संगीत की सरिता में दर्शकों ने लगाई डुबकी

राज्यपाल राम नाईक ने किया समारोह का उद्घाटन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। भातखंडे संगीत संस्थान सम विश्वविद्यालय की ओर से भातखंडे संगीत समारोह 2017 का चार दिवसीय आयोजन सोमवार को संत गाडगे सभागार में शुरू हुआ। राज्यपाल राम नाईक ने समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस मौके पर कलाकारों ने शास्त्रीय गायन और नृत्य से लोगों का मन मोह लिया।
उद्घाटन मौके पर राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि भातखंडे संगीत सम. विश्वविद्यालय भारत का इकलौता संगीत विवि है। इसकी गुणवत्ता को देखते हुए समय आ गया है कि इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने के लिए प्रयास किए जाएं। इसका कुलाधिपति होने के नाते इस बात की सिफारिश मैं स्वयं करूंगा। उन्होंने कहा कि भातखंडे 90 साल का हो गया है। अब ये संस्थान शतक लगाने की ओर है। इन नब्बे सालों में तमाम बड़े नाम निकले हैं और उन कलाकारों ने भारतीय संगीत का परचम देश ही नहीं विदेशों में फैलाते हुए इसकी गुणवत्ता बनाए रखी।
भातखंडे संगीत समारोह के पहले दिन शास्त्रीय संगीत से श्रोता भावविभोर हो गए। राष्ट्रगान से संगीत समारोह की शुरुआत की गई। इसके बाद संस्थान के छात्र-छात्राओं ने भातखंडे कृति की प्रस्तुति की। सीमा भारद्वाज के निर्देशन में हुई इस प्रस्तुति में सारंगी पर जीशान अब्बास, हारमोनियम पर महेश्वर दयाल, तबले पर भरत कुमार और मधुकर तिवारी ने संगत की।

कार्यक्रम में गोवा से आए मशहूर शास्त्रीय गायक शशांक मक्तेदार ने शास्त्रीय गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने सबसे पहले राग कामोद में छोटा ख्याल में मनमोहक प्रस्तुति दी। समारोह में वरिष्ठ भरतनाट्यम नृत्यांगना संध्या पुरेचा ने भरतनाट्यम की झलक पेश की। लगभग एक घंटे की भावपूर्ण प्रस्तुति में संध्या पुरेचा ने अपने सहयोगी कलाकारों के साथ नृत्य की उत्पत्ति से लेकर नृत्य के आयामों में हुए बदलावों को प्रदर्शित किया। उन्होंने प्रकृति और समाज में हुए बदलावों को पेश किया।

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