निकाय चुनाव बाद यूपी के संगठन में बड़ा बदलाव करेगी भाजपा, नए चेहरों को मिलेगा मौका

छह प्रदेश उपाध्यक्षों के पदों पर दूसरे व्यक्तियों का होगा चयन
स्वतंत्र देव व अनुपमा जायसवाल की जगह नए बनेंगे महामंत्री
कोषाध्यक्ष और सहायक कोषाध्यक्ष के पदों पर भी आएंगे नये पदाधिकारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। भाजपा में कई महीनों से खाली पड़े पदों को भरने के लिए कवायद शुरू हो चुकी है। शहरी निकाय चुनाव के बाद संगठन में बड़े बदलाव संभव हैं। तमाम नये चेहरों को संगठन में जगह मिलने और कई की प्रोन्नति होने की बात कही जा रही है। साथ ही विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव में टिकट से वंचित रहे निष्ठावान कार्यकर्ताओं को संगठन में समायोजित करने की भी उम्मीद है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद ही डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने बदलाव के संकेत दिए थे किंतु निकाय चुनाव की वजह से उसे टाल दिया गया था।
यूपी में भाजपा की सरकार बनने के बाद कई पदाधिकारियों के मंत्री बनने के बाद पद खाली हो गए थे, इन सभी पदों पर समायोजन किया जाना है। भाजपा में एक व्यक्ति-एक पद का सिद्धांत है। उप मुख्यमंत्री बनने के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था, लेकिन अभी बाकी लोग मंत्री और पदाधिकारी बने हुए हैं। अप्रैल 2016 में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य बने थे। उन्होंने अपनी जो कार्यकारिणी घोषित की थी, आज भी वही कार्यकारिणी अस्तित्व में है। जो पदाधिकारी केंद्र और प्रदेश सरकार में मंत्री बन गए हैं, उनकी जगह दूसरे नेताओं को मौका दिया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि जो पद रिक्त होंगे उन पर प्रदेश पदाधिकारियों की प्रोन्नति कर दी जाएगी। प्रदेश संगठन में उपाध्यक्ष के 14 पद हैं। इनमें दो उपाध्यक्ष शिवप्रताप शुक्ल और डॉ. सत्यपाल सिंह अब केंद्र सरकार में मंत्री हैं, जबकि आशुतोष टंडन, धर्मपाल सिंह और सुरेश राणा योगी सरकार में मंत्री हैं। एक और प्रदेश उपाध्यक्ष कांता कर्दम मेरठ नगर पालिका में महापौर का चुनाव लड़ रही हैं। इस तरह छह प्रदेश उपाध्यक्षों के पदों पर दूसरे व्यक्तियों को अवसर मिलना तय माना जा रहा है।
इसी तरह प्रदेश में आठ महामंत्रियों में दो महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अनुपमा जायसवाल भी योगी सरकार में मंत्री हैं। इनकी जगह भी दूसरे महामंत्री बनाये जाने हैं। कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल वित्त मंत्री हैं जबकि सह कोषाध्यक्ष नवीन जैन को आगरा से महापौर का टिकट मिला है। इन पदों पर भी किसी और को मौका मिलना है। इस बात की उम्मीद ज्यादा है कि संगठन में काम करने वाले पदाधिकारियों को प्रोन्नति दी जा सकती है। प्रदेश मंत्री पद पर 15 लोग तैनात हैं। प्रदेश मंत्रियों में गोविंद नारायण शुक्ल, सुभाष यदुवंश, संतोष सिंह, कौशलेंद्र सिंह पटेल, कामेश्वर सिंह, मंजू दिलेर, महेश चंद्र श्रीवास्तव को भी प्रोन्नति मिल सकती है।

मीडिया प्रकोष्ठï में बदलाव और मोर्चों में गठित होगी कमेटी

भाजपा के मीडिया प्रकोष्ठ का भी पुनर्गठन संभव है। मौजूदा कई प्रदेश प्रवक्ताओं को प्रोन्नति दिए जाने के आसार बन रहे हैं। जिनमें चंद्रमोहन का भी नाम बताया जा रहा है। मीडिया में बदलाव से अन्य पदाधिकारियों को भी अवसर मिलने की संभावनाएं हैं। भाजपा में मोर्चों के अध्यक्षों की घोषणा एक वर्ष पहले ही हो गई थी, लेकिन अभी तक उनकी कार्यकारिणी गठित नहीं हो सकी है। इनमें मंत्री होने की वजह से महिला मोर्चा की अध्यक्ष स्वाति सिंह के स्थान पर दूसरे का मनोनयन होना है। भाजयुमो अध्यक्ष सुब्रत पाठक, अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष कौशल किशोर, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष छोटेलाल खरवार, अल्पसंख्यक मोर्चा के हैदर अब्बास, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष राजेश वर्मा और किसान मोर्चा के अध्यक्ष चौधरी राजा वर्मा की कमेटी भी घोषित होनी है।
इस बात की उम्मीद ज्यादा है कि संगठन में काम करने वाले पदाधिकारियों को प्रोन्नति दी जा सकती है। प्रदेश मंत्री पद पर 15 लोग तैनात हैं। प्रदेश मंत्रियों में गोविंद नारायण शुक्ल, सुभाष यदुवंश, संतोष सिंह, कौशलेंद्र सिंह पटेल, कामेश्वर सिंह, मंजू दिलेर, महेश चंद्र श्रीवास्तव को भी प्रोन्नति मिल सकती है।

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