कारसेवकों पर गोली चलवाने के बयान पर फंस सकते हैं मुलायम

फैजाबाद के एक कारसेवक की विधवा ने निचली अदालत में दायर किया हत्या व षडय़ंत्र का केस
प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने परिवाद पर सुनवाई का आदेश सुरक्षित रखा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। निकाय चुनाव के बीच समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव द्वारा अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलवाने का बयान भारी पड़ सकता है। मंगलवार को एक कारसेवक की विधवा ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के खिलाफ न्यायालय में हत्या और षडय़ंत्र करने का परिवाद दायर कराया है। इस मामले में प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवींद्र दुबे ने सुनवाई का आदेश सुरक्षित कर लिया है।
वर्ष 1990 में दो नवंबर को अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाई गई थी, जिसमें फैजाबाद के रमेश कुमार पांडेय की मौत हुई थी। उस समय मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे। मृतक रमेश कुमार पांडेय की पत्नी गायत्री देवी ने कहा, बीते दिन मुलायम सिंह यादव ने अपने जन्मदिन पर दिए भाषण में अयोध्या में गोली चलवाने की बात स्वीकार की है। ऐसे में उन्हें दंडित किया जाए। जब भी मैं ये बात सुनती हूं तो मुझे दुख होता है। गायत्री देवी का कहना है कि जब भी मुलायम सिंह यादव कहते हैं कि गोली हमने चलवाई थी तब-तब गुस्सा आता था। जब 22 नवंबर को मुलायम सिंह ने अपने बर्थडे पर फिर कहा कि गोली हमने चलवाई थी। अयोध्या में जब गोली चलवाई थी तब भी इतनी कम सीटें हमको नहीं मिली थीं। परिवाद में कहा गया है कि मुलायम सिंह यादव ने मेरे पति को गोली से मरवाया था। 1990 में जो गोली चली थी उसमें मुलायम सिंह दोषी हैं। ऐसे में उन्हें आईपीसी की धारा 302 और 120 बी के तहत तलब कर दंडित किया जाए।

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