रिवर फ्रंट व चीनी मिलों की जांच पर पुलिस ने खड़े किए हाथ, आर्थिक अपराध शाखा के पाले में डाली गेंद

गोमतीनगर थाने में फर्जी कंपनियों के खिलाफ दर्ज कराया गया था मामला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में अखिलेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट और माया सरकार में बेची गयी चीनी मिलों की धांधली की जांच पुलिस ने अब आर्थिक अपराध शाखा से करवाने की बात कहकर गेंद ईओडब्ल्यू के पाले में डाल दी है। अब इन दोनों मामलों की जांच ईओडब्ल्यू ही करेगी।
माया सरकार में प्रदेश की चीनी मिलों में धांधली करके बेचने का आरोप लगा था। आरोप था कि वर्ष 2010 में निगम के अधीन आने वाली चीनी मिलों को जिनमें 10 चालू हालत में थीं और 11 ऐसी मिले थी जो बंद हो गयी थी। आरोप है कि इन मिलों को धांधली करके ऐसी फर्जी कम्पनियों को बेच दिया है जो है ही नहीं। इस मामले में चीनी निगम के प्रधान प्रबंधक एसके मेहरा ने गोमतीनगर थाने में फर्जी कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसके अलावा गोमती रिवर फ्रंट में हुये घोटाले की जांच के आदेश के बाद इसका मामला भी गोमतीनगर थाने में दर्ज करवा दिया गया था। काफी दिन पुलिस ने इन मामलों की जांच की और जब उसे कोई कामयाबी नहीं मिली तो सीओ गोमतीनगर ने इन मामले की जांच अन्य एजेंसी से कराने की बात लिखकर एसएसपी को भेज दिया।

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