बनारस में मीडियाकर्मियों पर लाठीचार्ज के विरोध में सीएम निवास के सामने दर्जनों पत्रकारों का धरना

बनारस में पत्रकारों पर लाठियां भांजी थी पुलिस ने
पत्रकारों ने सीएम निवास के सामने घंटों दिया धरना 
पत्रकारों के धरने से सरकार में हडक़ंप, धरने के बाद सीएम ने दिए जांच के आदेश 
बीबीसी ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा पत्रकारों के सीएम आवास घेरने के कारण सीएम ने दिए जांच के आदेश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में लगातार पत्रकारों के उत्पीडऩ की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। लखनऊ आरटीओ आफिस में पत्रकार के पीटने का मामला और पीजीआई चौकी में पत्रकार से अभद्रता का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि बनारस में बीएचयू घटना की कवरेज कर रहे पत्रकारों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठियां भांजी। इस घटना की सूचना मिलते ही पूरे प्रदेश के पत्रकारों में रोष फैल गया। 
पीडि़त पत्रकारों ने प्रमुख सचिव गृह के बनाए व्हाट्सएप ग्रुप पर पुलिस की ज्यादतियों के फोटो डाले तो यह गुस्सा और बढ़ गया। 4पीएम के संपादक, मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के उपाध्यक्ष संजय शर्मा ने इसी ग्रुप पर सभी पत्रकारों से सीएम के निवास पर पहुंचने की अपील की। एक घंटे के भीतर सीएम आवास पर सैकड़ों पत्रकार पहुंच गए। सीएम आवास पर सैकड़ों पत्रकारों के इक_ïा होने की खबर ने हडक़ंप मचा दिया। पत्रकार सीएम को ज्ञापन देना चाहते थे। 
जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा धरना स्थल पर पहुंचे और पत्रकारों को अवगत कराया कि सीएम गोरखपुर में हैं। ज्ञापन उन्हें दे दें, मगर पत्रकारों ने इससे मना कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने डिप्टी सीएम से बात करके बताया कि डिप्टी सीएम भी हेलीकॉप्टर से हरदोई से चले हैं और दिल्ली हवाई जहाज से जा रहे हैं, लिहाजा उन्होंने पत्रकारों को एयरपोर्ट पर मिलने के लिए बुलाया है, मगर पत्रकारों ने जाने से मना कर दिया और कहा कि जिसको मिलना है वह यहीं आकर मिले। 
इसके बाद प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने फोन पर पत्रकारों से बात की और बताया कि वह भी गोरखपुर में हैं वह सीएम प्रतिनिधि के रूप में सूचना निदेशक अनुज कुमार झा को पत्रकारों का ज्ञापन लेने के लिए भेज रहे हैं, जिसे कल ही सीएम के सामने रख दिया जायेगा। इसके बाद सूचना निदेशक ने धरना स्थल पर आकर पत्रकारों का ज्ञापन लिया, जिसमें मांग की गई थी कि बनारस में लाठीचार्ज कराने वाले डीएम और एसएसपी को निलंबित किया जाए। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक कमेटी बनाई जाए जिन पत्रकारों की मृत्यु हो गई है उनके परिजनों को पूर्व की भांति तत्काल 20 लाख की सहायता दी जाए। 
सीएम निवास पर पत्रकारों के धरने पर बैठने की खबर पूरी दुनियां में वायरल हुई दिल्ली से लेकर दुबई और लंदन तक के पत्रकारों ने इस घटना पर अफसोस जताया देश की सबसे बड़ी हिन्दी मीडिया भड़ास फॉर मीडिया ने इस खबर को फोटो सहित विस्तार से प्रकाशित कर दिया तो पत्रकारों की प्रतिक्रिया भी आनी शुरू हो गई। 
ब्रॉडकास्ट एडीटर्स एसोसिएशन के महासचिव अजीत अंजुम ने कहा कि अब समय आ गया है कि जब पत्रकारों को जमीन पर उतरकर अपने हक के लिए लडऩा पड़ेगा। वरिष्ठï पत्रकार और जनसत्ता के संपादक रहे ओम थानवी ने पत्रकारों के धरने का फोटो भी ट्वीट किया। 
धरना देने वाले पत्रकारों में संजय शर्मा, प्रभात त्रिपाठी, ब्रजेश सिंह, राजेश, आकाश, अभिताभ, बी.डी. शुक्ला, मनीष पाण्डेय, शेखर सिंह, शशिनाथ दुबे, अब्दुल हन्नान, विनय, रमेश, राजेश सिंह, अंकित श्रीवास्तव, दिलीप सिंह, तुषार श्रीवास्तव, विक्रम मिश्र, दिवाकर त्रिपाठी, जुबेर, अनूप गुप्ता, जितेन्द्र सिंह, आदित्य तिवारी, कामरान, अब्दुल वाहिद, राजेन्द्र प्रसाद, सूरज कुमार, विक्रम, आर.के.पाल, मयंक पाण्डेय, अंकित साहनी, तनवीर अहमद, हरेन्द्र चौधरी, अभिषेक मिश्रा, मनीष श्रीवास्तव, सुमित शुक्ला, परवेज, नितिन चौधरी, सुमित कुमार, देवेन्द्र पाल सिंह, रोहित मिश्रा, मुदित गुप्ता, भावना, पंकज, रजा अब्बास, गौरव श्रीवास्तव, अनिल यादव, देवराज सिंह, सुमरेश पति त्रिपाठी, सुधांशु सक्सेना, आशुतोष त्रिपाठी, अभ्युदमय अवस्थी, दीपक श्रीवास्तव आदि शामिल थे।

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