भाजपा जिलाध्यक्ष ने दफ्तर में घुसकर बीडीओ का फोड़ा सिर, विपक्ष ने कहा गुंडागर्दी कर रहे भाजपा के लोग

खंड विकास अधिकारी पर हमले से आक्रोश में है ग्राम्य विकास के लोग, मुरादाबाद में विकास खंड में लगे ताले, सूबे भर में हड़ताल की तैयारी
सहारनपुर के एसएसपी के घर में भी भाजपा सांसद के नेतृत्व में घुसकर हो चुकी है तोडफ़ोड़

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सता में आने के बाद से भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की गुंडागर्दी चरम पर पहुंच गई है। न तो उन्हें पुलिस प्रशासन का डर है और न ही उन्हें भाजपा शीर्ष नेतृत्व के आदेशों की परवाह। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को कई बार अनुशासन का पाठ पढ़ा चुके हैं, इसके बाद भी भाजपा पदाधिकारी अपने क्रियाकलापों में सुधार लाने को तैयार नहीं हैं। जिस तरह से कल मंूढ़ापांडे ब्लाक कार्यालय में भाजपा जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ताओं ने घुसकर गुंडागर्दी की और बीडीओ अनुज कुमार को राड से पीटकर लहूलुहान कर दिया, उससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। इस मामले में प्रदेश में सियासत गर्म हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सबसे ज्यादा कानून-व्यस्था की धज्जियां भाजपा कार्यकर्ता ही उड़ा रहे हैं। वह क्यों डरे, जब सत्ता में उनकी सरकार है।
भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा कानून का मखौल उड़ाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी कई बार भाजपा सांसद, विधायक और पदाधिकारी सरकारी कर्मचारियों पर अपना रौब झाड़ चुके हैं। बाराबंकी का मामला हो या बरेली का। माननीय लोगों ने कर्मचारियों को अर्दब में लेने की कोशिश की और सत्ता का रौब भी गांठा था। भाजपा के माननीय लोग अपने क्रियाकलापों की वजह से कई बार सरकार की किरकिरी करा चुके हैं। ये लोग सीएम योगी के नसीहत देने के बावजूद भी वह सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।

क्या था मामला
मूंढापांडे ब्लाक कार्यालय में कल बीडीओ अनुज कुमार कार्यालय का कामकाज निपटा रहे थे। उनके पास मूंढापांडे के साथ भगतपुर ब्लाक का प्रभार भी है। उनके मोबाइल पर भाजपा जिलाध्यक्ष हरीओम शर्मा का फोन आया, जिसमें वह भगतपुर गांव के किसी मामले को लेकर अनुचित दबाव बना रहे थे। फोन पर ही दोनों में विवाद होने लगा। दोनों ने एक दूसरे को देख लेने तक की धमकी दी। बीडीओ के अनुसार फोन पर बातचीत खत्म होने के करीब एक घंटे बाद लगभग साढ़े ग्यारह बजे मूंढापांडे ब्लाक कार्यालय में अचानक भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ 15 लोग घुस आए। उन्होंने कनपटी में तमंचा रख दिया और पर्दे की रॉड निकालकर जमकर मारपीट की जिससे बीडीओ के सिर और कान से खून निकलने लगा। इसके बाद सभी गाड़ी में बैठकर मौके से फरार हो गए। बीडीओ के अनुसार भाजपा जिलाध्यक्ष उन पर गलत काम करने का दबाव बना रहे थे। घटना की जानकारी मिलने पर ब्लाक कार्यालय में पुलिस पहुंची। पुलिस ने घायल बीडीओ का मेडिकल कराया और उनकी दी तहरीर के आधार पर भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ ही 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

मुझे मुरादाबाद में हुई इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। भारतीय जनता पार्टी अनुशासित कार्यकर्ताओं की पार्टी है। मैं इस मामले में जानकारी लूंगा।
-जेपीएस राठौर प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा

प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार आयी है हर तरफ अराजकता का माहौल है। भाजपा के लोग सत्ता के मद में चूर होकर किसी को भी मारने-पीटने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। मुरादाबाद की घटना उसी का प्रमाण है। इसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
-सुनील सिंह साजन, एमएलसी सपा

मुरादाबाद की घटना शर्मनाक है। भाजपा के अंदर अराजक तत्वों का जमावड़ा है और इनको शीर्ष स्तर से पूरा संरक्षण प्राप्त है। ये झूठे राष्ट्रवाद के पीछे छिपकर हर गैरकानूनी काम खुलकर करते हैं। बहरहाल इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
-वैभव माहेश्वरी, प्रवक्ता आप

नदी बचाओ आंदोलन केवल नारा नहीं बल्कि आज की जरूरत: सीएम योगी

नदियों को बचाने के लिए आयोजित कार्यक्रम ‘रैली फॉर रिवर्स’ में सद्गुरू महाराज और क्रिकेटर सुरेश रैना भी हुए शरीक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ के आरएमएल विश्वविद्यालय में आज आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नदी बचाओ आंदोलन केवल एक नारा नहीं बल्कि आज की जरूरत है। नदियों को बचाने के लिए सभी एक साथ आगे आए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ‘रैली फॉर रिवर्स’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने कहा कि रैली फॉर रिवर्स के प्रोग्राम को उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही कर रही है, इसके लिए एसटीपी प्लांट लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘2020 में हम लोग प्रयागराज में कुंभ का आयोजन करेंगे, गंगा यमुना के साथ साथ वहां सरस्वती नदी का भी संगम होता है। जाजमऊ में गंगा सबसे अधिक प्रदूषित होती है, हम अर्धकुंभ से पहले साफ कराएंगे।’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में संगम की वजह से प्रयाग राज का महत्व है और सरस्वती नदी उस स्वरूप में नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ के पेयजल की जरूरत गोमती नदी से पूरी होती है, लेकिन 26 नालों ने गोमती को प्रदूषित कर दिया है। नदी साफ-सुथरी रहे, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि कानपुर में गंगा को मैला किया गया है।
नदियों को बचाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, विधायक रघुराज प्रताप सिंह समेत और भी कई लोगों ने शिरकत की। इसके अलावा सद्गुरु महाराज और क्रिकेटर सुरेश रैना भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

बीएचयू वीसी दिल्ली तलब कमिश्नर ने सौंपी रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा बीएचयू प्रशासन ने पीडि़ता की शिकायत को किया नजरअंदाज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
वाराणसी। वाराणसी के कमिश्नर नितिन गोकर्ण ने बीएचयू हिंसा में अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मुख्य सचिव राजीव कुमार को सौंप दी है। उन्होंने हिंसा के लिए बीएचयू प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएचयू प्रशासन ने पीडि़ता की शिकायत को संवेदनशील तरीके से हैंडल नहीं किया और वक्त रहते इसका समाधान नहीं किया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर वक्त रहते इस मामले को सुलझा लिया गया होता तो इतना बड़ा विवाद खड़ा नहीं होता। रिपोर्ट के अनुसार इस पूरे मामले में सबसे बड़ा दोष प्रशासन का ही है, वो चाहते तो यह मामला आराम से निपट सकता था। वहीं वीसी प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी को दिल्ली तलब किया गया है।
कमिश्नर की रिपोर्ट में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले में न केवल संवेदनहीनता दिखाई बल्कि स्थिति को समय रहते संभालने की कोशिश भी नहीं की गई। इससे पहले सोमवार को बीएचयू के कुलपति ने विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना का खंडन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्रा पर लाठीचार्ज नहीं हुआ है। कार्रवाई उन पर की गयी जो विश्वविद्यालय की सम्पत्ति को आग लगा रहे थे, पेट्रोल बम फेंक रहे थे, पत्थरबाजी कर रहे थे।

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