पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष ने डुबाई कांग्रेस की लुटिया

टिकटों के कुप्रबंधन को भी हार के लिए माना जा रहा जिम्मेदार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। टिकट बंटवारे को लेकर कार्यकर्ताओं में उपजे असंतोष, मेयर प्रत्याशी तय करने में मची अफरातफरी और चुनाव लड़ाने की अधूरी तैयारियों ने कांग्रेस को और कमजोर कर दिया। आलम यह रहा कि सात में से केवल तीन पार्षद ही अपनी सीट बचा सके। जबकि दो वर्तमान पार्षदों को अपनी सीट गंवानी पड़ी। वहीं पार्टी में बगावत के चलते कुंडरी रकाबगंज सीट से कांग्रेस का उम्मीदवार ही खड़ा नहीं हुआ।
कांग्रेस में सबसे पहले मेयर प्रत्याशी को लेकर अफरातफरी मची। कांग्रेस ने कुसुम शर्मा को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। वह अगले दिन नामांकन करने पहुंची तो पता चला कि पार्टी ने प्रेमा अवस्थी को मेयर उम्मीदवार बना दिया है। इसी बीच पार्टी की वरिष्ठ नेता अनुसुइया शर्मा ने भी पार्टी के नाम पर नामांकन कर दिया। बाद में पार्टी की तरफ से स्थिति साफ की गई और प्रेमा अवस्थी कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी बनीं। इसी प्रकार गढ़ी पीर खां वार्ड से शहर कांग्रेस ने नौशाद अली का टिकट काटकर अकील अहमद को दिया था। अकील अहमद 372 वोटों के साथ पांचवे नंबर पर आए। जबकि नौशाद अली आप से खड़े हुए और उनको 658 वोट मिले। कन्हैया माधोपुर द्वितीय वार्ड से कांग्रेस की प्रत्याशी आरती द्विवेदी केवल 94 वोट ही पा सकी। जबकि बगावत करने वाली पूनम रावत को 98 वोट मिले। कांग्रेस को बड़ा झटका लाला लाजपत राय वार्ड से पूर्व पार्षद शैलेंद्र तिवारी बब्बू की हार पर लगा। वहीं हजरतगंज रामतीर्थ वार्ड से वर्तमान कांग्रेस पार्षद प्रदीप कनौजिया को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा।

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