लोहिया ट्रस्ट से रामगोपाल हटे, शिवपाल बने सचिव

  • मुलायम सिंह ने लिया बड़ा फैसला, सियासी गलियारे में चर्चा तेज
  • सपा संरक्षक मुलायम सिंह की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक
  • शिवपाल यादव व भगवती सिंह व राजेश यादव सहित तमाम नेता बैठक में मौजूद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई लोहिया ट्रस्ट की बैठक में समाजवादी पार्टी के अंदर चल रही आपसी रार एक बार फिर देखने को मिली, जब ट्रस्ट की अहम बैठक में राम गोपाल यादव को सचिव पद से हटा दिया गया। उनकी जगह शिवपाल यादव को ट्रस्ट का नया सचिव बनाया गया है। इस बैठक में सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राम गोपाल यादव शामिल नहीं हुए। बैठक में प्रबंध कार्य समिति और कुछ सदस्यों की सदस्यता को लेकर चर्चा चल रही है। वहीं आने वाले दिनों में मुलायम सिंह की तरफ से किसी बड़े राजनीतिक फैसले की आशंकाओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
यादव परिवार में एक बार फिर सियासी घमासन नजर आया। लोहिया ट्रस्ट की बैठक में मुलायम और शिवपाल के अलावा परिवार का अन्य कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ। इस बैठक का अखिलेश यादव और उनके करीबियों ने बहिष्कार कर दिया है। आज की बैठक में अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव, आजम खान, धर्मेंद्र यादव और बलराम यादव नहीं शामिल हुए हैं। इससे साफ है कि मुलायम कुनबे में कलह जारी है। मालूम हो कि मुलायम के अलावा शिवपाल सिंह यादव, अखिलेश यादव और रामगोपाल भी लोहिया ट्रस्ट के सदस्य हैं। इसी साल अगस्त में मुलायम ने लोहिया ट्रस्ट की बैठक ली थी, अखिलेश और राम गोपाल उस बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने पिछले दिनों लोहिया ट्रस्ट कार्यालय में हुई बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए अखिलेश के करीबी चार सदस्यों राम गोविंद चौधरी, ऊषा वर्मा, अशोक शाक्य और अहमद हसन को ट्रस्ट से बेदखल कर दिया था। ये सभी सदस्य अखिलेश यादव के करीबी हैं। सपा संरक्षक मुलायम सिंह ने इन चार सदस्यों की जगह शिवपाल के चार करीबियों को सदस्य बनाया था। जिनमें दीपक मिश्रा, राम नरेश यादव, राम सेवक यादव और राजेश यादव सदस्य बनाये गए। हालांकि राजनीतिक जानकार इसे मुलायम परिवार में सुलह की आखिरी कोशिशों के तौर पर भी देख रहे हैं। मालूम हो कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में 5 अक्टूबर को आगरा में सपा का राष्ट्रीय अधिवेशन और 23 सिंतबर को लखनऊ में सपा का प्रदेश सम्मेलन होगा। प्रदेश सम्मेलन से दो दिन पहले मुलायम सिंह यादव द्वारा लोहिया ट्रस्ट के बहाने अपने भरोसेमंद नेताओं की बैठक बुलाने से राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। चर्चा इस बात पर भी है मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मौजूदा हालात, सपा में अनदेखी जैसे मुद्दों पर भी विचार कर सकते हैं। इसके अलावा वह कोई बड़ा राजनीतिक फैसला भी ले सकते हैं।

मुलायम हैं मुख्य ट्रस्टी

लोहिया ट्रस्ट में मुलायम सिंह यादव मुख्य ट्रस्टी हैं। जबकि रामगोपाल यादव ट्रस्टी सचिव थे। अब शिवपाल सचिव बन गये हैं। इन दोनों के अलावा 11 और ट्रस्टी हैं, जिनमें अखिलेश यादव, बलराम यादव, शिवपाल यादव, आजम खां, भगवती सिंह, दीपक मिश्रा, जगपाल सिंह, रामसेवक यादव, रामनरेश यादव और राजेश यादव शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर ट्रस्टी मुलायम के करीबी हैं। लोहिया ट्रस्ट की बैठक में अखिलेश और रामगोपाल यादव के शामिल न होना चर्चा का विषय है। ट्रस्ट की पिछली बैठक में भी दोनों नहीं आए थे।

अगले वर्ष तक प्रदेश बन जाएगा खुले में शौच मुक्त: टंडन

  • चिकित्सा मंत्री आशुतोष टंडन ने सफाई की अपील की
  • केजीएमयू में स्वच्छता पखवाड़े का हुआ समापन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदश में 60 से 65 प्रतिशत आबादी के पास अपना शौचालय नहीं है। इस वर्ष सरकार का लक्ष्य 30 जिलों को शौच मुक्त बनाना है। वहीं अगले वर्ष दो अक्टूबर तक पूरे प्रदेश को शौच मुक्त बना दिया जाएगा। यह वक्तव्य चिकित्सा मंत्री आशुतोष टंडन ने केजीएमयू के ब्राउन हाल में आयोजित स्वच्छता पखवाड़े के समापन मौके पर दिया।
उन्होंने कहा कि केजीएमयू का इन्वायरमेंटल सेल सर्वश्रेष्ठï है और जल्द ही इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा यूएनडीपी की टीम ने केजीएमयू को सर्वश्रेष्ठï घोषित किया है। केजीएमयू के चिकित्सक स्वच्छता पर जागरूकता फैलाएं। इसका व्यापक असर पड़ता है। लोग चिकित्सकों की बात मानते हैं। केजीएमयू के वीसी एमएलवी भट्ट ने कहा कि देश में साफ सफाई की स्थित निराशाजनक है। गंदगी का बीमारी से नाता है। यह व्यवस्था की कमजोरी है। उन्होंने कहा कि यूएनडीपी की टीम ने केजीएमयू के बायोमेडिकल वेस्ट सिस्टम को ईस्ट इंडिया में अडॉप करने की संस्तुति की है।

उद्घाटन

प्रदेश सरकार के खादी ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी ने आज सेवा इंटरनेशनल और सिविल सोसाइटी लखनऊ द्वारा गुलाम हुसैन का पुरवा (निकट चंद्र आई हॉस्पिटल) विभूतिखंड गोमतीनगर लखनऊ के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय में रेडीमेड स्टील शौचालय का उद्घाटन किया।

क्वीनमेरी में बच्चे की मौत पर हंगामा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। क्वीनमेरी हॉस्पिटल में बच्चे की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। परिजनों का आरोप है कि बच्चे की मौत डॉक्टर की लापरवाही के कारण हुई है। हरदोई के रहने वाली मनीषा को रविवार शाम भर्ती किया गया था। सुबह नार्मल डिलीवरी से बच्चा पैदा हुआ। खून की कमी के कारण बच्चे को ट्रामा में रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान आज सुबह बच्चे की मौत हो गई। वहीं बच्चे के पिता पुट्टी लाल ने बच्चा उसका नहीं है कहकर खूब हंगामा काटा। चिकित्सा अधीक्षक ने मामले को शांत कराया। चिकित्सा अधीक्षक जैसवार का कहना है कि बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की गई लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

जनता अदालत में एलडीए ने फिर दिया फरियादियों को कोरा आश्वासन

  • बवाल की आशंका में सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी, समाधान के लिए चक्कर लगा रहे हैं लोग
  • समस्या का समाधान नहीं होने से फरियादियों में आक्रोश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एलडीए की जनता अदालत में आज अफसरों ने लोगों की समस्याओं को सुना, लेकिन अधिकांश फरियादियों को आश्वासन देकर लौटा दिया गया। इस दौरान पिछली बार हुए बवाल का असर भी देखने को मिला, प्राधिकरण ने जनता अदालत में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। फरियादियों के अलावा किसी अन्य को अंदर नहीं जाने दिया गया।
चौपटिया से आए मनीष वर्मा ने बताया कि पिछली बार उनको यह आश्वासन मिला था कि अगली जनता अदालत तक मामले का निस्तारण कर दिया जाएगा, लेकिन इस बार भी मामले का निस्तारण नहीं हुआ। जबकि वसंतकुंज योजना में आवंटित प्लाट के बदले में उन्होंने सारी रकम जमा कर दी है। अब तक उन्हें कब्जा नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि एलडीए के अधिकारी और कर्मचारी जान बूझकर उनके मामले को अटका रहे हैं। यदि उन्हें न्याय करना होता तो बार-बार आश्वासन नहीं देते। वहीं जनता अदालत में पहुंचे आवंटी मुकेश कुमार ने बताया कि इस बार एलडीए ने उन्हें दूसरी जगह मकान देने का आश्वासन दिया है, लेकिन कब तक मकान मिलेगा। यह नहीं बताया गया। वहीं एक अन्य फरियादी ने बताया कि वह अपने प्लाट पर कब्जे के लिए कई साल से एलडीए का चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

एनडी तिवारी की हालत नाजुक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता एनडी तिवारी की तबियत बिगड़ गई है। ब्रेन हैमरेज के बाद उन्हें दिल्ली स्थित साकेत के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। एनडी तिवारी उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड के भूतपूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। तिवारी तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उत्तर प्रदेश के विभाजन के बाद वे उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के भी मुख्यमंत्री बने। 1990 में एक वक्त ऐसा भी था जब राजीव गांधी की हत्या के बाद प्रधानमंत्री के तौर पर उनकी दावेदारी की चर्चा भी हुई पर उनकी जगह कांग्रेस के भीतर पीवी नरसिंह राव के नाम पर मुहर लग गई। बाद में तिवारी आंध्र प्रदेश के राज्यपाल बनाए गए लेकिन उनका कार्यकाल विवादास्पद रहा।

संक्षिप्त खबरें

त्रिपुरा में टीवी पत्रकार की चाकू मारकर हत्या

लखनऊ। पश्चिमी त्रिपुरा में एक पत्रकार की हत्या कर दी गई। इंडिजीनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के आंदोलन को कवर करने के दौरान टीवी पत्रकार का अपहरण कर हत्या कर दी गई। पुलिस अधीक्षक अभिजीत सप्तर्षि ने बताया कि दिनरात न्यूज चैनल के पत्रकार शांतनु भौमिक मंडई में आईपीएफटी के सडक़ जाम और आंदोलन को कवर रहे थे। इस दौरान उन पर पीछे से हमला किया गया। इसके बाद उनका अपहरण कर लिया गया। उन्होंने बताया कि बाद में भौमिक का पता लगा और उनके शरीर पर चाकू से हमले के कई निशान थे। उन्हें तत्काल अगरतला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत लाया घोषित कर दिया। त्रिपुरा के स्वास्थ्य मंत्री बादल चौधरी ने उनकी हत्या की निंदा की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंडई में स्थिति तनावपूर्ण है और क्षेत्र में पहले से ही धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है। वहां अतिरिक्त पुलिस बल भेजे जा रहे हैं। सीपीएम के जनजातीय प्रकोष्ठï गण मुक्ति परिषद के करीब 100 कार्यकर्ता अगरतला से करीब 40 किलोमीटर दूर खोवै जिले के छनखोला क्षेत्र में आईपीएफटी के साथ झड़प में घायल हो गए थे. इसके बाद इलाके में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी।

सरकारी सील तोडक़र फार्महाउस में सम्मेलन कर रही बीजेपी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में आज भारतीय जनता पार्टी अपना किसान सम्मेलन आयोजित कर रही है। इस कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद हैं। वहीं सम्मेलन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पार्क के मेन गेट पर लगी सरकारी सील तोडऩे का मामला भी सामने आया है। जबकि भाजपा की इस हरकत पर सरकार समेत गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी के अफसर भी मौन हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक किसान सम्मेलन के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को ही फार्म हाउस पर लगी सील को तोड़ दिया था। इसके बाद सम्मेलन को लेकर सारी तैयारियां की जाने लगीं। वहां टेंट, दरी, कुर्सियां और पीने के पानी के टैंक की व्यवस्था की जा रही थी। गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी को भी घटना की जानकारी थी लेकिन अफसरों ने भाजपा कार्यकर्ताओं से फार्म हाउस पर लगी सरकारी सील तोड़े जाने का कारण पूछने की जहमत नहीं उठाई। इस मामले में अथॉरिटी के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने भी मौन धारण कर लिया।

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