स्वच्छता का ढिंढोरा पीटने वाली सरकारों की खुल रही पोल: कांगे्रस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। ग्रीन सिटी-क्लीन सिटी, स्मार्ट सिटी, स्वच्छता अभियान का ढिंढोरा पीटने वाली मोदी एवं योगी सरकार की हकीकत सबसे सामने आ रही है। पूरा देश प्रदूषण के जहरीले धुएं की चपेट में आ चुका है। यूपी की राजधानी लखनऊ सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में चौथे स्थान पर है। वहीं कानपुर दूसरे तथा गाजियाबाद तीसरे स्थान पर हैं। इन शहरों में रहने वाले लोग प्रदूषण से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। ऐसे में कोई ठोस उपाय करने के बजाय भाजपा नेता स्वच्छता का दिखावा करने और फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता कृष्णकांत पांडेय ने जारी बयान में कहा कि प्रदूषण का आलम यह है कि स्कूल-कालेजों को बन्द करने की नौबत आ चुकी है, यदि यही हाल रहा तो लोग असमय कालग्रस्त हो जायेंगे। प्रदूषण से मुक्ति के लिए मुख्य रूप से पर्यावरण स्वच्छ होना जरूरी है, जिसके तहत स्वच्छता और वृक्षारोपण पहली प्रथमिकता है। आंकड़ों पर गौर करें तो 2012 तक यूपी में 33 प्रतिशत वृक्षारोपण का लक्ष्य था जो अभी तक 9.13 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। सरकार किस भूमि पर वृक्षारोपण करायेगी अभी तक कोई प्लानिंग नहीं बन पायी है। पूरे प्रदेश में लगभग 97000 आबाद गांव हैं, जिनमें लगभग एक तालाब प्रति गांव के हिसाब से अवैध कब्जे में है। अधिकांश छोटी नदियों को पाटकर लोग कब्जा कर रहे हैं, जो नदियां कब्जे से मुक्त हैं, वह अवैध खनन का शिकार हो रही हैं।

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