नगर निगम के अफसर ही निकाल रहे स्वच्छ सर्वेक्षण की हवा, जोन सात कार्यालय में धूल फांक रहे डस्टबिन

नगर आयुक्त के निर्देश के बाद भी सफाई को लेकर सुस्त हैं जिम्मेदार, बाजारों में फैली गंदगी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम के जोनल कार्यालयों में स्वच्छ सर्वेक्षण की हवा निकाली जा रही है। विभाग के कुछ लापरवाह अफसरों के कारण स्वच्छ सर्वेक्षण में लखनऊ को नम्बर-वन बनाना फिलहाल मुश्किल दिख रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर नगर आयुक्त की सख्ती के बावजूद भी निगम के अफसर सुस्त हैं। जोन सात की हालत सबसे खराब है। यहां बाजारों में गंदगी फैली रहती है जबकि डस्टबिन कार्यालय में धूल फांक रहे हैं।
बीते दिनों नगर निगम के सभी जोनल अफसरों को शहर के प्रमुख बाजारों में डस्टबिन रखने की जिम्मेदारी दी गई थी, जिससे लोग सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंके। कूड़ा डालने के लिए लोग डस्टबिन का प्रयोग करें लेकिन जानकारी यह मिल रही है कि निगम के सभी आठ जोन के बाजारों में डस्टबिन रखने का काम शुरू नहीं किया गया है। जिसके चलते बाजार की सडक़ों पर गंदगी बढ़ती जा रही है। लोगों की आदत में सुधार नहीं हो रहा हैं। वहीं, जिम्मेदार अफसर भी अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार नहीं हैं। इंदिरा नगर स्थित नगर निगम के जोन सात में लम्बे समय से दर्जनों डस्टबिन धूल फांक रहे हैं। यह सभी डस्टबिन नगर निगम के आरआर विभाग की ओर से पिछले महीने भेज दिए गए थे, लेकिन जिम्मेदारों ने क्षेत्र के बाजारों में डस्टबिन रखने काम शुरू ही नहीं किया। क्षेत्र के बाजारों का हाल काफी खराब है। यहां के बाजारों में गंदगी का अंबार लगा है। लोग सडक़ों पर गंदगी फैला रहे हैं। यहां मौजूद भूतनाथ मार्केट में डस्टबिन नहीं रखे गए हैं। लोगों ने बताया कि नगर निगम की ओर से डस्टबिन की व्यवस्था नहीं है। इसके कारण सडक़ पर गंदगी फैल रही है। ऐसे में नगर निगम की ओर से ना तो डस्टबिन रखे जा रहे हैं। न ही गंदगी फैलाने वालों से स्पॉट फाइन वसूला जा रहा है। इन कामों में अभी तक कोई तेजी नहीं दिख रही है।
लोगों में सफाई के प्रति जागरूकता बढ़े इसके लिए बाजार में डस्टबिन रखे जा रहे हैं। सभी जोनल अफसरों को बाजार में डस्टबिन रखने के निर्देश दिए गए हैं अगर ऐसा नहीं किया जा रहा है तो सख्त कार्रवाई होगी।
– उदयराज सिंह,नगर आयुक्त

काम न करने वाली फर्में होंगी ब्लैक लिस्ट

नगर निगम के ठेकेदारों पर विभाग का कोई जोर नहीं चल रहा है। अफसरों की सरपरस्ती में विभाग में रजिस्टर्ड ठेकेदार बेलगाम हो गए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में ठेकेदारों ने करीब 20 करोड़ हासिल कर लिए लेकिन उन कामों को शुरू नहीं किया। लम्बे समय से विकास कार्यों को न करने पर नगर आयुक्त सख्त हो गए हैं। विकास कार्य न होने से लोगों से मिल रही शिकायतों के आधार पर नगर आयुक्त ने 20 करोड़ के कार्यों पर रोक लगा दी है। यही नहीं कार्य मिलने के बावजूद न करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फर्मों को ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है।

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