सरकार के फरमान से ठेकेदारों में हडक़ंप

पांच साल तक सडक़ों के रखरखाव के आदेश का जताया विरोध  

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। सडक़ बनाने के बाद पांच साल तक उसके रखरखाव के संबंध में शासन द्वारा जारी आदेश के बाद ठेकेदारों में हडक़ंप मच गया है। शासन के इस आदेश पर कान्ट्रैक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने कड़ी अपत्ति दर्ज की है। इस संबंध में नगर निगम में कार्यरत ठेकेदारों ने नगर आयुक्त को पत्र दिया है। एसोसिएशन ने सडक़ों के जर्जर हो जाने के कारणों को नगर आयुक्त के समक्ष पेश किया है।
कान्ट्रैक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने नगर आयुक्त को पत्र में माध्यम से सडक़ों के जर्जर हो जाने के विभिन्न कारणों को दर्शाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष धनंजय सिंह ने बताया कि नगर निगम द्वारा बनायी जाने वाली सडक़ें ज्यादातर आबादी के अंतर्गत आती हैं। ऐसे में सडक़ों पर अधिक दबाव पड़ता है। टेलीफोन विभाग, बिजली विभाग, जलसंस्थान द्वारा आये दिन सडक़ें काट दी जाती हैं। लोग वाटर लाइन से कनेक्शन के लिए सडक़ंे काट देते हैं। यही नहीं जल संस्थान की लापरहवाही से अक्सर सडक़ों पर लीकेज पाइप लाइन का पानी बहा करता है जिससे सडक़ें खराब होती हैं। इसके अलावा कई बार नालियों की सफाई न होने से नालियां ओवर फ्लो होकर सडक़ पर बहने लगती हैं। जिससे सडक़ की मजबूती पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कुछ लोग सडक़ों की धुलाई और पानी छिडक़ाव करते हैं। ऐसे में पांच साल तक सडक़ का रखरखाव करना कठिन है।
ठेकेदारों ने नगर आयुक्त से किसी भी निर्णय को लेने से पहले इन तमाम बिन्दुओं पर विचार करने के लिए कहा है।

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