विकास केंद्र बनेंगे सूबे के गांव: योगी

गोरखपुर में सीएम ने कहा जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति का होगा खात्मा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गोरखपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ अपने चार दिन के दौरे पर गोरखपुर पहुंच गए हैं। आज सुबह फर्टिलाइजर परिसर में सीएम योगी ने भूमिपूजन किया। इस दौरान उनके साथ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पांडेय भी मौजूद थे। भूमि पूजन के बाद सीएम योगी ने कहा, ‘जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति खत्म होनी चाहिए, डेवलपमेंट का सेंटर गांव को बनाना है।’ वहीं, सीएम योगी इस बार गोरखपुर के वनटांगिया मजदूरों और उनके परिवार के साथ दीपावली मनाएंगे। इस दौरान वे विभिन्न कार्यक्रमों के मद्देनजर अयोध्या और कुशीनगर भी जाएंगे। अपने चार दिवसीय गोरखपुर प्रवास के दौरान सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में रहेंगे लेकिन अन्य जिलों में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होने हेलीकॉप्टर से जाएंगे और शाम तक लौट आयेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक सीएम योगी के कार्यक्रमों की सूची लंबी है, इसलिए ज्यादातर स्थानों पर उनके पहुंचने का माध्यम हेलीकॉप्टर होगा। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट है। सीएम पिपराइच में भूमि पूजन करने के बाद कैंपियरगंज क्षेत्र के सोनौरा बुजुर्ग गांव जाएंगे, जहां उन्हें राजकीय इंटर कॉलेज की नींव रखनी है। इसके बाद गोपालगंज हरनामपुर गांव जाएंगे। वहां वो राजकीय गल्र्स इंटर कॉलेज का शिलान्यास करेंगे। आज शाम सीएम गीडा की समस्याओं और वहां उद्योगपतियों को आ रही दिक्कतों को लेकर चैंबर आफ इंडस्ट्रीज की बैठक में भाग लेंगे। ये बैठक गोकुल अतिथि भवन में होनी है। 17 अक्टूबर की सुबह वे पिपरौली-चरगांवां में सीएचसी का लोकार्पण करेंगे। उसके बाद वे नौसड़-बाघागाड़ा तक के फोरलेन और तरकुलानी रेगुलेटर का शिलान्यास करेंगे और फिर कुशीनगर के लिए रवाना हो जाएंगे। वहां से लौटकर मंदिर में विश्राम करेंगे। 18 अक्टूबर की सुबह सीएम योगी आदित्यनाथ छोटी दीपावली पर होने वाली सरयू आरती में हिस्सा लेने के लिए अयोध्या जाएंगे और रात्रि विश्राम के लिए फिर गोरखपुर लौट आएंगे। 19 अक्टूबर को दीपावली के दिन योगी अपने पुराने और चिरपरिचित अंदाज में वनटांगिया मजदूरों और उनके बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा करेंगे। वहीं सीएम योगी द्वारा आगामी निकाय चुनाव की तैयारियों के मद्देेनजर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक की संभावना भी जताई जा रही है। जबकि 20 अक्टूबर की सुबह सीएम का लखनऊ वापस लौटने का कार्यक्रम है।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर कसा तंज, कहागुजरात में आज होगी जुमलों की बारिश

लखनऊ। पीएम नरेंद्र मोदी आज एक बार फिर गुजरात दौरे पर जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वहां पीएम कुछ योजनाओं का ऐलान कर सकते हैं। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उन पर निशाना साधा है। इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर खूब कमेंट आ रहे हैं।
राहुल ने आज सुबह ट्वीट किया, जिसमें लिखा था ‘मौसम का हाल, चुनाव से पहले गुजरात में आज होगी जुमलों की बारिश।‘ दरअसल पीएम मोदी का पिछले एक महीने में ये चौथा गुजरात दौरा है। चुनावों को देखते हुए पिछले कुछ दिनों से गुजरात में दोनों पार्टियों के बड़े नेताओं के दौरों की संख्या बढ़ी है। ये अलग बात है कि अभी गुजरात चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। गांधीनगर में पीएम मोदी ‘गुजरात गौरव यात्रा’ के समापन के मौके पर आयोजित ‘गुजरात गौरव महासम्मेलन’ को संबोधित करेंगे। बीजेपी ने पाटीदारों को साधने के लिए गुजरात गौरव यात्रा निकाली थी, अब इसके समापन के जरिए वह अपनी ताकत दिखाना चाहेगी।

गुरदासपुर में हार के बाद गोरखपुर व फूलपुर सीट के लिए सतर्क हुई भाजपा

योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से खाली सीटों को बचाना पार्टी के लिए चुनौती
गोरखपुर में सीएम और फूलपुर में डिप्टी सीएम की प्रतिष्ठा होगी दांव पर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी को तीन अलग-अलग राज्यों से एक ही दिन में तीन बुरी खबरें मिलीं। सबसे खराब खबर पंजाब से मिली जहां गुरदासपुर लोकसभा सीट उसके हाथ से निकल गई। यहां कांग्रेस प्रत्याशी सुनील जाखड़ ने जीत दर्ज की है। दूसरी बुरी खबर इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मिली, जहां रविवार को छात्रसंघ चुनाव में पांच शीर्ष सीटों में से चार पर सपा ने जीत दर्ज की। तीसरी खबर केरल की वांगेर विधानसभा सीट से मिली, जहां अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के दौरे के बावजूद पार्टी प्रत्याशी उतने वोट भी नहीं पा सका जितने पिछले चुनाव में मिले थे। गुरदासपुर सीट पर बुरी तरह से पराजय के बाद पार्टी यूपी की गोरखपुर और फूलपुर सीटों के लिए होने वाले उप चुनाव को लेकर खासी सतर्क हो गई है। इन सीटों के उप चुनाव भाजपा के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं होंगे।
गुरदासपुर लोकसभा सीट अभिनेता विनोद खन्ना के निधन के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी ने बीजेपी प्रत्याशी सवर्ण सिंह सलारिया को 1,93,219 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया है। गुरदासपुर की हार के बाद विरोधी दल इसे मोदी सरकार की नीतियों के प्रति जनता के मोहभंग के तौर पर पेश कर रहे हैं। यह पराजय ऐसे समय मिली है जब यूपी की गोरखपुर और फूलपुर सीट पर उप चुनाव होना है और लोकसभा का अगला आम चुनाव सिर पर है। वहीं इलाहाबाद छात्र संघ चुनाव के परिणाम चौंकाने वाले हैं। यहां बीजेपी की करारी हार हुई है। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्र संघ के नतीजों की वजह से बीजेपी इसलिए भी ज्यादा घेरी जा रही है क्योंकि पिछले दो सालों से अध्यक्ष का पद बीजेपी के पास था। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में समाजवादी छात्र सभा के अवनीश यादव अध्यक्ष, चंद्रशेखर चौधरी उपाध्यक्ष, भरत सिंह संयुक्त सचिव और अवधेश कुमार पटेल सांस्कृतिक सचिव चुने गये। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के निर्भय द्विवेदी महामंत्री चुने गये। ये परिणाम फूलपुर उप चुनाव पर असर डाल सकते हैं। इलाहाबाद से सटे फूलपुर लोकसभा क्षेत्र से वर्ष 2014 के चुनाव में केशव प्रसाद मौर्य पहली बार चुनाव जीते थे। नेहरू की विरासत वाले इस इलाके में भाजपा ने पहली बार जीत दर्ज की, किंतु केशव प्रसाद मौर्य के यूपी सरकार में डिप्टी सीएम बनने और बाद में विधान परिषद के लिए चुने जाने से मौर्य ने लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। दूसरी ओर गोरखपुर सीट भाजपा के खास मायने रखती है। इस सीट से गोरक्षपीठ का दशकों पुराना नाता है। 1998 से लगातार पांच बार यहां योगी आदित्यनाथ चुनाव जीते हैं और उससे पहले योगी के गुरु महंत अवैद्यनाथ चुनाव जीते थे। दोनों सीटों के उप चुनाव को लेकर पार्टी के नेता काफी सतर्क हैं और गुरदासपुर उप चुनाव में हार के बाद पार्टी ने और भी सर्तक हो गई है। मुख्यमंत्री लगातार गोरखपुर का दौरा कर रहे हैं और वहां के लोगों से लगातार उनका संपर्क भी बना हुआ है।
ताजमहल पर संगीत सोम के बयान का विरोध तेज, सरकार ने किया किनारा

सपा और कांग्रेस ने भाजपा नेता के विवादित बयान पर दी प्रतिक्रिया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सरधना सीट से भाजपा के विधायक संगीत सोम के ताजमहल और मुगलकालीन शासकों को लेकर दिए गये विवादित बयान पर सियासी भूचाल आ गया है। विपक्ष ने भाजपा पर हमला तेज कर दिया है। सपा और कांग्रेस ने ताजमहल को इतिहास पर धब्बा करार देने संबंधी भाजपा नेता के बयान को समाज को बांटने वाला बताया है। वहीं यूपी सरकार ने संगीत सोम के बयान से किनारा कर लिया है।
समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता जूही सिंह ने कहा कि संगीत सोम का बयान बताता है कि उन्हें इतिहास की जानकारी नहीं है। उन्हें इतिहास की किताब पढऩे के लिए देनी चाहिए। शाहजहां कैसा शासक था? वह बहस ताजमहल की खूबसूरती को कैसे तय कर सकती है? जूही सिंह ने पूछा कि क्या ये ताजमहल के साथ लालकिला, जामा मस्जिद को भी तोड़ेंगे? बीजेपी के नेताओं को अपना सबका साथ, सबका विकास का नारा फिर से याद करना चाहिए। इसके अलावा जूही सिंह ने कहा कि बीजेपी के लिए राम अब आस्था नहीं पर्यटन की वस्तु हो गए हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता वीरेंद्र मदान ने कहा कि संगीत सोम की इस तरह की भाषा सुनकर कोई आश्चर्य नहीं हुआ क्योंकि वह आरएसएस के हैं। आरएसएस की ही भाषा बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ ये सरकार सबका साथ, सबका विकास की बात करती है। वहीं दूसरी तरफ सिर्फ और सिर्फ 2019 के चुनावों को मद्देनजर प्रदेश और देश की आवाम को बांटने का संदेश देती है। वीरेंद्र मदान ने कहा कि पिछले काफी समय से केंद्र में जब से ये पार्टी सत्ता में आई है, तभी से हिंदुस्तान के इतिहास से छेड़छाड़ की कई कोशिशें कर चुकी है। ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

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