लखनऊ में सरकारी नौकरी करने वाले 40 फीसदी पुरुषों ने बीवी से बचाने के लिए पुलिस से लगाई गुहार

एक साल में राजधानी के 6, 646 लोगों ने की डायल 100 पर की शिकायत
पुलिस के सामने लगाई गुहार, कहा ‘मुझे मेरी बीवी से बचाओ’
ज्यादातर मामलों में शराब पीने की वजह से हुई पुरुषों की पिटाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। हमारे समाज में अक्सर पतियों द्वारा पत्नियों की पिटाई के मामले सुनने को मिलते हैं, लेकिन राजधानी लखनऊ में ऐसा नहीं है। अब पति भी घरेलू हिंसा के शिकार हो रहे हैं। आलम यह है कि बेचारे पति अपनी पत्नी के आक्रोश से बचने के लिए पुलिस से मदद की गुहार लगाने को मजबूर हैं। एक ताजा आंकड़े के मुताबिक पिछले एक साल में करीब साढ़े छह हजार पुरुष घरेलू हिंसा के शिकार हुए हैं। इनमें 40 प्रतिशत पुरुष सरकारी नौकरी करने वाले हैं, जबकि पतियों को प्रताडि़त करने वाली 20 प्रतिशत पत्नियां सरकारी सेवा में हैं।
यूपी पुलिस की इमरजेंसी सेवा डायल 100 के एक साल पूरे होने पर जारी की गई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। डायल 100 की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि पिछले एक साल में 6, 646 पुरुषों ने कॉल कर अपनी पत्नियों से बचाने की गुहार लगाई, इनमें 40 प्रतिशत पुरुष सरकारी सेवा में थे, जबकि 20 प्रतिशत पत्नियां सरकारी नौकरी में थीं। हालांकि ज्यादातर मामले में पुरुषों की पिटाई शराब पीने की वजह से हुई, जबकि अन्य पीडि़तों ने पुलिस को बताया कि कभी खाना बनाने तो कभी सफाई करने की बात पर वे पत्नियों के हाथों पीटे गए। पीडि़तों ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि उन्हें कई बार पत्नी ने हाथ के अलावा डंडों और बेल्ट से भी पीटा गया। उनका कहना था कि खाना बनाने और सफाई की बात न सुनने पर उग्र पत्नियों के हाथों उनकी पिटाई की गई।
इस संबंध में डायल 100 के अपर पुलिस महानिदेशक आदित्य मिश्रा का कहना है कि पतियों के तरफ से ऐसी सूचना दी गयी थी। इसकी पुष्टिï करना अभी बाकी है। ये 6646 आंकड़े सूचना के आधार पर ही दिए गए हैं।

साइबर स्पेस ने बदल दी दुनिया: पीएम नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी ने ई-गवर्नेंस मोबाइल ऐप ‘उमंग’ किया लॉन्च

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में साइबर स्पेस पर 5वें वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने ई-गवर्नेंस मोबाइल ऐप ‘उमंग’ लॉन्च किया। संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पिछले दो दशकों में साइबर स्पेस ने कैसे दुनिया बदली है। हम 70 के दशक के बड़े-बड़े आकार के कंप्यूटर याद करते हैं। भारत की प्रतिस्पर्धा इस मामले में विकसित देशों से है। मोबाइल फोन अब डाटा स्टोरेज और कम्यूनिकेशन का सबसे बड़ा टूल है। प्रधानमंत्री ने डिजिटल टेक्नोलॉजी पर जोर देते हुए कहा, ‘नागरिकों को सशक्त करने के लिए हम मोबाइल पावर या एम-पावर का उपयोग कर रहे हैं। भारत में पहली बार आयोजित होने जा रहा ग्लोबल साइबर स्पेस सम्मेलन अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन होगा। इसमें दुनिया के 124 देशों के करीब दस हजार प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
पीएम मोदी ने सम्मेलन में भ्रष्टाचार को कम करने वाले तीन फैक्टर जनधन बैंक खाता, आधार प्लेटफार्म और मोबाइल फोन का उल्लेख किया। भारत में पहली बार आयोजित हो रहे इस सम्मेलन का विषय है ‘सतत विकास के लिए सुरक्षित और समावेशी साइबर स्पेस’ है। इस सम्मेलन में दुनिया भर के आईटी और साइबर एक्सपर्ट और आईटी क्षेत्र से जुड़े नीति निर्माता शामिल हो रहे हैं।

अपनी छवि को और बेहतर बनाने की कोशिश करे पुलिस: डीजीपी सुलखान सिंह

पुलिस मुख्यालय में डीजीपी ने फहराया पुलिस ध्वज
झंडारोहण के दौरान कई आईपीएस अधिकारी भी रहे मौजूद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के सभी पुलिस मुख्यालयों व कार्यालयों के साथ-साथ पीएसी वाहिनियों, क्वार्टर गारद, थानों, भवनों व कैम्पों पर आज पुलिस ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह ने सलामी दी। उन्होंने पुलिस को अपनी कार्यशैली में सुधार करने की नसीहत दी। साथ ही उन्हें नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी का एहसास भी कराया। डीजीपी ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उन्हें पुलिस फ्लैग लगाकर बधाई दी। वहीं पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीजीपी सहित तमाम आईपीएस और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
डीजीपी ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस के लिए सबसे गौरवशाली दिन झंडा दिवस होता है। 23 नवम्बर 1952 को देश के प्रथम प्रधानमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस और पीएसी को ध्वज प्रदान किया गया था। यह तिथि यूपी पुलिस के ऐतिहासिक महत्व की है। पुलिस ध्वज फहराने और उसके प्रति सम्मान प्रदर्शित करते समय हमें आत्माभिमान की अनुभूति होती है। हम सभी में कर्तव्यनिष्ठा की ऊर्जा संचारित होती है। जो हमें नए जोश और उत्साह के साथ कर्तव्यपालन के लिए प्रेरित करती है। सुलखान सिंह ने पुलिस की कार्यशैली और जिम्मेदारी पर कहा कि पुलिस के सामने कई तरह की चुनौतियां होती हैं। आतंकवाद का मुद्दा हो या आपराधिक गतिविधियां पुलिस हमेशा संवेदनशील रहती है। जबकि कई अधिकारियों की शिकायत यूपी पुलिस की छवि को धूमिल करती है। इसमें सुधार करने और ध्यान दिए जाने की जरूरत है। पुलिस को यह नहीं भूलना चाहिए कि नागरिकों की सुरक्षा ही उनका धर्म है।

Pin It