फर्जीवाड़ा रोकने के लिए मदरसों की जांच करायेगी योगी सरकार

मदरसा शिक्षा परिषद के वेब पोर्टल पर रजिस्टर्ड मदरसों की होगी जांच

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार मदरसों का फर्जीवाड़ा रोकने के लिए उनके मानकों की फिर से जांच कराने जा रही है। इसके लिए अफसरों की अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। इन अफसरों को जांच के लिए मंडल आवंटित कर दिए गए हैं। इसलिए मदरसा शिक्षा परिषद के वेब-पोर्टल पर पंजीकृत होने वाले मदरसों के मानकों की यह टीम बारीकी से जांच करेगी। इन अफसरों की रिपोर्ट के बाद ही वेब-पोर्टल पर मदरसों का डाटा लॉक किया जाएगा।
प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण मोनिका एस गर्ग ने कहा कि वेब-पोर्टल पर मदरसों का डेटा फीड कराने का उद्देश्य इनका उन्नयन व गुणवत्ता में सुधार करना है। इससे सरकारी योजनाओं में न सिर्फ पारदर्शिता आएगी बल्कि प्रक्रिया भी सरल होगी। शिक्षकों का विवरण पोर्टल पर आने से नवंबर से इनके मानदेय का भुगतान सीधे बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से किया जाएगा। इससे शिक्षकों को भी मानदेय के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

मदरसों का डिजिटाइजेशन
प्रदेश सरकार ने सूबे के सभी मदरसों को मदरसा शिक्षा परिषद के वेब-पोर्टल पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। पंजीकरण न कराने वाले मदरसों को भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, इसमें पंजीकरण होने वाले मदरसों के डाटा ठीक हो इसके लिए मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार के डिजिटल सिग्नेचर से इसे लॉक किया जाएगा लेकिन, इस डाटा को लॉक करने से पहले सभी मदरसों के मानकों का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण एनपी पांडेय ने चार अफसरों की अलग-अलग टीमें बना दी हैं। इन अफसरों को मंडल भी आवंटित कर दिए हैं। ये अफसर अपने मंडल के जिस जिले के मदरसों की जांच करेंगे वहां के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भी जांच टीम में शामिल होंगे। इन्हें वेब-पोर्टल पर अपलोड डाटा का बारीकी से परीक्षण करना है। नवंबर माह के अंत तक सभी अफसरों को इन मदरसों की जांच कर रिपोर्ट सौंपनी है। इसमें यह भी संस्तुति करनी होगी कि मदरसे का विवरण वेब-पोर्टल पर लॉक किया जाए या नहीं।

इन प्रमुख मानकों की होगी जांच

=मदरसे की मान्यता से जुड़े कागज।
=सरकार से अनुदानित मदरसा है तो उसके कागज।
=मदरसे का भवन मानक के अनुरूप है या नहीं।
=मदरसे में शिक्षकों की नियुक्ति ठीक ढंग से हुई है या नहीं।
=मदरसे में छात्र संख्या की स्थिति।
कौन से अफसर किस मंडल की करेंगे जांच
=एसएन पांडेय संयुक्त निदेशक : बस्ती, मेरठ, आजमगढ़, देवीपाटन, फैजाबाद, कानपुर व झांसी।
=आरपी सिंह, संयुक्त निदेशक: मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ व इलाहाबाद।
=विनीत कुमार श्रीवास्तव, सहायक निदेशक: आगरा, मीरजापुर व सहारनपुर।
=राहुल गुप्ता, रजिस्ट्रार: अलीगढ़, बांदा, गोरखपुर, वाराणसी, चंदौली व जौनपुर।

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