बहराइच में सरयू नदी में नाव पलटने से दो बच्चों समेत छह की मौत, कई लापता

बेडऩापुर में लगे मेटारिया मेले से घर वापस लौट रहे थे लोग
मृतकों में दो बच्चे और तीन गांव के लोग हैं शामिल
नदी में 12 से अधिक लोगों के डूबे होने की आशंका

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बहराइच। बहराइच में सरयू नदी में आज तडक़े नाव पलटने से छह लोगों की डूबकर मौत हो गई। बाकी लोगों की तलाश जारी है। नदी में 12 लोगों के डूबने की आशंका है। बताया जा रहा है कि यह लोग जर्जर नाव से नदी पार कर रहे थे। घटना रामगांव के पिपराघाट की है। सभी लोग देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के बेडऩापुर में लगे मेटारिया मेले से घर वापस लौट रहे थे। मृतकों में दो बच्चे और तीन गांवों के लोग शामिल है। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। फिलहाल जो लोग इस हादसे के बाद गायब हैं, उनको खोजने में प्रशासन जुट गया है। इस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जो लोग लापता हैं, उनके रिश्तेदार भी बेहद परेशान हैं।
जानकारी के मुताबिक, हर साल की भांति इस वर्ष भी कोतवाली देहात क्षेत्र में शनिवार को सरयू नदी के किनारे बेडऩापुर में मेटारिया मेला लगा था। इस मेले को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आये थे। मेले को देखने के बाद सभी अपने घर वापस लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि सुबह तडक़े करीब 4 बजे एक जर्जर नाव पर सवार होकर लोग नदी को पार कर रहे थे। इसी दौरान नाव में पानी भरने लगा। नाव में पानी भरता देख लोग सदमे में आ गए और कूदने की कोशिश करने लगे। इस दौरान नाव अनियंत्रित होकर सरयू नदी में पलट गई। नाव पलटती देख घाट पर चीख पुकार मच गई। वहां मौजूद लोगों ने चीख पुकार मचाई। इसके बाद लोगों ने नदी में कूदकर मल्लाह सहित तीन लोगों को जिंदा नदी से बाहर निकाल लिया। फिलहाल नदी में 12 से अधिक लोगों के डूबने की आशंका है। बताया जा रहा है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, इसी वजह से यह हादसा हुआ। इस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जो लोग लापता हैं, उनके रिश्तेदार भी बेहद परेशान हैं। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटे थे। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

सीएम ने की घोषणा : मृतकों के परिजनों को मिलेगी दो-दो लाख की आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज बहराइच में सरयू नदी में हुई नाव दुर्घटना पर शोक जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए आर्थिक मदद की घोषणा की। इसके अलावा परिजनों को सीएम किसान व सर्वहित बीमा योजना से भी 5-5 लाख की आर्थिक मदद की जायेगी।

पिता से आशीर्वाद लेने पहुंचे अखिलेश यादव

स्टाफ और बाकी लोगों को कमरे से हटाया
अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पिता से मिलने पहुंचे अखिलेश
बंद कमरे में पिता-पुत्र की हुई मुलाकात

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव आज अध्यक्ष बनने के बाद अपने पिता मुलायम सिंह यादव से आशीर्वाद लेने के लिए उनके आवास पहुंचे। पिता-पुत्र ने बंद कमरे में मंत्रणा की। बताया जा रहा है कि पिता-पुत्र में सुलह की संभावना तेज हो गई हैं।
आज सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने पिता से मिलने के लिए दोपहर में उनके आवास पहुंचे। पिता-पुत्र की मुलाकात बंद कमरे में हुई। स्टाफ और बाकी लोगों को कमरे से बाहर कर दिया गया। फिलहाल मुलायम व अखिलेश के बीच यह मुलाकात औपचारिक है या खास ,यह तो वक्त बतायेगा लेकिन इतना तो तय है कि सपा की रार थमती नजर आ रही है। मालूम हो कि आगरा में 5 अक्टूबर को सपा के राष्टï्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव को सपा का राष्टï्रीय अध्यक्ष चुना गया। इस सम्मेलन में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव शामिल तो नहीं हुए थे लेकिन उन्होंने फोन से अखिलेश यादव को आशीर्वाद दिया था। इतना ही नहीं शिवपाल ने भी अखिलेश को ट्वीट कर बधाई दी थी। आगरा सम्मेलन के बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि अब समाजवादी पार्टी में सब ठीक हो रहा है। पिछले कुछ महीनों से जो रार मची थी वह खत्म हो जायेगी।
प्रिंसिपल ने थप्पड़ मारने के बाद अखिलेश यादव को एक सप्ताह तक बनाया था मुर्गा!

लखनऊ : समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन 5 अक्टूबर को आगरा में संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में अखिलेश को 5 साल के लिए पार्टी का निर्विरोध राष्टï्रीय अध्यक्ष चुना गया। इस मौके पर अपने समापन भाषण में उन्होंने बचपन से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा कि गलती किसी और की थी और थप्पड़ मुझे पड़ा। अखिलेश ने कहा कि मेरा बचपन यहीं बीता है। यहीं पास में मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई करता था। हमारे प्रिंसिपल कर्नल एसके शर्मा बहुत सख्त थे। एक बार खाने की मेस में एक थाली एक्स्ट्रा लग गई थी जिसे हमारे सीनियर साथी खा लिए। सभी ने कहा जब सर पूछेंगे तो कह देंगे सबने मिलकर इस थाली का खाना खा लिया। उसी समय प्रिंसिपल साहब का इंस्पेक्शन हुआ। उनके पूछते ही मेरे मुंह से निकल गया कि मैंने खा लिया। इस पर उन्होंने मेरे गाल पर एक तमाचा जड़ दिया। इतना ही नहीं एक सप्ताह ऑफिस के बाहर मुर्गा बने रहने की सजा भी दी। मैंने सप्ताह भर सजा झेली। कुछ समय बाद सीनियर साथियों ने प्रिंसिपल को बताया कि थाली किसी और ने खाई थी, आपने सजा इसे दे दी। प्रिंसिपल ने मुझ पर खुश होते हुए बधाई दी। प्रिंसिपल ने कहा जो दूसरों की सजा खुद झेल लें ऐसे युवा आज कल नहीं मिलते हैं। बता दें अखिलेश यादव उस समय धौलपुर मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई करते थे। अखिलेश के इस किस्से पर कार्यकर्ताओं ने जमकर तालियां बजाईं।

Pin It