जीपीएस का साइड इफेक्ट, आधा दर्जन चालकों ने छोड़ी नौकरी

  • नगर निगम ने तेल चोरी पर लगाई लगाम  सफाई व्यवस्था की मॉनीटरिंग जारी
  • वाहनों में लगे जीपीएस के साथ छेड़छाड़ करने वालों की भी होगी छुट्टी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम की कूड़ा गाडिय़ों में जीपीएस डिवाइस लगने का साइड इफेक्ट वाहन चालकों पर साफ नजर आने लगा है। सफाई व्यवस्था को सुधारने और तेल चोरी पर लगाम लगाने का यह तरीका वाहन चालकों को रास नहीं रहा है। पिछले 15 दिनों की बात करें तो कार्यदायी संस्था के माध्यम से कार्यरत लगभग आधा दर्जन से अधिक वाहन चालक नौकरी छोड़ कर भाग खड़े हुए हंै। जीपीएस डिवाइस से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ भी नगर आयुक्त ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राजधानी की सफाई व्यवस्था को सुधारने और तेल चोरी पर शिकंजा कसने के लिए नगर निगम की ओर से कूड़ा वाहनों में जीपीएस डिवाइस लगाने का काम किया जा रहा है। इस व्यवस्था को चौपट करने के लिए पहले तो कुछ वाहन चालकों ने वाहन में लगे जीपीएस डिवाइस के साथ छेड़छाड़ की और बाद में जब मामला पकड़ में आया तो मुख्य अभियंता का घेराव कर दूसरे वाहन चालकों पर डिवाइस खराब करने का आरोप लगा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक विभाग में कार्यदायी संस्था के माध्यम से तैनात कई वाहन चालकों ने काम छोड़ दिया है, जिसके चलते मुख्य अभियंता ने नए चालकों को लगाने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम के एक अफसर ने बताया कि कुछ ड्राइवर तेल चोरी में संलिप्त थे, लेकिन जीपीएस डिवाइस लगाने के बाद उनकी चोरी पकड़ी जा रही है। लिहाजा वे काम छोड़ रहे हैं। विभाग में जीपीएस डिवाइस का असर साफ दिख रहा है और यह बात सामने निकल कर आ रही है कि लम्बे समय से नगर निगम के वाहनों से तेल चोरी का खेल चल रहा था।

तेल खर्च में 50 लाख की बचत

तेल के मद में नगर निगम के खर्च में भारी कमी आयी है। पिछले एक माह का आंकड़ा निकाल कर देखें तो नगर निगम को तेल के खर्च में 50 लाख की बचत हुई है। इसके आलावा तेल चोरी की शिकायत मिलने पर भी कार्रवाई हो रही है। कई बार वाहन चालकों पर 500 और उससे अधिक का जुर्माना लगाया जा चुका है।

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