यूपी में निवेश का रास्ता साफ करने में जुटी सरकार, संसाधनों को जुटाने की कवायद शुरू

अफसरों को हर जिले में 500 एकड़ जमीन चिंहित करने के निर्देश
उद्योगों के लिए आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर जोर
यूपी इंवेस्टर समिट में सरकार निवेशकों के सामने पेश करेगी कई सहुलियतें

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश में निवेश का रास्ता साफ करने के लिए योगी सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। निवेशकों को लुभाने के लिए हर जिले में उद्योगों के मद्देनजर जरूरी संसाधन जुटाने की तैयारी की जा रही है। यह सारी तैयारी अगले वर्ष होने वाली यूपी इंवेस्टर समिट को देखते हुए की जा रही है। इस समिट में शिरकत करने वाले निवेशकों के सामने सरकार तमाम प्रस्ताव पेश करेगी। साथ ही उन्हें प्रदेश में मिलने वाली सहुलियतों के बारे में भी विस्तार से बताएगी।
प्रदेश की योगी सरकार विकास की रफ्तार को तेज करने पर लगातार बल दे रही है। सरकार देशी और विदेशी निवेश के जरिए न केवल यहां उद्योग-धंधों को बढ़ावा देना चाहती है बल्कि इसके जरिए रोजगार के साधन भी बढ़ाना चाहती है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके कैबिनेट के कई मंत्री निवेशकों को अपने दौरों के दौरान यूपी में निवेश का न्योता लगातार दे रहे हैं। पिछले दिनों गोवा में हुए अंतरराष्टï्रीय फिल्म फेस्टिवल में पयर्टन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने फिल्म निर्माताओं को यूपी में फिल्म निर्माण का न्योता ही नहीं दिया बल्कि यहां मिलने वाली सब्सिडी का जिक्र भी किया। इसी तर्ज पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुजरात दौरे के दौरान दमन के कारोबारियों को निवेश का निमंत्रण दिया था। जाहिर है निवेश को लेकर प्रदेश सरकार काफी गंभीर दिख रही है।
यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष फरवरी महीने में होने जा रहे यूपी इन्वेस्टर समिट से पूर्व सरकार उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए कई आधारभूत सुविधाओं और संसाधनों को तैयार कर लेना चाहती है। सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में कम से कम 500 एकड़ जमीन चिह्नित करने और सुरक्षित करने के निर्देश जारी किये हैं। इसका मकसद प्रदेश के किसी भी हिस्से में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के समय आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराना है। औद्योगिक और अवस्थापना विकास आयुक्त अनूप चंद्र पाण्डेय ने इस बारे में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर जमीन चिह्नित करने और वहां आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों से कहा गया है कि औद्योगिक विकास के लिए चिह्नित जमीन तक सडक़ की उपलब्धता के साथ ही पानी, बिजली और श्रमिकों की उपलब्धता भी होनी चाहिए। अगले वर्ष फरवरी माह में देश और विदेश के टॉप उद्यमियों को प्रदेश में आयोजित होने जा रहे यूपी इन्वेस्टर समिट में आमंत्रित किया जायेगा। फरवरी महीने में 21 और 22 तारीख को यह समिट होनी है। इस समिट से हिस्सा लेने के लिए मुकेश अम्बानी, अनिल अम्बानी , कुमार मंगलम बिड़ला, आनंद महिंद्रा, आदित्य गोदरेज जैसे कई प्रतिष्ठित उद्यमियों को आमंत्रित किया गया है। समिट से पहले 8 दिसंबर को दिल्ली में एक रोड शो आयोजित किया जाना है और इसी के साथ एक डिनर का भी आयोजन किया जा रहा है जिसमें कई देशों के राजनयिक और उच्चायुक्त शामिल होंगे। इसी दिन आयोजित बैठक में सरकारी अफसरों और उन सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे, जिनके उपक्रम प्रदेश में पहले से संचालित हो रहे हैं और वे इनका विस्तार करना चाहते हैं।

समिट में हिस्सा लेंगे 40 देशों के प्रतिनिधि
उत्तर प्रदेश सरकार देश के छह शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, बेंगलुरु और हैदराबाद में रोड शो आयोजित करेगी। इन आयोजनों में से कई में प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना मौजूद रहेंगे। विभागीय अफसरों की माने तो लखनऊ में होने वाली समिट में 40 देशों के प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। इसके साथ ही 43 देशों के राजनयिक और विदेश सचिवों के भी कार्यक्रम में मौजूद रहने की उम्मीद हैं।

इस पर बड़े कारपोरेट्स की नजर
उत्तर प्रदेश में जेपी ग्रुप के दिवालिया होने के बाद नीलाम होने जा रही परिसम्पत्तियों पर अडाणी, हिंदुजा और जिंदल ग्रुप की नजरें हैं। जेपी इंफ्राटेक सहित कई अन्य कंपनियों की नीलामी में टाटा रियलिटी, एलएंडटी इंफ्रा, वेदांता ग्रुप, आईडीएफसी और एनआईआईएफ जैसे कंपनियां भी अपने दावेदारी की तैयारी में हैं। ज्यादातर निवेशक जेपी इंफ्राटेक और ताज एक्सप्रेसवे में रूचि लेते दिख रहे हैं। परिसम्पत्तियों की नीलामी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है।

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