बुंदेलखंड के किसानों को अगले साल मिलेगा केन-बेतवा प्रोजेक्ट का लाभ: धर्मपाल सिंह

सिंचाई मंत्री ने गिनाईं अपने विभाग की छह माह की उपलब्धियां
कहा, विभाग के बजट का 70 फीसदी धन अवमुक्त, उपभोक्ता समिति रोकेगी जल कुप्रबंधन
लापरवाही के मामले में 126 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, 32 निलंबित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का काम लगभग पूरा हो चुका है, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच जल बंटवारे का कार्य ही अब केवल शेष है। यह काम भी जल्द कर लिया जाएगा। अगले साल से बुंदेलखंड के किसानों को इस परियोजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। यह जानकारी सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में अपने विभाग की छह माह की उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत करने के दौरान दी। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के बजट का 70 फीसदी धन अवमुक्त किया जा चुका है।
तिलक हाल में सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौजूद मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश से जुड़ी चार राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए पिछली सरकार में प्रदेश के हिस्से का धन न देने पर काम नहीं हो सका। हम यह धन केंद्र को भेज रहे हैं इन सभी परियोजनाओं पर काम जल्द शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में शामिल मध्य गंगा नहर परियोजना से बरेली की अरिल और बदायूं की सोत नदी की अविरलता को बनाए रखा जाएगा। जिससे वहां के किसानों को इसका व्यापक लाभ मिलने वाला है। नहरों से होने वाली सिंचाई के संबंध में उन्होंने कहा कि पानी का कुप्रबंधन रोकने के लिए जल उपभोक्ता समितियों का गठन किया जा रहा है। पिछले 11 साल से इन समितियों का गठन नहीं किया गया है। विश्व बैंक परियोजना से आच्छादित एरिया में इन समितियों का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रामगंगा बांध कालागढ़ के टनल टी-1 एवं टी-2 में गत कई वर्षों से खराब बटर फ्लाई वाल्ब एवं सिलेंड्रीकल गेट की मरम्मत कराई गई है और बांध में 350.13 मीटर लेबल तक पानी भरा जा चुका है। जनपद पौड़ी में रामगंगा एवं सैंडिल बांध को पूर्णता स्वचालित कर दिया गया है।
सिंचाई मंत्री ने पिछले छह माह में प्रदेश के 32884 तालाबों को नलकूप और नहर के पानी से भरने का दावा भी किया। उन्होंने विभाग में भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी व्यवस्था कायम करने के संबंध में कहा कि पंजीकृत दागी फर्मों और आपराधिक प्रवृत्ति के ठेकेदारों का पंजीयन समाप्त कर साफ सुथरी छवि की संस्थाओं को मौका दिया जा रहा है। क्रय व आपूर्ति में ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू की गई है। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए परियोजनाओं की जांच कराकर अनियमितता के लिए दोषी पाए गए 126 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है तथा 32 अधिकारी व कर्मचारी निलंबित किए गए हैं।

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