नक्शा पास करने के बदले घूस मांगने का आरोप

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण में नक्शा पास करने के बदले घूस मांगने मामला प्रकाश में आया है। शिकायतकर्ता ने टाउन प्लानर और जेई के खिलाफ उपाध्यक्ष से इसकी लिखित शिकायत की है। उपाध्यक्ष के निर्देश पर सचिव ने दोनों से स्पष्टीकरण मांगा है। कानपुर रोड योजना के सेक्टर जे रेल नगर निवासी सुनील वर्मा ने एलडीए उपाध्यक्ष प्रभुएन सिंह से शिकायत की कि उनसे मानचित्र पास कराने के लिए नगर नियोजक ने नक्शा पास करने के बदले दस हजार की मांग की। उपाध्यक्ष के निर्देश पर इस मामले में सचिव जयशंकर दुबे ने नगर नियोजक व अवर अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं नगर नियोजक और अवर अभियंता ने शिकायत को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यदि शिकायतकर्ता के पास घूस मांगने का कोई प्रमाण है तो पेश करें।

छात्रों ने जानी परमाणु ऊर्जा की उपयोगिता

लखनऊ। आंचलिक विज्ञान नगरी के 28वें वार्षिकोत्सव के समापन मौके पर विविध शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। साथ ही ‘परमाणु ऊर्जा, गलतफहमी, चुनौतियां एवं भविष्य की संभावनायें’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। नरौरा एटामिक पावर स्टेशन बुलंदशहर के ट्रेनिंग सुपरिन्टेंडेन्ट गौरव शर्मा ने छात्रों को परमाणु ऊर्जा व उसकी उपयोगिता की जानकारी दी। श्री शर्मा ने कहा कि देश में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा के प्रयोग पर बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने बिजली के विभिन्न स्रोतों के फायदे एवं नुकसान पर चर्चा की। कार्यक्रमों के अंत में पुरस्कार वितरण किया गया। इस अवसर पर डॉक्टर राज मेहरोत्रा, परियोजना समायोजक आंचलिक विज्ञान नगरी और छात्र मौजूद रहे।

पॉलीथिन प्रतिबंध के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है नगर निगम

लखनऊ। राजधानी में पॉलीथिन प्रतिबंध पर नगर निगम महज खानापूर्ति कर रहा है। निगम के अफसर केवल पॉलीथिन के नाम पर छोटे दुकानदारों पर शिकंजा कस रहे हैं जबकि फैक्ट्रियों में इसका उत्पादन धड़ल्ले से किया जा रहा है। नगर निगम जोन-एक के जोनल अफसर अशोक सिंह ने आज नवीउल्ला रोड पर पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाते हुए ठेले वालों से पांच किलो पॉलीथिन जब्त की। नवीउल्ला रोड पर ठेले लगाने वाले लोगों ने बताया कि थोक दुकानों पर लगातार पॉलीथिन बेची जा रही है। हम छोटे दुकानदार हैं। निगम के अफसर-कर्मचारी एक-आध किलो पॉलीथिन जब्त कर लेते हैं जबकि इस सडक़ पर सैकड़ों दुकाने लगी हैं। वहीं दूसरी ओर अभी तक निगम ने पॉलीथिन उत्पादक कारखानों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

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