रेवड़ी की तरह बांट दिया रात्रिकालीन सफाई का काम, कूड़े से पटे बाजार

जानकारी के बावजूद नहीं की जा रही कार्रवाई, निरीक्षकों ने कहा फोन नहीं उठाते संस्था संचालक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर के बाजारों की सफाई के नाम पर नगर निगम में खूब गोलमाल किया गया है। रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था के लिए अफसरों ने अपनी चहेती संस्थाओं को रेवड़ी की तरह काम बांट दिए हैं। अब ये संस्थाए काम में जमकर हीलाहवाली कर रही हैं। सफाई व्यवस्था चौपट होने के बावजूद नगर निगम के अफसर संस्थाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
शहर के प्रमुख बाजारों में 28 कार्यदायी संस्थाओं को नगर निगम की ओर से तीन माह के लिए लगभग 67 लाख का काम दिया गया है। शहर के बाजारों में रात्रिकालीन सफाई के लिए 300 कर्मचारी तैनात हैं। इसके बावजूद बाजारों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। आलम यह है कि लाखों का काम बांटने के बाद नगर निगम के अफसर बाजारों के निरीक्षण की जहमत तक नहीं उठा रहे हैं। जब सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया जाता है तो जिम्मेदार यह कह कर पल्ला झाड़ ले रहे हैं कि संस्था संचालक फोन नहीं उठाते हैं। ऐसे एक नहीं बल्कि आधा दर्जन मामले प्रकाश में आ चुके हैं। सफाई व्यवस्था चौपट होने के बावजूद नगर निगम के क्षेत्रीय निरीक्षक संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिख कर नहीं दे रहे हैं। इन संस्थाओं की कार्य प्रणाली के बारे में नगर निगम के पास कोई ब्यौरा नहीं है। सूत्रों के मुताबिक कुछ कार्यदायी संस्थाए नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा संचालित हैं। ऐसे में सफाई के नाम पर लाखों का बजट हड़पने की तैयारी है। नगर निगम के अफसर खुद इस बात को मान रहे हैं कि कार्यदायी संस्था के द्वारा सफाई कार्य में हीलाहवाली की जा रही है। जिसका सीधा असर शहर के बाजारों की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। गौरतलब है कि निशातगंज मार्केट, महानगर गोल मार्केट और कपूरथला में सफाई व्यवस्था खराब है। बाजारों में सुबह के समय कूड़े के ढेर आसानी से देखे जा सकते हैं।

सभी जोनल अफसरों को रात्रिकालीन सफाई के निरीक्षण के निर्देश दिए जाएंगे। कुछ दिनों में सफाई कर्मियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज होनी शुरू हो जाएगी। इससे व्यवस्था में सुधार होगा।
-उदयराज सिंह, नगर आयुक्त

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