राजधानीवासियों को अभी नहीं मिलेगी डेंगू और स्वाइन लू से निजात

उमस और गर्मी ने बढ़ाया प्रकोप मरीजों की संख्या में इजाफा

स्वास्थ्य विभाग पड़ा सुस्त, केवल इलाज और दवा देने तक सिमटा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। राजधानी समेत प्रदेश के तमाम जिलों में स्वाइन फ्लू और डेंगू लगातार अपना पैर पसार रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सकों की मुताबिक फिलहाल डेंगू और स्वाइन फ्लू से निजात नहीं मिलेगी। जिस तरह मौसम में तेजी से बदलाव आ रहा है उससे डेंगू और स्वाइन फ्लू और खतरनाक रूप ले सकता है। अभी तक प्रदेश में 2957 लोग स्वाइन फ्लू की चपेट में आ चुके हैं और 67 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वाइन फ्लू की तरह डेंगू भी खतरनाक रूप लेता जा रहा है। डेंगू से प्रदेश में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 448 लोगों को इसने अपनी चपेट में लिया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग सुस्त पड़ चुका है। विभाग केवल इलाज और दवा वितरित करने तक सिमट गया है।
प्रदेश में स्वाइन फ्लू का सबसे अधिक असर राजधानी लखनऊ में देखा जा रहा है। यह हाल तब है जब लखनऊ में पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान जैसे केंद्र मौजूद हैं और लखनऊ में स्वाइन फ््लू को लेकर व्यापक पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाये गए हैं। राजधानी लखनऊ में इस वर्ष अब तक स्वाइन फ्लू से 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 1756 लोग बीमार हो चुके हैं। इसी तरह लखनऊ में डेंगू के इस वर्ष अब तक 48 मामले सामने आये हैं जिनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि इस माह डेंगू और स्वाइन फ्लू का असर बढ़ेगा। जिस तरह से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और मौतों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है, उससे स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। यह स्थिति तब है जब बारिश का मौसम शुरू होने से पहले लखनऊ हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को नोटिस भेजकर डेंगू से निपटने की तैयारियों को लेकर जवाब मांगा था। हाईकोर्ट की नोटिस के बाद स्वास्थ्य महकमे ने जागरूकता अभियानों की शुरुआत की और बीमारियों से निपटने की तैयारियां पुख्ता होने का दावा किया।
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए लगातार जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू और स्वाइन फ्लू के मरीजों के परीक्षण और इलाज की व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं।
-डॉ. जीएस बाजपेई , सीएमओ

यहां हैं सहायता केंद्र
स्वाइन फ्लू के रोगियों के लिए राजधानी में दवा वितरण केंद्रों की स्थापना की गई है। किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय और एसजीपीजीआई में स्वाइन फ्लू के रोगियों को दवा देने के लिए सहायता केंद्र की शुरुआत की गई है। इन सहायता केंद्रों पर स्वाइन फ््लू के मरीजों को दवाएं देने की व्यवस्था की गई है।

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