आखिर क्यों पैदा होती हैं यह स्थितियां

कोल इंडिया का लगभग 911 करोड़ रुपया उत्तर प्रदेश विद्युत उत्पादन निगम पर बकाया है। बकाया धनराशि की वजह से एक तो पहले ही कोल इंडिया कम मात्रा में कोयला दे रहा है जिसके कारण राज्य विद्युत उत्पादन निगम के कारखाने पूरी क्षमता के साथ उत्पादन नहीं कर रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पिछली बार तीन दिन के दौरे पर लखनऊ आए थे तो उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए यूपीए सरकार पर तंज कसा था कि अब देश में बिजली संकट को लेकर ब्रेकिंग न्यूज नहीं बनती। पिछली सरकार में कोयला की आपूर्ति को लेकर आए दिन खबरें छपती थीं और बिजली की स्थिति बदतर थी। अमित शाह को शायद उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन का खोखलापन नहीं पता था, जिसके चलते राज्य में विद्युत उत्पादन ठप होने की नौबत आ गई है। अगर सरकार ने स्थितियों पर जल्द काबू नहीं पाया तो राज्य अभूतपूर्व बिजली संकट से जूझ सकता है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में ऑक्सीजन की सप्लाई ठप होने से बच्चों की मौत को लोग अभी भूले नहीं है, जहां पेमेंट न होने पर सप्लाई करने वाली फर्म ने मेडिकल कॉलेज के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई ठप कर दी थी और उसके कारण बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हो गई। अब कोल इंडिया ने भुगतान न होने पर कोयला की आपूर्ति बंद करने का नोटिस दिया है। कोल इंडिया का लगभग 911 करोड़ रुपया उत्तर प्रदेश विद्युत उत्पादन निगम पर बकाया है। बकाया धनराशि की वजह से एक तो पहले ही कोल इंडिया कम मात्रा में कोयला दे रहा है जिसके कारण राज्य विद्युत उत्पादन निगम के कारखाने पूरी क्षमता के साथ उत्पादन नहीं कर रहे हैं। अब तो कोल इंडिया ने निगम को कोयला सप्लाई ही बंद करने का नोटिस दे दिया है, अगर कोयला की आपूर्ति बंद हो गई तो निगम की फैक्ट्रियों में लगभग 4100 मेगावाट बिजली का उत्पादन ठप हो जाएगा। कोयला की कम आपूर्ति होने से अभी निगम 4100 के बजाय 3200 मेगावाट बिजली का उत्पादन ही कर पा रहा है। कोयले कम मिलने से हरदुआगंज तापीय विद्युत गृह में 300 मेगावाट, पनकी में 210 मेगावाट और परीछा में चार सौ मेगावाट बिजली कम बन रही है। कोयला कंपनियों ने अगर आपूर्ति और कम कर दी तो तय शैड्यूल से विद्युत आपूर्ति करना पावर कारपोरेशन को मुश्किल होगा। दरअसल कोल इंडिया का राज्य विद्युत उत्पादन निगम पर 31 जुलाई 2017 तक का लगभग 911 करोड़ रुपया बकाया है। इसको लेकर कोल इंडिया के मार्केटिंग डायरेक्टर ने ऊर्जा विभाग को नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि भुगतान न होने पर कोयला कंपनियां कोयले की आपूर्ति बंद कर देंगी। इसी को लेकर ऊर्जा विभाग में खलबली मची है और प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार बिजली बिलों की वसूली बढ़ाने और खर्चों में कटौती की बात कह रहे हैं।

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