दोपहर डेढ़ बजे तक नगर निकाय चुनाव के रूझान

निकाय चुनाव: नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत में बीजेपी का परचम

बीजेपी ने निकाय चुनाव में जीत का श्रेय दिया सीएम योगी को
विपक्षी दलों ने सरकार पर लगाया धांधली का आरोप
नगर निगम में बसपा ने तीन सीटों पर बनाई बढ़त

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लखनऊ सहित 16 नगर निगम, 198 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों में तीन चरणों में हुए चुनाव की मतगणना जारी है, जिसमें कई जगहोंके परिणाम घोषित हो चुके है। डेढ़ बजे तक के रुझानों में बीजेपी को जबर्दस्त जीत हासिल हुई है।
निकाय चुनाव योगी सरकार के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं थी। फिलहाल अब तक के रुझानों और नतीजों से साफ है कि सीएम योगी इस परीक्षा में पास हो गये हैं। बीजेपी ने भी जीत का श्रेय सीएम योगी और उनके कामकाज को दिया है। मतगणना शुरू होने के कुछ देर बाद से ही बीजेपी भारी बढ़त बनाए हुए थी। कुछ सीटों पर बसपा से बीजेपी को कड़ी टक्कर मिली। खबर लिखे जाने तक मथुरा, अयोध्या और सहारनपुर नगर निगम के चुनाव परिणाम घोषित हो चुके थे। मथुरा से भाजपा प्रत्याशी मुकेश आर्य, अयोध्या से भाजपा प्रत्याशी ऋषिकेश उपाध्याय और संजीव वालिया (भाजपा) विजयी हुए हैं। मालूम हो अयोध्या में सपा ने एक ट्रांसजेंडर को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया था। नगर निगम चुनाव के अब तक के रुझान में मेरठ, आगरा और झांसी में बसपा आगे हैं, बाकी जगहों पर बीजेपी आगे चल रही है।

नगर निगम(१६) प्रत्याशी परिणाम
मथुरा मुकेश आर्य(भाजपा) जीते
मेरठ सुनीता वर्मा (बसपा) आगे
फिरोजाबाद नूतन राठौर(भाजपा) आगे
वाराणसी मृदुला जायसवाल (भाजपा) आगे
सहारनपुर संजीव वालिया (भाजपा) जीते
गोरखपुर सीताराम जायसवाल (भाजपा) आगे
लखनऊ संयुक्ता भाटिया (भाजपा) जीतीं
कानपुर प्रमिला पांडेय (भाजपा ) आगे
गाजियाबाद आशा शर्मा (भाजपा) आगे
आगरा दिगंबर सिंह (बसपा) आगे
इलाहाबाद अभिलाषा गुप्ता (भाजपा) आगे
बरेली उमेश गौतम (भाजपा) आगे
मुरादाबाद विनोद अग्रवाल (भाजपा) आगे
अलीगढ़ डॉक्टर राजीव अग्रवाल (भाजपा) आगे
झांसी ब्रजेंद्र व्यास (बसपा) आगे
फैजाबाद ऋषिकेश उपाध्याय (भाजपा ) जीते

कांग्रेस व सपा का नहीं खुला खाता
नगर निगम चुनाव में कांग्रेस और सपा का खाता भी नहीं खुला। हालांकि ये माना जा रहा था कि फिरोजाबाद से सपा जीत सकती थी लेकिन वहां भी सपा को निराशा मिली। दरअसल फिरोजाबाद को नगर निगम का दर्जा सपा सरकार ने दिया था। यहां पहली बार नगर निगम चुनाव हो रहा है। फिरोजाबाद से मुलायम परिवार के अक्षय यादव सांसद भी है। इसी तरीके से मथुरा से कांग्रेस प्रत्याशी की जीत का अनुमान लगाया जा रहा था। अंतिम समय तक कांटे की टक्कर के बाद जीत भाजपा की झोली में चली गई। फिलहाल नगर निगम की 16 सीटों में जहां बीजेपी के तीन प्रत्याशी जीत गए है और 10 पर बढ़त बनाये हुए हैं वहीं बसपा तीन सीटों पर आगे चल रही है।

संयुक्ता भाटिया को लखनऊ की जिम्मेदारी, मिली शानदार जीत

सौ साल के इतिहास में लखनऊ को मिली पहली महिला मेयर
सपा की मीरा वर्धन रहीं दूसरे नंबर पर
बसपा को पछाड़ तीसरे नंबर पर कांग्रेस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। आखिरकार लखनऊ को पहली महिला मेयर मिल ही गई। बीजेपी की संयुक्ता भाटिया ने सपा की मीरा वर्धन को भारी मतों से हराया। संयुक्ता भाटिया ने मतगणना के शुरुआत से ही मीरा वर्धन पर बढ़त बनाये रखी थी। आखिरकार उन्होंने जीत हासिल कर लखनऊ की पहली महिला मेयर होने का गौरव हासिल कर लिया। नवाबों के शहर लखनऊ को 100 साल में पहली बार महिला मेयर मिली है। राजधानी में नगर निगम चुनावों के दूसरे चरण के तहत मतदान हुआ था। गौरतलब है कि पिछले 100 साल में लखनऊ की मेयर कोई महिला नहीं बनी है। इस बार लखनऊ मेयर की सीट महिला के लिए आरक्षित थी। चुनाव मैदान में बीजेपी ने संयुक्ता को अपना प्रत्याशी बनाया था तो वहीं सपा ने मीरा वर्धन को, बसपा ने बुलबुल गोडियाल और कांग्रेस ने प्रेमा अवस्थी को अपना प्रत्याशी बनाया था। इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने प्रियंका माहेश्वरी को मैदान में उतारा था। हांलाकि संयुक्ता भाटिया की जीत का अनुमान शुरु से था।

कौन हैं संयुक्ता भाटिया
संयुक्ता भाटिया काफी वक्त से लखनऊ से बीजेपी मेयर टिकट की मजबूत दावेदार थीं। संयुक्ता के परिवार की पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ी रही है। उनके पति सतीश भाटिया लखनऊ कैंट से बीजेपी विधायक रह चुके हैं। सतीश भाटिया ने पहली बार इस सीट पर बीजेपी को 1991 में जीत दिलाई थी। संयुक्ता के बेटे प्रशांत भाटिया राष्ट्रीय स्वयं संघ के विभाग कार्यवाह (लखनऊ विभाग)एवं व्यापर मंडल के पदाधिकारी भी है। जीएसटी की वजह से व्यापारी पहले सपा को समर्थन देने की सोच रहे थे लेकिन अंतिम समय में अपना फैसला बदलते हुए संयुक्ता भाटिया को समर्थन किया। चुनाव से पहले 80 फीसदी वॉर्ड संयोजकों और प्रभारियों ने उनके पक्ष में समर्थन दिया था। इसके अलावा सूबे में बीजेपी सरकार के गठन के बाद अगस्त 2017 में संयुक्ता को महिला आयोग का सदस्य भी नामित किया गया था।

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