो रही है।
इस तरीके की वारदातें न हो इसके लिये समाज की सोच बदलनी बहुत जरूरी है। आज भी लोग लडक़े और लडक़ी में भेद करते हैं। वे कथित सम्मान की खातिर उसकी जान लेने में भी नहीं हिचकते हैं। इस सोच में परिवर्तन लाना बहुत जरूरी है।
-श्रीराम अरुण,
पूर्व पुलिस महानिदेशक, यूपी
कैसे अपने ही लोग थोड़े से लालच और नाक को ऊंचा करने के लिये अपनों का खून बहाने में भी पीछे नहीं हट रहे है। आधुनिकता की अंधी दौड़ में लोग रिश्ते, सामाजिकता और मानवता को ताक पर रखकर बड़ी ही बेरहमी से अपनों को मौत की नींद सुला रहे हैं।

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