रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था के नाम पर करोड़ों का बजट गटकने की तैयारी

निशातगंज बाजार में जगह-जगह लगा कूड़े का ढेर खोल रहा नगर निगम की पोल
शहर के बाजारों को चमकाने के लिए शुरू की गई है रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर के बाजारों को चमकाने के लिए शुरू की गई रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था में भ्रष्टचार शुरू हो गया है। नगर निगम की ओर से बाजारों की सफाई के नाम पर करोड़ों का बजट खर्च किया जा रहा है, लेकिन बाजारों में रात्रिकालीन सफाई नहीं हो रही है। शहर में एक नहीं बल्कि सभी बाजारों की सफाई व्यवस्था चौपट है। सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम के अफसर सुस्त हैं।
शहर के निशातगंज बाजार की बात करें तो यहां की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त पड़ी है। बाजार में गंदगी का अंबार लगा है। रात में सफाई न होने के कारण यहां जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए है। बाजार के हालात इस कदर चौपट हैं कि यहां के व्यापारी खुद के खर्च पर सफाई कराने को तैयार हैं। कुछ दुकानदारों ने बताया कि उनकी ओर से निजी सफाई कर्मी लगाये गए हैं। नगर निगम की ओर से कोई सफाई नहीं की जा रही है। निशातगंज की सफाई के लिए कार्यदायी संस्था को 10 कर्मचारियों का वेतन दिया जा रहा है। संस्थाओं को प्रति कर्मचारी 7500 रुपये प्रति माह भुगतान किया जा रहा है। फिर भी बाजार गंदगी से पटा है। ऐसे में सफाई के नाम पर जारी किया गया करोड़ों का बजट कहां जा रहा है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण का कहना है कि निशातगंज में सफाई न किए जाने की शिकायत मिली है। संस्था मालिक क्षेत्रीय सफाई निरीक्षक का फोन भी नहीं उठाते हैं।

सफाई के साथ समझौता नहीं होगा। काम न करने वाली कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई होगी।
– उदयराज सिंह, नगर आयुक्त

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