नहीं रहा बच्चों का सबसे फेवरेट टाइगर आर्यन

  • चिडिय़ाघर के सबसे बुजुर्ग टाइगर की मौत से हडक़ंप
  • एक महीने से बीमार था आर्यन, डाक्टरों की कोशिश के बाद भी नहीं बचा आर्यन
  • 20 किलो फूलों की माला और शव यात्रा में फूलों की बारिश कर आर्यन को दी गई अंतिम विदाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान के सबसे बुजुर्ग सफेद बाघ आर्यन (18 साल) की देर रात मौत हो गई। आर्यन का लंबे समय से इलाज चल रहा था। आर्यन की मौत से सभी दुखी है। जू में बच्चों का सबसे पंसदीदा टाइगर आर्यन ही था।
जू में वैसे तो कई जानवरों को देखने के लिए बच्चों समेत तमाम लोग आते हैं लेकिन बच्चों की भीड़ सबसे ज्यादा आर्यन के बाड़े के सामने जुटती थी। जू कर्मचारियों के मुताबिक आर्यन बहुत ही शांत स्वभाव का था। वह अपने बाड़े के आस-पास लोगों की भीड़ देखकर भी शांत बैठा रहता था। वह अधिकांश समय ऐसी जगह बैठता था, जहां से उसके चाहने वाले आराम से उसका दीदार कर सकें। उसका बाड़े के कीपर और अन्य कर्मचारियों के साथ व्यवहार भी काफी अच्छा था। हर किसी का उससे खासा लगाव था। इसलिए उसकी मौत से स्टाफ के सभी लोग दुखी हैं। वहीं आर्यन का इलाज करने वाले डॉ. उत्कर्ष के मुताबिक वह करीब एक महीने से बीमार चल रहा था। चिकित्सकों की टीम उसके इलाज में जुटी थी लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। आर्यन की मौत की खबर से कीपर मुबारक अली और जू के अन्य स्टाफ को भी काफी दुख हुआ है। जू प्रशासन ने आर्यन को शानदार विदाई दी। करीब 20 किलो फूलों की माला और शव यात्रा में फूलों की बारिश कर आर्यन को अंतिम विदाई दी गई। वहीं आर्यन के परिवार में उसकी साथी विशाखा और शावक जय-विजय भी काफी दुखी नजर आये। इन तीनों ने आज सुबह से कुछ भी नहीं खाया है।

सफेद बाघ आर्यन बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय था। चिडिय़ाघर में आने वाले लोगों के बीच सफेद बाघ को देखने की सबसे ज्यादा उत्सुकता रहती थी। आर्यन के बाड़े के बाहर सबसे अधिक दर्शकों की भीड़ लगती थी। आर्यन के जाने का हम सबको बहुत दुख है।
-आरके सिंह, जू निदेशक

चित्रकूट में वास्को डि गामा-पटना एक्सप्रेस के 13 कोच पटरी से उतरे  3 की मौत, एक दर्जन से अधिक घायल

  • रेल मंत्री ने मुआवजे का किया ऐलान, मृतकों के परिजनों को पांच लाख, गंभीर घायल को एक लाख व घायलों को 50-50 हजार की मदद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रेल हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हंै। आज तडक़े वास्को डी गामा-पटना एक्सप्रेस के तेरह कोच चित्रकूट के पास मानिकपुर के नजदीक पटरी से उतर गए जिसमें तीन की मौत और एक दर्जन से अधिक यात्रियों के घायल होने की सूचना है। इनमें 7 की हालत गंभीर है। हादसे के शिकार लोगों के लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मुआवजे का ऐलान कर दिया है। घायल लोगों को 50 हजार, गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख रुपये और मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ट्वीट करते हुए इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है।
पटना से चलने वाली ट्रेन वास्को डी गामा मानिकपुर के नजदीक सुबह 4:18 बजे बोलेरो से टकरा जाने के बाद पटरी से उतर गई। सबसे ज्यादा नुकसान स्लीपर कोचों को हुआ है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि घायलों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी अमित मालवीय ने कहा कि घायल लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। राहत कार्य तेजी से चल रहा है। पिछले कुछ समय से जिस तरह से उत्तर प्रदेश में ट्रेन हादसे हो रहे हैं उसके चलते प्रशासन और खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ी हुई है। सभी इस दिशा में लगे हुए हैं कि किस तरह से भविष्य में इन हादसों को रोका जा सके लेकिन चित्रकूट में वास्को डि-गामा पटना एक्सप्रेस हादसे ने एक बार फिर प्रशासनिक कार्यवाही की कलई खोल दी है। इस हादसे की जांच की जिम्मेदारी कानपुर एटीएस को सौंपी गई है। एटीएस के साथ ही रेलवे भी उसकी मदद करेगा।

यूपी में नहीं थम रहे रेल हादसे

यूपी में इससे पहले भी कई रेल हादसे हो चुके हैं। सितंबर में सोनभद्र जिले में शक्तिपुंज एक्सप्रेस के 7 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। 19 अगस्त को कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन मुजफ्फरनगर के खतौली रेलवे स्टेशन के पास पटरी से उतर गई जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई थी। इसी प्रकार 23 अगस्त को औरैया जिले में ट्रेन के इंजन सहित 10 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। 15 अप्रैल को मेरठ-लखनऊ राज्यरानी एक्सप्रेस के 8 डिब्बे उत्तर प्रदेश में रामपुर के पास पटरी से उतर गया था जिसमें करीब 10 लोग घायल हुए थे।

अयोध्या की तस्वीर बदलने में सहयोग करेगा कोरिया: योगी

  • पांच कालीदास स्थित मुख्यमंत्री आवास पर योगी से मिला कोरिया का दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज सुबह कोरियाई डेलिगेशन ने मुलाकात की। टीम में शामिल सभी सदस्यों ने यूपी में पर्यटन के विकास और बिजनेस को बढ़ावा देने समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की। वहीं पर्यटन को बढ़ावा देने को लेकर एमओयू भी साइन किया गया। सीएम योगी ने कोरियाई डेलीगेशन से मुलाकात के बाद कहा कि कोरिया के साथ हमारे संबंध करीब 2000 साल पुराने हैं। प्रदेश सरकार पुराने संबंधों को आगे बढ़ाने और उनको अधिक मजबूती देने की दिशा में काम करेगी। इतना ही नहीं अयोध्या में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी सरकार कोरिया का सहयोग लेगी।
प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कोरियाई डेलिगेशन के बीच हुई बैठक का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि कोरियाई डेलीगेशन से आज सीएम योगी की मुलाकात कई मामलों में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हमारे कोरिया के साथ हमेशा से अच्छे संबंध रहे हैं। डेलीशन से मुलाकात के बाद हमारे संबंध और मजबूत होंगे। हमारे बीच पर्यटन को लेकर एमओयू साइन हुआ है। इससे पर्यटन को तो बढ़ावा मिलेगा ही साथ ही हमारे संबंध भी और मजबूत होंगे। हम लोग आज बैठक करेंगे, टूरिज्म को किस तरह से आगे बढ़ाया जाय इस पर समीक्षा करेंगे। श्री अवस्थी ने कहा कि प्रधानमंत्री जब कोरिया गए थे, तो ज्वाइंट डिक्लेरेशन में अयोध्या और कोरिया के बीच के सांस्कृतिक संबंधों को आगे ले जाने की बात की गई थी। इसलिए आज कोरियाई दल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच पर्यटन और संस्कृति को लेकर महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस दौरान अयोध्या में स्थित कोरियाई स्मारक स्थल को लेकर भी बातचीत हुई है। यह स्मारक राम कथा पार्क के ठीक बगल में स्थापित है, जो कि कोरिया सरकार के सहयोग से बना है। कोरियाई किवदंतियों के अनुसार, अयोध्या के राजा की पुत्री कोरिया की यात्रा पर गयी थी, जिन्होंने वहां के राजकुमार से शादी कर ली। कोरिया में करक साम्राज्य की स्थापना करने वाले किंग सूरो की पत्नी क्वीन हुह की याद में यह स्मारक बनवाया गया है। जिसे देखने के लिए हर साल अच्छी खासी संख्या में कोरियाई लोग पहुंचते हैं।

योगी ने रिलीज की बुक

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवास पर अपने जीवन पर आधारित पुस्तक ‘योगी आदित्यनाथ: द राइज ऑफ ए सेफ्रॉन सोशलिस्ट’ रिलीज की। इस पुस्तक को टाइम्स आफ इंडिया के डिप्टी रेजीडेंट एडिटर प्रवीन कुमार ने लिखा है। इस बुक में योगी की उत्तराखंड के पौड़ी से लेकर गोरक्षपीठ गोरखपुर तक की जीवन यात्रा का जिक्र किया गया है। इसके अलावा उनके सांसद बनने और फाइनली मुख्यमंत्री बनने तक की कहानी लिखी गई है।

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