बिजली की खपत कम करने के प्रयासों को पलीता लगा रहा नगर निगम, दिन में जल रहीं स्ट्रीट लाइटें

बिजली का खर्र्च कम करने के लिए करोड़ों के बजट से लगाई जा रही एलईडी लाइटें
अफसरों की लापरवाही से सरकार के खजाने को लग रही करोड़ों की चपत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। प्रदेश में बिजली की खपत कम करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। करोड़ खर्च कर लखनऊ समेत प्रदेश की सभी नगर निगमों में सोडियम लाइटों को बदल कर एलईडी लाइटें लगाने का काम किया जा रहा है। यह सारी कवायद बिजली के मद में खर्च होने वाले बजट को कम करने के लिए की जा रही है। दूसरी ओर राजधानी के नगर निगम के अफसर और अभियंता सरकार की इस मंशा पर पानी फेर रहे हैं। हाल यह है कि यहां निगम क्षेत्र में दिन रात स्ट्रीट लाइटें जलती रहती हैं। इस तरह निगम न केवल बिजली की अनावश्यक खपत कर रहा है बल्कि इसके जरिए सरकारी कोष को करोड़ों की चपत भी लगा रहा है। वहीं सब-कुछ जानते-बूझते निगम प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
राजधानी में दिन में भी स्ट्रीट लाइटें जल रहीं हैं। शहर की गलियों से लेकर सडक़ों पर स्ट्रीट लाइटें दिन में जलती देखी जा सकती हैं। आलम यह है कि दिन में जल रही इन स्ट्रीट लाइटों से एक ट्रांसफार्मर पर बीस स्ट्रीट लाइटों का अधिक भार पड़ता है। ओवरलोडिंग से ट्रांसफार्मरों के खराब होने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके अलावा दिन में स्ट्रीट लाइटों के रोशन होने से अनावश्यक रूप से बिजली की खपत हो रही है। बावजूद इसके निगम के अफसरों की इसकी कोई चिंता नहीं है। दरअसल, बिजली की खपत को विद्युत विभाग के खाते में जा रहा है। हालांकि स्ट्रीट लाइटों का प्रबंध करने की जिम्मेदारी निगम के अभियंताओं और सुपरवाइजरों के पास है। कुछ क्षेत्रों में नगर निगम के कर्मचारियों ने उन लोगों को स्ट्रीट लाइट जलाने-बंद करने की जिम्मेदारी सौंप रखी है जिनके घर के समीप बिजली का पोल लगा है। ये लोग शाम होते ही स्ट्रीट लाइट जला देते हैं तथा सुबह लाइट बंद कर देते हैं, लेकिन ऐसे कई इलाकों में रात-दिन स्ट्रीट लाइटें जलती रहती है।
वैसे तो नगर निगम क्षेत्र में लगभग सभी जगह दिन में स्ट्रीट लाइटें जलती देखी जा सकती हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों से अलीगंज, तपस्वी नगर, पुरनिया मोहिबुल्लापुर, सीतापुर रोड, निशातगंज, विपिन खंड, लोहिया पथ, महानगर क्षेत्र में दिन में कई दर्जन स्ट्रीट लाइटें जलती मिलीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर दिन में भी स्ट्रीट लाइटें जलती रहती है। विभाग की ओर से कभी कभार ही लाइट बंद करने के लिए कर्मचारी आते हैं। जिस दिन कर्मचारी नहीं आते उस दिन लाइट जलती रहती है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि इस बारे में कई बार निगम में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। निगम के एक अफसर ने बताया कि निगम बिजली के बिल का भुगतान लेसा को करने की बजाए हाउस टैक्स में उसका समायोजन करता है।

दिन में जलती स्ट्रीट लाइट की शिकायत के लिए वाट्सऐप नंबर 9415008409 जारी किया गया है अगर किसी को शिकायत है तो इस नंबर पर फोटो भेजें।
-उदयराज सिंह
नगर आयुक्त

दिन में स्ट्रीट लाइट जलना नियमों का उल्लंघन है। शहर में कहीं भी दिन के समय स्ट्रीट लाइट जलती मिली तो संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई होगी।
-मोहन जी पाण्डेय, प्रभारी आरआर विभाग, नगर निगम

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