नाराज कर्मचारी मुख्यमंत्री योगी से पहली बातचीत में ही पिघले

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। नयी सरकार बनने के बाद से ही संवाद का इंतजार कर रहे कर्मचारी संगठनों में काफी नाराजगी थी। राज्य कर्मचारियों को करीब छह महीने बाद जब सीएम से मुलाकात और बातचीत का मौका मिला तो मुख्यमंत्री योगी से थोड़ी देर की वार्ता में ही छह महीने की बर्फ पिघल गई। कर्मचारियों के पास शिकायतें तो कई थीं और मांगों की फेहरिस्त भी लंबी थी लेकिन मुख्यमंत्री ने हर बात पर जवाब दिया और भरोसा दिलाया कि प्रदेश में विकास की गाड़ी जिन कर्मचारियों की बदौलत आगे बढऩी है, उनका किसी तरह भी अहित या उत्पीडऩ नहीं होने दिया जाएगा।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने बताया कि सीएम ने आश्वस्त किया है कि स्क्रीनिंग में उनकी नजर छोटे नहीं, बड़े अधिकारियों पर है। किसी छोटे कर्मचारी पर अन्याय न होने देने के लिए मुख्यमंत्री ने इसकी व्यापक समीक्षा करने को कहा है। उन्होंने फील्ड कर्मचारियों को मोटरसाइकिल भत्ता देने की मांग पर भी सहमति जताई। इसके अलावा कैशलेस इलाज की सुविधा सहित अन्य बिंदुओं पर भी वार्ता के बाद परिषद के पदाधिकारियों ने सीएम से मिले आश्वासनों पर संतोष जताया। सीएम ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए लेखपालों को लैपटाप या स्मार्ट फोन देने और राजस्व निरीक्षकों के पद पर शत प्रतिशत पदोन्नति करने पर कैबिनेट बैठक में निर्णय कराने की बात कही है। जबकि पुरानी पेंशन व्यवस्था पर कहा कि मामला केंद्र सरकार का है और नीतिगत भी है। इसलिए केंद्र से बातचीत कर हल निकाला जायेगा।

 

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