योगी सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर या कमजोर विपक्ष ने आसान की बीजेपी की राह

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। निकाय चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। घोषित नतीजों और मतगणना के रुझान से साफ है कि प्रदेश में अधिकांश शहरी निकायों में भाजपा काबिज होने जा रही है। बड़ा सवाल यह है कि यह जनादेश योगी सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर है या फिर विपक्षी दलों ने चुनाव को चुनौती के रूप में नहीं लिया, इससे भाजपा की राह काफी आसान हो गई।
यूपी में विधानसभा का चुनाव योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर नहीं लड़ा गया था। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ा गया था। लेकिन निकाय चुनाव योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर लड़ा गया और योगी ने इस चुनाव को चुनौती के रूप में लेते हुए पूरी गंभीरता से चुनाव लड़ा। पूरे प्रदेश में तमाम रैलियां योगी ने की थीं। साथ ही इस तथ्य को भी नहीं झुठलाया जा सकता कि विपक्षी दलों ने निकाय चुनाव को गंभीरता से नहीं लिया। प्रत्याशी का चयन हो या फिर चुनाव प्रचार की रणनीति, दोनों मुद्दों पर विपक्षी दल फेल हो गए। इसी का परिणाम रहा कि भाजपा निकाय चुनाव में भारी सफलता की ओर बढ़ रही है।
चुनाव परिणाम को इस रूप में देखा जा रहा है कि प्रदेश की जनता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के कामकाज पर मुहर लगाई है। यह ठीक है कि सरकार को अभी बहुत समय नहीं हुआ है। सात-आठ महीने के कार्यकाल का मूल्यांकन तो इस चुनाव में किया जा सकता है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जनता से जो वायदे किए थे, उनको पूरा करने की ओर योगी सरकार बढ़ी है। लेकिन सिर्फ एक वायदे पर ही पूरी तरह से अमल हो सका। वह है किसानों की कर्ज माफी का। दूसरे वायदों पर सरकार को उतनी सफलता नहीं मिली है जितनी मिलनी चाहिए थी। चाहे वह कानून व्यवस्था का मामला हो या फिर सडक़ों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान हो, कानून व्यवस्था के नाम पर सरकार सिर्फ एनकाउंटर ही गिना सकी है। प्रदेश की अन्य सडक़ों की बात छोड़ दें तो राजधानी की सडक़ों का हाल बुरा है।
इस तरह इस चुनाव में जनादेश सरकार के कामकाज पर कम कमजोर विपक्ष के चलते मिला है। खासतौर पर सपा और कांग्रेस विधानसभा चुनाव की पराजय से उपजी हताशा से बाहर नहीं निकल सकी। दोनों दलों को भविष्य की राजनीति पर मंथन करना होगा। बसपा को संजीवनी जरूर मिली है।

सुरेश खन्ना ने जीत का श्रेय दिया योगी को

लखनऊ। नगर निकाय चुनाव में बड़ी जीत की ओर बढ़ रही भारतीय जनता पार्टी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रदेश के संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना इस जीत का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हैं। 4पीएम से बातचीत में सुरेश खन्ना ने कहा कि नरेंद्र मोदी का कुशल नेतृत्व, योगी आदित्यनाथ के समर्पण भाव से काम करने और कार्यकर्ताओं के परिश्रम से यह नतीजे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब नेतृत्व की नीयत और मंशा साफ हो तो सफलता मिलती है। श्री खन्ना ने भाजपा प्रत्याशियों की जीत पर प्रदेश की जनता और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह ठीक है कि पराजय के डर से विपक्ष के नेता पहले से किनारा कर रहे थे। लेकिन यह जनादेश योगी सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने अल्पकाल में कई बड़े कदम उठाए हैं। भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी प्रशासन व्यवस्था देना सरकार की प्राथमिकता है। नगर विकास में गिरावट का माहौल थमा है।

दिन रात काम करने की वजह से मिली जीत: दिनेश शर्मा

बीजेपी को मिल रही प्रचंड जीत पर यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा है कि विपक्षी पार्टियां एक साथ मिलकर भी बीजेपी का मुकाबला नहीं कर पाई हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने प्रदेश में दिन रात काम किया है। इसी का नतीजा है कि नगर निगम चुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत मिलने जा रही है।

जनता का विश्वास हमारे साथ:केशव प्रसाद मौर्य

सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, सपा और कांग्रेस के लोग हार के डर से जनता के बीच नहीं गए हैं। हमारे नेतृत्व ने यूपी में बेहतरीन काम किया है। इसलिए रुझान हमारे अनकूल दिख रहे हैं। भाजपा बनाम अन्य 2014 से ही शुरु हो गया था और अभी ये आगे भी चलेगा। जनता का विश्वास हमारे साथ है। इसलिए हमारा संगठन व जनता का विश्वास आगे और मजबूत होगा।

राजधानी: वार्डों में भी भाजपा आगे

लखनऊ। राजधानी में निकाय चुनाव परिणामों की घोषणा जारी है। यहां विभिन्न वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। खबर लिखे जाने तक आए परिणामों के मुताबिक त्रिवेणी नगर से भाजपा के मुन्ना मिश्रा जीत गए हैं।
वार्ड 81 राजाजीपुरम से भाजपा के राजीव कृष्ण त्रिपाठी ने निर्दलीय जितेन्द्र उपाध्याय को 287 वोट से हराया। वार्ड नंबर 2 से भाजपा की बीना रावत ने अशोक चौधरी को 228 वोट से हराया। लखनऊ वार्ड नंबर 62 मनकामेश्वर वार्ड से भाजपा के रंजीत यादव जीते। वार्ड नंबर 75 फैजुल्लागंज से भाजपा के प्रदीप शुक्ला ने राजद के नबी अहमद को 1054 वोट से हराया। गोलागंज वार्ड नंबर 78 से कांग्रेस के मोहम्मद हलीम जीते। इंदिरानगर वार्ड नंबर 86 से भाजपा के वीरेंद्र कुमार वीरू ने कांग्रेस के राम मोहन को 911 वोट से हराया। लोहिया नगर वार्ड 77 से भाजपा की मिथलेश कुमार जीतीं। वार्ड नंबर 4 सरोजनीनगर से भाजपा के राम नरेश रावत ने बसपा के जीतेन्द्र कन्नौजिया को हराया। वार्ड नंबर 52 इस्माइलगंज प्रथम से कांग्रेस की अमिता सिंह ने भाजपा की पारुल सिंह को हराया। वार्ड नंबर 10 मालवीय नगर से कांग्रेस की ममता चौधरी ने भाजपा की अंजू कन्नौजिया को हराया। वार्ड नंबर 19 गुरुनानक नगर से भाजपा की रेखा भटनागर जीतीं। कदम रसूल वार्ड से सपा के प्रत्याशी मोहम्मद सगीर 1400 वोटों से जीतें। सगीर लगातार चौथी बार जीते।

यहां मतगणना शुरू होने में हुई देरी
लखनऊ में रमाबाई मैदान में 15 मिनट देरी से काउंटिंग शुरू हुई। टेबल पर ईवीएम मशीन और बैलेट पेपर पहुंचे। वहीं फर्रूखाबाद स्थित राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़ में मतगणना का काम 8 बजे शुरू होना था लेकिन 8.15 बजे तक कर्मचारी ही नहीं पहुंचे। फतेहपुर में सुबह 8 बजे से मतगणना प्रारंभ होना था लेकिन 8 बजकर 10 मिनट तक केवल मतगणना कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।

मतगणना के दौरान कई जगहों पर हुई हिंसा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में वोटों की गिनती जारी है। लगातार कई जगहों से नतीजे और रुझान सामने आ रहे हैं। लेकिन इसी बीच कई जगहों पर हंगामे की भी खबर है। मुजफ्फरनगर में मतगणना स्थल से भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने लोगों पर लाठीचार्ज किया है, वहीं दूसरी तरफ कानपुर और लखनऊ में भी ईवीएम को लेकर बवाल हुआ है। लखनऊ में जानकीपुरम से सपा की पार्षद प्रत्याशी अपूर्वा वर्मा ने ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने डीएम को लिखित शिकायती पत्र भी सौंपा, जिसमें चुनाव रद्ïद करने की मांग की गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के डीएवी इंटर कॉलेज में मतगणना स्थल से लोगों को हटाने के लिए स्थानीय पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान लाठीचार्ज में चार युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना की वजह से स्थानीय लोगों ने हंगामा किया है। वहीं कुछ लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की है। इससे पहले कानपुर में भी ईवीएम को लेकर हंगामा हुआ। एक मतगणना स्थल पर ईवीएम की टेबल बदलने पर कई समर्थकों ने वहां पर नारेबाजी शुरू कर दी। बाराबंकी में भी मतगणना शुरू होने में देरी होने पर गैर-बीजेपी प्रत्याशियों ने हंगामा किया था।
गौरतलब है कि इससे पहले भी वोटिंग के दौरान कई जगह हिंसा और हंगामा हुआ था। कई जगह ईवीएम में खराबी और वोटर लिस्ट में नाम ना होने पर वोटरों की नाराजगी दिखाई दी थी। आपको बता दें कि अभी तक आए रुझानों में बीजेपी काफी आगे चल रही है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद सत्ता में योगी आदित्यनाथ की पहली अग्निपरीक्षा है।

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