लक्ष्मणपुरी अपार्टमेंंट का मामला

एलडीए अफसरों को नहीं होश अवैध अपार्टमेंट को मिल गया सीवर और विद्युत कनेक्शन
अवैध निर्माणों में सीवर, पानी व बिजली कनेक्शन नहीं दिए जाने के हैं निर्देश
लेसा व जलकल विभाग ने बिना कंप्लीशन सर्र्टिफिकेट के दे दिए कनेक्शन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सरकार की तमाम सख्ती के बावजूद विभागों में भ्रष्टाचार का खेल जारी है। अफसर, बिल्डरों से साठ-गांठ कर नियमों को ताक पर रख रहे हैं। शहर की सूरत बिगाड़ रहे अवैध निर्माण के संबंध में लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से सख्त आदेश हैं कि अवैध निर्माण में बिजली,पानी और सीवर के कनेक्शन नहीं दिए जाएं। बावजूद इसके अवैध निर्माणों को ये सुविधाएं मिल रही हैं। ताजा मामला लक्ष्मणपुरी में बने अवैध अपार्टमेंट का है। लेसा और जलकल विभाग ने बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट के इस अपार्टमेंट को सीवर और विद्युत कनेक्शन दे दिया है। वहीं एलडीए अफसर इस मामले से बेखबर हैं।
फैजाबाद रोड स्थित लक्ष्मणपुरी में प्लाट संख्या-48 पर दबंग बिल्डर ने प्राधिकरण के अफसरों को ठेंगा दिखाते हुए पांच मंजिला अवैध अपार्टमेंट बना दिया है। वहीं प्राधिकरण के अफसर अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। उधर, लेसा और जलकल विभाग की ओर से नियमों को ताक पर रख कर अवैध निर्माण को विद्युत व सीवर लाइन का कनेक्शन दे दिया गया है। अपार्टमेंट में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होते ही बिल्डर ने फ्लैट बेचने भी शुरू कर दिये हैं। वहीं जानकारी के बावजूद प्राधिकरण के अफसर अवैध निर्माण पर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। सारा खेल बिल्डर और अफसरों की साठ-गांठ से किया जा रहा है। आवासीय प्लाट पर बने निर्माण में बिना कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के लेसा ने कनेक्शन दे दिया है। इससे स्थानीय ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त दबाव पडऩा तय है। वहीं, जलकल की सीवर लाइन में कनेक्शन जोड़ा गया है। गौरतलब है कि 26 मई 2017 को उक्त अपार्टमेंट को एलडीए की ओर से सील करते हुए पुलिस अभिरक्षा में दे दिए गया था। बावजूद इसके अभियंताओं की मिलीभगत से अपार्टमेंट में निर्माण कार्य चलता रहा। यही कारण है कि आज अपार्टमेंट में फ्लैटों की बिक्री शुरू हो गयी है। बिल्डर की दबंगई का आलम यह है कि बीते 22 सितंबर को गाजीपुर थाने में बिल्डिंग में काम रुकवाने के लिए एलडीए की ओर से पत्र भेजा गया था।

अवैध अपार्टमेंट में सीवर व पानी का कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। अगर ऐसा है तो संबंधित अफसरों को कनेक्शन काटने के निर्देश दिए जाएंगे। वहीं एलडीए की जिम्मेदारी बनती है कि वह अवैध निर्माण पर रोक लगाये।
उदयराज सिंह ,नगर आयुक्त

यह मामला अधिशासी अभियंता चक्रेश जैन के क्षेत्र का है। उनसे तत्काल कार्रवाई के लिए कहा जाएगा। बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट के लेसा और जलकल को बिजली कनेक्शन नहीं देना चाहिए, इससे अवैध निर्माण को बढ़ावा मिलता है।
जयशंकर दुबे,सचिव, एलडीए

भगत सिंह के जन्मदिन पर विशेष

आखिरी खत में स्वतंत्रता का पैगाम दे गए थे शहीद-ए-आजम
जन्मदिन पर देशवासियों ने भगत सिंह के बलिदान को किया याद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इस कद्र वाकिफ है मेरी कलम मेरे जज्बातों से, अगर मैं इश्क लिखना भी चाहूं तो इंकलाब लिखा जाता है, यह कहने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह का आज जन्मदिन है। शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्म दिन पर देश के लोगों ने उनको शत-शत नमन किया और उनके महान बलिदान को याद किया। उनके जन्मदिन के मौके पर भगत सिंह का लिखा आखिर खत पेश है। यह खत भगत सिंह ने फांसी पर चढऩे से पहले देश के नाम लिखा था।
भगत सिंह 23 मार्च 1931 की उस शाम के लिए लंबे अरसे से बेसब्र थे। एक दिन पहले यानी 22 मार्च 1931 को अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने इस बात का जिक्र भी किया था। भगत सिंह ने खत में लिखा, साथियों स्वाभाविक है जीने की इच्छा मुझमें भी होनी चाहिए। मैं इसे छिपाना नहीं चाहता हूं, लेकिन मैं एक शर्त पर जिंदा रह सकता हूं कि कैद होकर या पाबंद होकर न रहूं। मेरा नाम हिन्दुस्तानी क्रांति का प्रतीक बन चुका है। क्रांतिकारी दलों के आदर्शों ने मुझे बहुत ऊंचा उठा दिया है, इतना ऊंचा कि जीवित रहने की स्थिति में भी मैं इससे ऊंचा नहीं हो सकता था। मेरे हंसते-हंसते फांसी पर चढऩे की सूरत में देश की माताएं अपने बच्चों से भगत सिंह की उम्मीद करेंगी। इससे आजादी के लिए कुर्बानी देने वालों की तादाद इतनी बढ़ जाएगी कि क्रांति को रोकना नामुमकिन हो जाएगा। आजकल मुझे खुद पर बहुत गर्व होता है, अब तो बड़ी बेताबी से अंतिम परीक्षा का इंतजार है। कामना है कि यह और नजदीक आ जाये।

अवैध कब्जे से मुक्त करायी जमीन

शिकायत के बाद विराज खंड में अफसरों ने की कार्रवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रभु एन सिंह के निर्देश पर गोमती नगर के विराज खंड में अभियंताओं ने अवैध कब्जेदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। भारी विरोध के बीच प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते ने अभियान चला कर करोड़ों के भूखंड़ों को अवैध कब्जे से मुक्त कराया।
गोमती नगर स्थित विराज खंड में एलडीए के कमर्शियल प्लाटों पर अवैध कब्जे के कारण लगातार अफसरों के पास शिकायतें पहुंच रही थीं। इसी क्रम में प्राधिकरण जोन-एक के सहायक अभियंता दिवाकर त्रिपाठी और अवर अभियंता नरेन्द्र सिंह, विनोद गुप्ता समेत भारी पुलिस बल के सहयोग से अभियान चलाया गया। अभियान में प्लाट संख्या सीपी-207 से 231 पर किए गए कब्जों को जेसीबी की सहायता से खाली करवाया गया। जिसमें दो दर्जन कमर्शियल प्लाटों समेत 15 हजार वर्ग फुट का पार्किंग स्थल शामिल है।

शिक्षा प्रेरकों पर लटकी बेरोजगारी की तलवार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में साक्षर भारत योजना के तहत तैनात करीब एक लाख शिक्षा प्रेरक 1 अक्टूबर से बेरोजगार हो जाएंगे। इसकी प्रमुख वजह केंद्र सरकार की तरफ से सूबे में भारत साक्षर मिशन को 30 सितंबर के बाद संचालित करने की अनुमति नहीं मिलना बताया जा रहा है। वहीं शिक्षा प्रेरकों में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। दरअसल साक्षर भारत योजना के तहत प्रदेश की 49, 921 ग्राम पंचायतों में एक महिला और एक पुरुष प्रेरक नियुक्त किया गया है। मौजूदा समय में कुल 99, 842 प्रेरक कार्यरत हैं, जिन्हें दो हजार रुपये महीने मानदेय मिलता है। ये प्रेरक 15 साल या इससे ऊपर के लोगों को पढऩे के लिए प्रेरित करने का काम करते हैं। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सचिव एवं निदेशक अवध नरेश शर्मा ने बताया कि योजना को 30 सितम्बर तक के लिए ही स्वीकृति मिली है। इसे आगे जारी रखने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन केंद्र सरकार ने 30 सितंबर के बाद योजना को संचालित करने की अनुमति नहीं दी है। उन्होंने बताया कि सभी जिला लोक सेवा समितियों के सचिव को योजना के लिए संविदा पर नियुक्त जिला समन्वयक, ब्लाक समन्वयक और प्रेरकों की संविदा अवधि को 30 सितम्बर के बाद आगे नहीं बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

कमीशनखोरी की पोल खोलने वाले डॉक्टर के खिलाफ जांच

लखनऊ। कमीशनखोरी की पोल खोलने वाले केजीएमयू फार्माकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर संजय खत्री के खिलाफ जांच होगी। सरकारी सेवा में रहते हुए बयानबाजी कर संगीन आरोप लगाने वाले प्रोफेसर की जांच के लिए छह सदस्यी कमेटी बनाई गई है। केजीएमयू कार्यपरिषद ने कमेटी बनाकर जांच कराने का आदेश दिया है। बीते माह फार्माकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजय खत्री ने कहा था कि केजीएमयू में दवाओं की खरीद से लेकर सेंट्रल एयर प्लांट लगाने तक में धांधली की गई। दवाओं की खरीद में कमीशनखोरी का खेल का पर्दाफाश किया था। महानगर के एक मेडिकल स्टोर की ही दवाएं लिखे जाने का भी जिक्र किया गया था। साथ ही पैसे के लिए ऑपरेशन थिएटर से मरीज को उठाने का भी खुलासा किया था। ट्रॉमा सेंटर में आग लगने को साजिश करार दिया था। प्रोफेसर ने वीडियो में दावा किया था दवा और सेंट्रल एसी प्लांट के घोटाले के सुबूत मिटाने के लिए साजिशन आग लगाई गई थी। प्रोफेसर का वीडियो वायरल होने के बाद केजीएमयू की साख दांव पर लग गई। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने प्रोफेसर से जवाब-तलब किया था। नोटिस भी जारी की थी। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने संगीन मामले को कार्यपरिषद में रखा। कार्यपरिषद ने अनुशासनात्मक कमेटी बनाकर जांच कराने के आदेश दिए हैं। कुलसचिव राजेश राय ने बताया कि जांच कमेटी में छह सदस्य होंगे।

रावण के पुतले को दिया जा रहा अंतिम रूप

देश भर में दशहरा की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। राजधानी के ऐशबाग रामलीला ग्राउंड में रावण के पुतले को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रावण के मुखौटे को आकर्षक रंग देने में कलाकार जुटे हुए हैं। ऐशबाग रामलीला समिति के मुताबिक मेला ग्राउंड में दशहरा के दिन रावण का पुतला दहन किया जायेगा।

यूपी के डीजीपी सुलखान सिंह को लेकर केंद्र सरकार ने बढ़ाया सस्पेंस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह के सेवा विस्तार पर असमंजस की स्थिति बरकरार है। सुलखान सिंह के तीन महीने के सेवा विस्तार के लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। अगर इस सेवा विस्तार के प्रस्ताव को केंद्र सरकार मंजूरी दे देगी तो डीजीपी का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ जायेगा। वहीं केंद्र सरकार ने सेवा विस्तार पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। इसलिए सुलखान सिंह को सेवा विस्तार मिलेगा या नहीं इस बारे में कोई भी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। जबकि लखनऊ में डीजीपी के विदाई समारोह की तैयारियां भी चल रही हैं।
प्रदेश के डीजीपी सुलखान सिंह मूलरूप से बांदा जिले के रहने वाले आईपीएस अधिकारी हैं। वे 30 सितंबर 2017 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले छह महीने में पुलिस ने ताबड़तोड़ 450 से ज्यादा एनकाउंटर को अंजाम देकर 15 से ज्यादा खूंखार अपराधियों को मार गिराया है। जबकि 1100 से ज्यादा अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया। इसलिए उनके काम से खुश होकर सीएम योगी ने सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है। अगर केंद्र से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो उनका कार्यकाल दिसंबर तक बढ़ जायेगा। जबकि केंद्र सरकार की तरफ से अब तक सेवा विस्तार को लेकर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है।

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