नगर निगम की पार्किंग में लगे सीसीटीवी कैमरे बने शो पीस, पटरी से उतरी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था

  • वर्षों से खराब पड़े हैं कैमरे पार्किंग में सैकड़ों वाहन होते हैं पार्क
  • हाथ पर हाथ धरे बैठा है निगम, लाखों खर्च कर लगाए गए थे सीसीटीवी कैमरे

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम के अफसर-कर्मचारियों की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण विभाग की भूमिगत पार्किंग की सुरक्षा व्यवस्था चौपट हो चुकी है। वाहनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां लाखों रुपये खर्च कर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। ये कैमरे खराब हो चुके हैं। वर्षों से खराब इन कैमरों को अभी तक ठीक नहीं कराया जा सका है। यह स्थिति तब है जब यहां रोजाना सैकड़ों वाहनों को पार्क किया जाता है। वहीं दूसरी ओर सबकुछ जानते-बूझते नगर निगम प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
नगर निगम की पार्किंग में वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पटरी से उतर गई है। यहां लगे सीसीटीवी कैमरों के खराब हो जाने से पार्किंग में तैनात कर्मचारी भी बेलगाम हो गए हैं। नगर निगम की लालबाग स्थित झंडे वाली भूमिगत पार्किंग की बात करें तो यहां के हालात काफी खराब हैं। इस पार्किंग में सीसीटीवी कैमरे सालों से खराब पड़े हैं। लाखों की लागत से लगवायी गयी एलईडी लाइट भी खराब हो चुकी है। विभागीय पार्किंग में रोजाना हजारों गाडिय़ों का आना-जाना लगा रहता है। तमाम गाडिय़ों का मासिक पास बना है इसलिए गाडिय़ों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी व्यवस्था बनायी गयी थी। कर्मचारियों के अनुसार झंडी वाली पार्किंग में 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ये पार्किंग के प्रवेश और निकास द्वार से लेकर सभी फ्लोर पर लगे हैं। लेकिन सभी कैमरे शो पीस बने हुए हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि पार्किंग में तैनात कर्मचारियों द्वारा जानबूझ कर सीसीटीवी कैमरे खराब किए गए हैं। इसका मुख्य कारण कर्मचारियों के द्वारा वाहनों से अवैध वूसली को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि कर्मचारी अपने निजी स्वार्थ के कारण पार्किंग में वाहनों को खड़ा करा कर उनसे वसूली करते हैं। ध्वस्त पड़ी सीसीटीवी व्यवस्था के बारे में नगर निगम के व्यवस्था अधिकारी के पद पर तैनात अभियंता मलयधर का कहना है कि उनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। पार्किंग में सीसीटीवी व्यवस्था बंद होने से यहां अन्य समस्याएं भी आ रही है। भूमिगत पार्किंग में सीसीटीवी व्यवस्था खराब होने का फायदा कर्मचारी उठाते हैं। कई बार यहां बैठकर लोग नशा भी करते हैं। इसके अलावा अक्सर यहां पर पार्किंग में गाडिय़ां खड़ी करने वाले और सुरक्षा गार्डो के बीच झगड़े भी होते हैं। वहीं इस मुद्दे पर निगम के अफसरों ने मामले की जानकारी होने से इंकार किया है।

पार्किंग में जमा है दर्जनों गाडिय़ां

नगर निगम की झण्डेवाला, दयानिधान व झण्डी वाली भूमिगत पार्किंग में कई सालों से सैकड़ों लावारिस वाहन खड़े हैं। विभाग के अफसर भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं। लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था खराब होने के कारण वाहनों के चोरी होने की भी आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। तीनों पार्किंग में लगभग 70 से 80 दो व चार पहिया वाहन लावारिस अवस्था में धूल फांक रहे हैं। निगम के अधिकारियों ने पार्किंग में खड़े लावारिस वाहन स्वामियों का पता लगाने के लिए पुलिस से लेकर आरटीओ तक को पत्र भेज कर जानकारी मांगी लेकिन दोनों ही विभागों की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिली।

मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि सीसीटीवी व्यवस्था बन्द है तो संबंधित अधिकारियों से बातचीत करके इन्हें चालू कराया जाएगा। इसके अलावा लावारिस गाडिय़ों के संबंध में यातायात पुलिस को पत्र भेजा जा चुका है। अगर गाडिय़ों के मालिक गाडिय़ों को वापस नहीं ले जाते है तो निगम नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
-नन्दलाल सिंह
अपर नगर आयुक्त, नगर निगम

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