यूपी में उल्टी गंगा बहाने की कोशिश कर रहे हैं योगी: मायावती

बसपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
कहा, श्वेत पत्र जारी कर अपनी कमियों को छुपाने की कोशिश कर रही सरकार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने योगी सरकार द्वारा जारी श्वतेपत्र की जमकर आलोचना की है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ उल्टी गंगा बहाने की कोशिश कर रहे हैं। श्वेत पत्र जारी कर प्रदेश सरकार अपनी कमियों को छुपाने की कोशिश कर रही है।
मायावती ने कहा कि श्वेत पत्र जारी करना प्रदेश सरकार की छोटी सोच का नतीजा है। इसके जरिए वह सस्ती लोकप्रियता पाना चाहती है। उन्होंने प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था की ओर इशारा करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ को कायदे से अपनी सरकार पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। केवल सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसा करने को उचित नहीं माना जा सकता है। गौरतलब है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों श्वेत पत्र जारी किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती अखिलेश यादव और मायावती सरकार पर आरोपों की बौछार कर दी थी। उन्होंने आंकड़ों और तथ्यों का हवाला देते हुए बताया था कि किस तरह सपा-बसपा की सरकारों के भ्रष्टाचार व बदइंतजामी से प्रदेश को हजारों करोड़ की चपत लगी। संसाधनों की बर्बादी हुई और जनता लाभ से वंचित रही और प्रदेश प्रगति की दौड़ में पिछड़ता चला गया। 2003-04 से 2016-17 के बीच रही विपक्षी दलों की सरकारों पर योगी ने जमकर निशाना साधा था। इस दौरान सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव से लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की सरकार रही थी।
दरअसल श्वेत पत्र में कानून-व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, सरकारी नौकरियों की भर्ती में भेदभाव व भ्रष्टाचार का आरोप पिछली सरकारों पर लगाया गया है। इसमें बताया गया है कि किस तरह बसपा राज में चीनी मिलों की बिक्री में 375 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया गया। स्मारकों के निर्माण में घोर अनियमितता का हवाला देते हुए कहा गया है कि 943.73 करोड़ की मूल परियोजना बढ़ाकर 4558.01 करोड़ की गई। परियोजनाओं में 3537.68 करोड़ के नए काम जोड़े गए। यह पूरी तरह अनुपयोगी व्यय था।

डेरा की जमीन के नीचे 600 लोगों के कंकाल दफन

डेरा सच्चा के चेयरपर्सन और वाइस प्रेसिडेंट से पूछताछ में हुआ खुलासा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन विपश्यना इंसा और वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पीआर नैन से हरियाणा पुलिस की एसआईटी लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस जांच में पता लगा है कि डेरा सच्चा सौदा के सिरसा मुख्यालय की जमीन और खेतों में करीब 600 लोगों की हड्डियां और कंकाल दफन हैं। इस बात को पीआर नैन ने भी पूछताछ में स्वीकार किया है।
पीआर नैन ने पुलिस को दलील दी है कि डेरा अनुयायियों का ऐसा विश्वास है कि मौत के बाद यदि उनकी अस्थियां डेरे की जमीन में दबा दी जाएंगी, तो उन्हें मोक्ष मिलेगा। इसी वजह से डेरे की जमीन में करीब 600 लोगों की अस्थियां और कंकाल दफन हैं। हालांकि, पुलिस इस एंगिल पर भी जांच कर रही है कि लोगों को मारकर खेतों में उनकी लाशें दबा दी गई हैं। दरअसल डेरे के कुछ पूर्व सेवादारों ने आरोप लगाया था कि डेरा या राम रहीम के खिलाफ बोलने वाले लोगों की हत्या करके उनकी लाश खेतों में दफना दी जाती थी। उसके ऊपर पेड़ लगा दिए जाते थे, ताकि किसी को इसके बारे में पता न चल सके। उनका कहना था कि राज फाश होने के डर से डेरे में इन जगहों पर खुदाई करने या पेड़ काटने तक की मनाही थी। इससे पहले एसआईटी ने विपश्यना इंसा से सोमवार को करीब सवा तीन घंटे तक गहन पूछताछ की थी। वहीं डेरा के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पीआर नैन और विपश्यना के जवाब में विरोधाभास देखने को मिल रहा है।

बकायेदारों के खिलाफ लेसा का अभियान जारी

लखनऊ। लेसा बिजली का बिल जमा नहीं करने वाले बकायेदारों के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चला रहा है। लेसा की तरफ से सभी वितरण खंडों में बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में लेसा की 91 टीमों ने 365 बिजली के बकायेदारों का कनेक्शन काटा और 141 बकायेदारों ने मौके पर ही 39.14 करोड़ का बकाया भुगतान किया। वहीं बिजली चोरी की धारा 135 के खिलाफ 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। दरअसल प्रदेश सरकार ने बिजली चोरी करने वालों और बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जो लोग बिजली की चोरी करते पकड़े जायेंगे उन्हें जेल भेजने का फरमान जारी किया गया है। इसके साथ ही बिजली बिल का समय से भुगतान नहीं करने वालों और बड़े बकायेदारों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इन अधिकारियों से जुर्माना वसूलने के साथ ही कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसी वजह से लेसा की तरफ से भी नियमित अभियान चलाये जा रहे हैं।

अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई टली

लखनऊ। अमीनाबाद रोड स्थित मस्जिद के पास कराये जा रहे अवैध निर्माण के खिलाफ फिलहाल एलडीए के लिए कार्रवाई कर पाना मुश्किल लग रहा है। इस बिल्डिंग को सील करने की कार्रवाई में साम्प्रदायिक तनाव का डर बना हुआ है। इसलिए मामले को गंभीरता से लेकर अमीनाबाद थाने के उप निरीक्षक ने प्राधिकरण को पत्र भेज कर कार्रवाई स्थगित करने की बात कही है। उन्होंने अफसरों को कानून व्यवस्था और शांति व्यवस्था का हवाला दिया है। दरअसल लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अमीनाबाद में सडक़ पर मस्जिद के निकट बन रह अवैध निर्माण को सील करने के लिए स्थानीय पुलिस की मांग की थी। अमीनाबाद थाने के उप निरीक्षक राम नारायण की ओर से सचिव को पत्र लिखा गया कि दोनों अवैध दुकानों की दूसरी मंजिल तक का निर्माण पूर्व में पूर्ण हो चुका है। तीसरी मंजिल के निर्माण होने से मस्जिद का वेंटीलेशन बंद हो जाएगा। चूंकि प्रकरण दो समुदायों के मध्य का है। इसलिए साम्प्रदायिक तनाव बना हुआ है। ऐसी में मोहर्रम व दुर्गा पूजा का त्यौहार भी नजदीक है। निर्माण सील होने की दशा में दोनों समुदायों के मध्य तनाव बढ़ सकता है। पुलिस की ओर से भेजे गए पत्र के बाद अब एलडीए अफसरों में हडक़ंप मचा हुआ है। अफसरों को अपने कार्य में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अफसरों का कहना है कि बिना पुलिस बल के प्राधिकरण की ओर से सीलिंग की कार्रवाई करना नामुमकिन है। इसलिए अब त्यौहारों के बाद ही कार्रवाई की तैयारी की जाएगी।

उत्कल एक्सप्रेस को जानबूझकर टूटी पटरी पर दौड़ाया

रेलवे सुरक्षा कमिश्नर की रिपोर्ट में खुलासा
समय से मिली थी जानकारी, टाला जा सकता था हादसा
हादसे में 20 यात्रियों की हुई थी मौत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। एक महीने पहले हुए उत्कल ट्रेन हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद सामने आई रेलवे सुरक्षा कमिश्नर की रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई। लेकिन अब सामने आया है कि इस रिपोर्ट में जिस नोट को मुख्य सबूत के रूप में इस्तेमाल किया गया उससे छेड़छाड़ की गई थी। बताया जा रहा है कि हादसे से करीब 45 मिनट पहले ही ये बात सामने आ गई थी कि खटौली ट्रैक असुरक्षित है। इस नोट पर स्थानीय रेलवे अधिकारी के हस्ताक्षर के नीचे दिनांक 19 अगस्त (हादसे का दिन) भी मौजूद है। वहीं जो नोट रेलवे सुरक्षा कमिश्नर की रिपोर्ट में लगाया गया है, उस पर 20 अगस्त यानि हादसे के एक दिन बाद की तारीख नजर आ रही है। यदि अधिकारी मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करते तो हादसे को टाला जा सकता था।
रेलवे सुरक्षा कमिश्नर की रिपोर्ट के अनुसार हादसे से करीब 45 मिनट पहले शाम 5 बजे पर्मानेंट वे इंस्पेक्टर मोहनलाल मीना ने खटौली स्टेशन मास्टर प्रकाश चंद को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उसने ट्रैक पर ट्रैफिक ब्लॉक करने की इजाजत मांगी थी। ज्ञापन के आखिर में ये बात खासतौर पर लिखी गई थी कि ‘ट्रैक अनसेफ है, कृपया ब्लॉक देने की कृपा करें।’ ब्लॉक की प्रक्रिया रूटीन का हिस्सा है, लेकिन नोट में लिखा ‘अनसेफ’ शब्द आम बात नहीं है।

वाराणसी दौरे पर पीएम जनता को देंगे सौगात

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 सितंबर को अपने संसदीय क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के दौरे पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा दो दिवसीय है, जिसके तहत वे वाराणसी में कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। इसके साथ ही वे कई योजनाओं की सौगात भी वाराणसी वासियों को देंगे। वाराणसी दौरे के दौरान पीएम मोदी महामना एक्सप्रेस हरी झंडी दिखायेंगे। यह ट्रेन वाराणसी से बड़ोदरा तक चलेगी। ट्रेन ये दूरी 27 घंटे में पूरा करेगी। इसके अलावा पीएम मोदी वाराणसी की जनता को कई योजनाओं की सौगात भी देंगे।

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