बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के जी का जंजाल बना आधार कार्ड

पचास फीसदी छात्रों का साल हो सकता है बर्बाद, अभिभावक भी परेशान
अफसरों का दावा नकल और फर्जीवाड़ा रोकने को उठाया गया कदम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। अब छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरते वक्त अपना आधार नंबर दर्ज करना जरूरी होगा। बिना आधार नंबर के बोर्ड परीक्षा का फार्म नहीं भरा जा सकेगा। बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले 60 प्रतिशत छात्र-छात्रओं के पास आधार कार्ड नहीं है, जिससे उनकी परीक्षा अधर में लटक सकती है।
बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गई है। छह फरवरी से शुरू हो रहे बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले सभी सड़सठ लाख छात्रों को इस बार फार्म भरते समय आधार कार्ड का नंबर दर्ज करना होगा। जो स्टूडेंट आधार कार्ड उपलब्ध नहीं करा सकेंगे, उसे परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया जाएगा। इस फैसले ने इस बार बोर्ड की परीक्षा देने वाले 60 फीसदी छात्रों की नींद उड़ा दी है। इनके पास आधार कार्ड नहीं है। परीक्षा में मात्र दो महीने का समय बचा है। ऐसे में बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले छात्रों का कहना है कि परीक्षा में सिर्फ दो महीने का वक्त बचा है। ऐसे में आधार कार्ड जरूरी करने का फरमान उनके लिए मुसीबत का सबब बन सकता है। छात्रों का कहना है कि आखिरी वक्त में वह परीक्षा की तैयारी करें या फिर आधार कार्ड के लिए परेशान हों। इस फैसले को लागू करने से पहले उसके व्यवहारिक पक्ष को जरूर देख लेना चाहिए था।
इस बारे में इलाहाबाद में यूपी बोर्ड के हेडक्वार्टर में बैठे जिम्मेदार अफसर भी कुछ बोलने से मना कर रहे हैं। फैसले पर जिला स्तर के अफसरों ने दावा किया कि यह फैसला बोर्ड की परीक्षा में नकल रोकने व फर्जीवाड़े को खत्म करने के मकसद से लिया गया है। सरकार के इस फैसले पर विवाद जारी है। छात्रों और अभिभावकों से लेकर टीचर्स तक इसे मानसिक तनाव बढ़ाने वाला और जल्दबाजी में लिया गया फैसला बता रहे हैं। हालांकि नारी शिक्षा निकेतन की प्रधानाध्यापिका अनीता का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को परेशानी नहीं होगी। सभी बच्चों के कैम्प लगाकर कार्ड बनाए गए हैं। दस प्रतिशत बच्चों का आधार कार्ड बनना बाकी है। वह भी समय से बन जाएगा। वहीं सीएमएस ठाकुरगंज में पढऩे वाली अमिशा पंडित के पिता राजकुमार पंडित का कहना है कि सरकार का फैसला सराहनीय है लेकिन फैसला इस बार होने वाले परीक्षा में लागू न कर अगली बार से लागू किया गया होता तो छात्रों को ज्यादा परेशानी न होती।
इस वक्त बच्चों को परीक्षा की तैयारी कराएं या फिर आधार कार्ड के लिए लाइन में लगे। आधार कार्ड को अनिवार्य करने के फैसले से सभी छात्रों को परीक्षा के साथ आधार कार्ड की दिक्कत हो गयी है। अमिशा स्कूल के बाद दो दिन से लगातार आधार बनवाने में लगी है जिससे उसकी परीक्षा में कोई बाधा न हो। महात्मा गांधी इंटर कालेज की छात्रा पूजा तिवारी ने बताया कि उसके सेक्शन में केवल दस लोगों का ही आधार कार्ड बना है। अभी तक न तो उसका और न ही किसी अन्य छात्र का आधार कार्ड बन सका है। जब तक आधार कार्ड हाथ में नहीं आ जाता तब तक परीक्षा पर एक संकट मडराता नजर आ रहा है।
प्राइवेट परीक्षा देने वाले छात्र भी परेशान
सरकारी स्कूलों में रेगूलर पढ़ाई करने वाले छात्रों की अपेक्षा प्राइवेट परीक्षा देने वाले छात्रों की परीक्षा पर ज्यादा संकट मंडरा रहा है। स्कूल में रेगूलर पढ़ाई करने वाले आधे से ज्यादा बच्चों के आधार कार्ड बन चुके हैं जबकि प्राइवेट परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की तस्वीर बिल्कुल उल्टी है। आधे से ज्यादा छात्रों के आधार कार्ड अभी नहीं बन सके हैं।

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