प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लिस्ट लेकर सो गया नगर निगम, पॉलीथिन फैक्ट्रियों पर नहीं हो रही कार्रवाई

केवल ठेले-खोमचों तक सीमित निगम का पॉलीथिन विरोधी अभियान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाने में नगर निगम पूरी तरह से विफल साबित हो रहा है। फैक्ट्रियों में धड़ल्ले से पॉलीथिन का उत्पादन हो रहा है और विभाग के अफसर दिखावे की कार्रवाई कर रहे हैं। छोटे दुकानदारों और ठेलेवालों से जबरन एक-दो किलो पॉलीथिन बरामद कर अफसर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। पॉलीथिन प्रतिबंध के नाम पर लगातार छोटे दुकानदारों और ठेलेवालों पर कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर थोक विक्रेता और पॉलीथिन निर्माताओं पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है जबकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी)ने नगर निगम को 13 पॉलीथिन फैक्ट्रियों की लिस्ट सौंपी थी, लेकिन अभी तक इन फैक्ट्रियों पर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की। राजधानी में पॉलीथिन को बंद कराने के नाम पर जिम्मेदार विभाग और उनके अफसर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। लखनऊ में फैक्ट्रियां बंद कराने के लिए कागजी छापेमारी चल रही है। कार्रवाई से बचने के लिए निगम के अफसरों ने नया बहाना तैयार कर लिया है। अफसरों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम को 13 पॉलीथिन फैक्ट्रियों की जो सूची सौंपी थी, वे ढूंढने से भी नहीं मिल रही हैं।
यूपीपीसीबी द्वारा जारी लिस्ट से कुछ पॉलीथिन फैक्ट्रियों की जानकारी मिली है लेकिन नगर निगम के अफसरों ने इन पर कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा। सूत्र बताते हैं कि जिन लोगों को पॉलीथिन फैक्ट्रियों के निरीक्षण के लिए लगाया गया था उन लोगों ने ठीक तरीके से अपना काम नहीं किया। निगम के अफसर इस बात का दावा कर रहे हैं कि जो लिस्ट यूपीपीसीबी से मिली है उनके पते गलत हैं। बावजूद इसके ताजा हालातों को देखते हुए निगम पॉलीथिन फैक्ट्रियों पर कार्रवाई के मूड में नहीं दिख रहा है। अगर निगम को पीसीबी से सही लिस्ट नहीं मिली थी तो विभाग के अफसरों को अन्य विभागों से इसकी जानकारी मिल सकती थी। लेकिन विभाग की ओर से ऐसा कोई भी पत्र किसी अन्य विभाग को नहीं भेजा गया। गौरतलब है कि जीएसटी के लिए सेल्स टैक्स विभाग, बिजली कनेक्शन के लिए लेसा, पानी के लिए जलकल विभाग, लाइसेंस के लिए जिला उद्योग केंद्र आदि से फैक्ट्रियों की लिस्ट प्राप्त हो सकती है लेकिन निगम के अफसर पीसीबी की लिस्ट को गलत बता कर अपने कर्तव्यों से पल्ला झाड़ रहे हैं। यही कारण है कि विभाग के अफसर छोटे दुकानदारों और ठेलेवालों से पॉलीथिन बरामद कर रहे हैं। विभाग के कर्मचारियों में इस बात की चर्चा है कि विभाग के शीर्ष अफसरों ने सभी अफसरों को बड़ी कार्रवई से बचने के निर्देश दे रखे हैं। इसके पीछे कारण यह है कि बीते दिनों निगम के अफसरों ने पॉलीथिन के थोक विक्रेता की दुकान पर सीलिंग की कार्रवाई की थी लेकिन व्यापारियों ने रोड जाम कर प्रदर्शन किया तो अफसरों ने कार्रवाई से पीछे हटते हुए दुकान की सील खोल दी। यही कारण है कि अब निगम के अफसर बड़ों पर कार्रवाई से पीछे हट रहे हैं।

निगम ने नहीं मांगी दूसरी लिस्ट

निगम के अफसरों का कहना है कि जिन 13 फैक्ट्रियों की लिस्ट पीसीबी से मिली उनमें पॉलीथिन निर्माण नहीं किया जा रहा है लेकिन नगर निगम की ओर से पीसीबी से दूसरी लिस्ट की मंाग नहीं की गई और न ही पीसीबी की गलत लिस्ट पर निगम ने कोई आपत्ति दर्ज की। ऐसे में कहीं न कहीं निगम के अफसर कार्रवाई से पीछा छुड़ाने में दिख रहे हैं।

फंसा पेंच
पीसीबी और निगम के बीच एक और मामला फंसा है। बताया जा रहा है कि पॉलीथिन पर कार्रवाई के लिए दोनों विभागों के नियम बदल चुके हैं। यूपीपीसीबी जहां पॉलीथिन के उपयोग को पूरी तरह बंद करने की कार्रवाई कर रहा है। वहीं, नगर निगम नए शासनादेश के बाद केवल 50 माइक्रोन से कम साइज वाली पॉलीथिन को ही बंद करा रहा है। ऐसे में शहर में पॉलीथीन प्रतिबंध में दोहरी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

इन फैक्ट्रियों पर होनी थी सीलिंग की कार्रवाई
जगदीश पॉलीमर्स, गुडशेड रोड, ऐशबाग
संजय प्लास्टिक, जलसंस्थान रोड, ऐशबाग
हंसा प्लास्टिक टेडर्स, हरीनगर कैम्पवेल रोड
मॉडर्न प्लास्टिक टेडर्स, गीता निवास, एपी सेन रोड
अरिहन्त प्लास्टिक, शांति नगर, कानपुर रोड
गणेश प्लास्टिक, सिंगार नगर, आलमबाग
टाटा प्लास्टिक, सिंगार नगर, आलमबाग
लीना प्लास्टिक, राजेंद्रनगर
नेप्च्यून पाली प्लास्टिक, 216 सिंगार नगर
श्रीबाला इंटरप्राइजेज, आर्यानगर, नाका
केशव टेडिंग कंपनी, बुलंदबाग, सिटी स्टेशन
यूटिलिटी प्लास्टिक एंड एलाइड प्रोडक्ट्स सरोजनी नगर औगिद्यक क्षेत्र
काशी लेमिनेटर्स प्रा लि. शिया कॉलेज के सामने, खदरा

पीसीबी से प्राप्त लिस्ट के अनुसार कर्मचारियों से निरीक्षण कराया गया। मौके पर पॉलीथिन निर्माण का कार्य बंद मिला। इसलिए फैक्ट्रियों पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा निगम के अफसर पॉलीथिन के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। निगम के साथ पीसीबी की भी जिम्मेदारी है कि वह अभियान में सहयोग करे।
-उदयराज सिंह, नगर आयुक्त

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